Palak Tiwari with Salman: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान का अंदाज़ सबको पता है — सादगी से सवाल पूछते हैं, लेकिन असर गहरा छोड़ते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ जब उन्होंने टीवी की मशहूर अदाकारा श्वेता तिवारी की बेटी, 18 साल की पलक तिवारी से पूछा, “ज़िंदगी में आगे क्या करना है?” जवाब में जो बात सामने आई, वो ना सिर्फ चौंकाने वाली थी, बल्कि प्रेरणादायक भी।
कैमरे के पीछे की दुनिया में दिलचस्पी
जहां ज़्यादातर स्टार किड्स सीधा कैमरे के सामने आने की चाह रखते हैं, वहीं पलक ने एक अलग राह चुनी। उन्होंने कहा कि वो बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर (AD) काम करना चाहती हैं। इस जवाब ने सबको हैरान कर दिया, लेकिन यही तो खासियत है इस नई पीढ़ी की — सोच में गहराई और फैसलों में समझदारी।
सलमान खान की प्रतिक्रिया: “वाह, ये तो कुछ अलग है!”
सलमान खान, जो कई नए चेहरों को लॉन्च कर चुके हैं, पलक की सोच से प्रभावित हुए। उन्होंने ना सिर्फ पलक की तारीफ की, बल्कि उन्हें यह भी बताया कि फिल्म की असली समझ सेट पर काम करने से ही आती है। उनके मुताबिक, एक्टिंग से पहले फिल्ममेकिंग की बारीकियां समझना एक बेहतरीन कदम है।
असिस्टेंट डायरेक्टर बनने की पीछे की वजह
पलक तिवारी ने यह भी बताया कि उन्होंने ये फैसला यूं ही नहीं लिया। उन्होंने बताया कि उन्हें फिल्म के हर पहलू में रुचि है — कैमरा, लाइटिंग, डायलॉग डिलीवरी, और डाइरेक्शन का प्रोसेस। वह चाहती हैं कि जब वह कैमरे के सामने आएं, तो उन्हें पता हो कि पीछे क्या चल रहा है।
पलक की परवरिश और सोच में अंतर
श्वेता तिवारी की परवरिश ने पलक को ज़मीन से जोड़े रखा है। जब स्टार किड्स चकाचौंध में खो जाते हैं, पलक ने पहले मेहनत से सीखने का फैसला किया। यह सोच ही उन्हें भीड़ से अलग बनाती है।
बॉलीवुड में AD बनना कितना मुश्किल
एक AD का काम आसान नहीं होता — लंबी शिफ्ट्स, शारीरिक मेहनत और मानसिक दबाव। लेकिन पलक तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह मेहनत से नहीं डरतीं, और उन्हें पता है कि सच्ची सफलता अनुभव से मिलती है, शॉर्टकट से नहीं।
सीखना ही असली मंज़िल है — पलक की सोच
पलक के लिए स्टारडम से ज़्यादा ज़रूरी है सीखना। उन्होंने कहा कि कैमरे के सामने आने से पहले उन्हें समझना है कि कैमरा कैसे सोचता है। यह सोच ना सिर्फ सराहनीय है, बल्कि एक रोल मॉडल की तरह पेश आती है।
आने वाले दिनों में पलक से क्या उम्मीदें
अब जब पलक ने अपने करियर की शुरुआत AD के रूप में की है, तो ये देखना दिलचस्प होगा कि वह कब और कैसे एक्टिंग में कदम रखेंगी। लेकिन जो बात तय है — वो ये कि जब भी आएंगी, तैयार होकर आएंगी।
पलक तिवारी का यह कदम यकीनन कई युवाओं के लिए एक मिसाल है। जहां लोग सीधे सफलता की ओर भागते हैं, पलक ने पहले मेहनत और सीखने की राह चुनी है — और यही सोच उन्हें एक दिन एक संजीदा कलाकार बना सकती है।
