इंडियन कुकिंग में तड़का मतलब है टेम्परिंग। इस प्रक्रिया में गर्म तेल या घी में मसाले डालना और किसी डिश में डालने से पहले इसे अच्छे से चिटकने देना शामिल है। हालांकि इसे किसी भी भारतीय रेस्टोरेंट के मेनू में तड़के के रूप में उल्लेख किया जाता है, लेकिन यह देश भर में कई नामों से जाना जाता है, जहां इसे बघार, छौंक, थालीपु, वगराने आदि के रूप में संदर्भित किया जा सकता है।

हालांकि नाम कई हैं, लेकिन तकनीक अधिकांश क्षेत्रों में समान है। तेल या फैट और मसाले जो इस्तेमाल किए जाते हैं, वे एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में या यहां तक कि एक घर से दूसरे घर में भी अलग हो सकते हैं। जैसे देशभर में तड़के के लिए घी का लोकप्रिय रूप से इस्तेमाल किया जाता है लेकिन साउथ इंडिया में भी नारियल के तेल का इस्तेमाल करते हैं, जबकि उत्तर और पूर्व भारतीय सरसों के तेल या तिल के तेल का इस्तेमाल करते हैं।

इसलिए लगाते हैं तड़का

इस तकनीक का इस्तेमाल किसी भी डिश के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। जब मसाले गर्म तेल में डाले जाते हैं, तो यह अपनी सुगंध और स्वाद को फैट में छोड़ देते हैं जो किसी भी डिश में ट्रांसफर हो जाते हैं जिसमें इसे मिलाया जाता है। हालांकि केवल फ़्लेवर ही तड़के के इस्तेमाल का एक कारण नहीं है। हॉट फैट भी मसाले के चिकित्सकीय गुणों को सक्रिय करने में मदद करते हैं और इसलिए डिश का पोषण मूल्य भी बढ़ता है।

ये है तड़के की सामग्री

तड़के के लिए बेसिक रेसिपी में फैट और इनमें से एक या कई सामग्रियां शामिल हैं जैसे साबुत मसाले, दाल, हींग, करी पत्ता, नट्स और सुगंधित पदार्थ जैसे लहसुन और प्याज। कुछ उदाहरण होंगे

राई, जीरा, मेथी बीज, लाल मिर्च और हरी मिर्च दोनों, करी पत्ते, हींग, उड़द और चना दाल, काली इलाइची, साबुत काली मिर्च, तेज पत्ता, दालचीनी, धनिये के बीज, निगेल्ला बीज, अजवाइन, अदरक,  लहसुन,  टमाटर  और प्याज जैसे सुगंधित पदार्थ नट्स जैसे काजू, मूंगफली, बादाम आदि।

इस्तेमाल करने के लिए सबसे अच्छा फैट या ऑयल हाई स्मोकिंग पॉइंट वाला होना चाहिए (जैसे घी या नारियल तेल) क्योंकि हाई स्मोकिंग पॉइंट वाला तेल आसानी से नहीं जलता है।

ये है तड़के का सही समय

कई लोग को कंफ़्यूज़न होता है कि तड़के के लिए सही समय क्या है, तो इसका जवाब है कि यह निर्भर करता है। कुछ रेसिपी में शुरुआत में टेम्परिंग की प्रक्रिया होती है जैसे गोभी आलू, दाल तड़का आदि में लेकिन नारियल की चटनी या ककड़ी का रायता जैसी डिश में सर्व करने के ऊपर से डाले जाते हैं।

यदि तड़का कुकिंग की शुरूआत में लगता है तो उसके लिए कड़ाही का इस्तेमाल करें। अगर आखिरी में तड़का लगा रहे हैं, तो तड़का पैन का इस्तेमाल करें।

रीज़नल तड़कों के बारे में जानिए

अगर आप अपने खाने में तड़का डालना चाहते हैं तो ये 6 अलग-अलग रीज़नल तरीकों को अपनाकर देखिए।

साउथ इंडियन तड़का

राई, करी पत्ता, हींग और लाल मिर्च साउथ इंडियन तड़के में अधिकतर इस्तेमाल की जाती है। कई बार चना दाल का इस्तेमाल भी करते हैं जो कि खाने में सुगंध और स्वाद जोड़ता है। इन्हें आमतौर पर नारियल तेल या घी में बघारा जाता है। आप कर्ड राइस, कोकोनट चटनी या कुकुंबर रायता में इस टेम्परिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।

पंच फोरन

पंच फोरन यानी पांच मसाले। यह तड़का बंगाली डिशेज में आम है। यह मसालों का मिश्रण है सौंफ, अजवायन, मेथी, प्याज के बीज और राई जैसे मसाले शामिल हैं। इसे केवल सरसों के तेल में तड़का लगाया जाता है। यह तड़का दाल, मटन या फिश करी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

बिना प्याज लहसुन वाला तड़का

उन घरों में जहां खूब प्याज और लहसून नहीं खाते हैं, वहां खाने का सार मसालों से आता है। जीरा, सौंफ और हींग कुछ ऐसे मसाले हैं जो भोजन में थोड़ा स्वाद और जोड़ने में काम आते हैं। यह तड़का खासतौर पर दालों में इस्तेमाल किया जाता है।

गुजराती तड़का

गुजराती तड़के में हल्दी, हींग, कुटी हुई अदरक और मिर्ची का पेस्ट डालना आम है और भोजन के रंग को बढ़ाने के लिए टमाटर का इस्तेमाल करते हैं। आप इस तड़के को लोकप्रिय गुजराती दाल या सूखी सब्जी के लिए उपयोग करते हैं।

कश्मीरी तड़का

कश्मीरी तड़के में इलायची, दालचीनी, काली मिर्च और तेजपान पत्ते जैसे गरम मसाले होते हैं। यह तड़का आपके खाने को तीखा बनाता है और आपके खाने को थोड़ा टेक्सचर और बढ़त देता है। इस तड़के को अपनी करी और दाल के लिए इस्तेमाल करें।

पंजाबी तड़का

पंजाबी तड़का टमाटर, प्याज और हरी मिर्च के साथ बनाया जाता है। यह तीखा और स्वाद से भरपूर होता है जो कि सबसे हल्की सामग्री को भी रोमांचक और स्वादिष्ट बनाता है। आप इसका स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा अदरक मिला सकते हैं। इसका मुख्य आकर्षण है तड़के में सारा फ़्लेवर डाले और फिर मुख्य सामग्री के साथ मिक्स करें। सुनिश्चित करें कि आप तड़का नहीं जलाएं, आपकी इसकी गंध से पता चल जाएगा। डिश को धनिये से गार्निश करें और आपकी डिश तैयार है।

तड़के की प्रक्रिया के लिए इन बातों का रखें ध्यान

  • मसाले डालने से पहले तेल/घी को गर्म होने दें। मसाले को तेल में डालते ही चटकना चाहिए।
  • जल्दी पकने वाली सामग्री आखिरी में डालते हैं जैसे करी पत्ते जल्दी जल जाएंगे। इसलिए हमेशा राई के फूटने के बाद ही डालने चाहिए।
  • अधिकांश मसालों को चटकने में कुछ ही सेकंड लगते हैं, इसलिए तेजी से आगे बढ़ें और तड़के के लिए सामग्री पहले से ही तैयार रखें।
  • अगर मसाला जल गया हो तो तड़का डिस्कार्ड कर दें, नहीं तो आपकी डिश में जला हुआ स्वाद आएगा।
  • तड़के में कभी-भी किसी भी रूप में नमी न डालं। इससे आग लग जाएगी।
  • करी पत्ते को इस्तेमाल करने से पहले उसे पोंछ लें। आग से निपटने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि गैस बंद कर दी जाए और ढक्कन से ढककर ऑक्सीजन सप्लाई में कटौती की जाए।
  • जब तड़का गर्म होता है तो उसका बेहतर इस्तेमाल होता है। अगर तड़का को फिनिशिंग टच के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तो डिश तैयार होने के बाद इसे बनाएं। और यदि आप तड़के के साथ अपनी डिश शुरू कर रहे हैं, तो जैसे ही मसाले चटकने लगें, प्याज और लहसुन जैसी सुगंधित सामग्री डालें।

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