रंगों की सच्ची कद्रदान –पारिजात कन्हाई (चित्रकार)

नशेमन पर नशेमन इस कदर तामीर करता जा

कि बिजली गिरते-गिरते खुद बेज़ार हो जाए

रंगों की जुगलबंदी, ख्यालों की महक और जज़्बातों की परछाई से बिजलियों को बेज़ार करने वाली यह शख्सियत है पारिजात कन्हाई। इनके नज़दीक कला इबादत का दर्जा रखती है। एक हंसमुख, खुशमिज़ाज, फन की सच्ची कदरदान और चहुंमुखी प्रतिभा की धनी पारिजात को बचपन से ही पेंटिंग से बेहद लगाव रहा, घर में कलात्मक माहौल होने के कारण उनका लगाव इस ओर बढ़ता ही चला गया। इनके दादाजी यानी विश्व विख्यात चित्रकार पद्मश्री कन्हाई जी एक जाने-माने चित्रकार थे, जिनकी शख्सियत किसी तारीफ के मोहताज़ नहीं है। कला के प्रति उनके लगाव ने पारिजात को काफी प्रभावित किया। इसके अलावा अपने पिताजी यानि चित्रकला के क्षेत्र में खूब नाम कमा चुके जाने-माने चित्रकार गोविंद कन्हाई के मार्गदर्शन में पारिजात ने चित्रकला की बारीकियों को समझा और जाना। नन्ही उम्र में कागज़ पर खींची जाने वाली आड़ी तिरछी लकीरें उम्र के साथ धीरे-धीरे कैनवास पर किस तरह से अपनी शक्ल लेने लगीं, मालूम ही नहीं चला। बचपन से ही मन में उठने वाले भावों को कलम के ज़रिए कागज़ पर उकेरना और फिर कलाकृतियों के रास्ते जाहिर करना परिजात को बेहद पसंद था। रंग और ब्रश इनके वो साथी हैं, जो हर वक्त इनके साथ बने रहते हैं। पेंटिग के अलावा पारिजात ने जयपुर से ज्वैलरी डिज़ाइनिंग का कोर्स भी पूरा किया। चार भाई बहनों के इस परिवार में पारिजात तीसरे नंबर पर हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने सपनों को पूर्ण करने के लिए अपने परिवार का पूरा सहयोग हासिल हुआ है। फिलहाल शादी के बाद कलकत्ता में रह रहीं पारिजात अपनी पेंटिग्स के ज़रिए सामाजिक मुद्दों और महिलाओं की समस्याओं को उजागर करती हैं। इसके अलावा प्रकृति के प्रति उनका लगाव भी उनकी कलाकृतियों में साफ-साफ झलकता है। पारिजात कन्हाई अपने परिवार द्वारा प्रचलित कन्हाई कला की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। उनकी कोशिश कन्हाई कला को सिर्फ संजोकर रखना ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंचाना भी है।

कंटेंट क्रिएशन को बनाया प्रोफेशन –अनुष्का हज़रा (कंटेंट क्रिएटर)

जि़ंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है, जिंदगी के कई इम्तिहान अभी बाकी हैं

अभी तो नापी है मुट्ठी भर जमीं हमने, अभी तो सारा आसमान बाकी है।

आसमान की बुलंदियों को छूने की चाह जिसके अंदर पल पल पनप रही थी, अपने ख्वाबों को सच कर दिखाने का जुनून जिस पर हर पल सवार था, उस शख्सियत का नाम है- अनुष्का हज़रा। अनुष्का पेशे से एक कंटेंट क्रिएटर हैं। उन्हें बचपन से ही चकाचौंध से भरी ग्लैमर और फैशन की दुनिया से बेहद लगाव था। उन्हें कैमरे के सामने आने में कभी भी हिचक महसूस नहीं हुई और वो इसे ही अपना प्रोफेशन बनाना चाहती थी। अपनी चाहत के चलते अनुष्का साल 2019 में ट्रैल नाम की एक जानीमानी वीडियो स्टेट्स एप्प से जुड़ीं और उन्होंने अपना कंटेंट क्रिएट करना शुरू किया। शुरुआती वक्त में उन्हें इस काम में कई मुश्किलात का सामना भी करना पड़ा। मगर धीरे-धीरे वक्त के साथ वो कंटेंट बनाती गईं और फैशन के प्रति अपने लगाव को समझ पाईं। कम उम्र में इस एप्प से जुड़कर अनुष्का ने कई वीडियो बनाए और लोगों के दिलों में अपनी खास जगह भी बनाई। अनुष्का के अनुसार वीडियो स्टेट्स एप्प में मनोरंजन के साथ-साथ आपको तालमेल बैठाना आना चाहिए। साथ ही रोज़ाना कुछ नया कर दिखाना होता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आपसे जुड़ पाएं। अनुष्का को अपने काम से बेहद लगाव है। वो जीवन में असफलता को भी ज़रूरी मानती हैं। उनका कहना है फेलियर के बिना हम अपनी मंजि़ल तय नहीं कर सकते हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में सेजल कुमार को अपना रोल मॉडल बताया है। अनुष्का अपने काम के साथ-साथ अपने परिवार को भी पूरा वक्त देती हैं। अनुष्का का बचपन दार्जिलिंग के सिलीगुड़ी में गुज़रा और वहीं पर उन्होंने शुरुआती तालीम हासिल की। अनुष्का बताती हैं कि उनकी मां ने हर मकाम पर उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत भी दी।

अपनी असफलताओंसे सीखा –रचना कंवर(जागरण न्यू मीडिया में बतौर मुख्य परिचालन अधिकारी)

तू शाहीं है परवाज़ है काम तेरा

तेरे सामने आसमां और भी हैं।

आसमान तो बहुत है, मगर उन्हें फतह करने वाला कोई-कोई है। अपने हुनर और अपनी मेहनत की बदौलत आसमान की बुलंदियों को छूने वाली यह शख्सियत है- रचना कंवर। इसमें कोई दो राय नहीं कि जिंदगी हर रोज़ एक नई जंग और हर रास्ता एक नए इम्तिहान के साथ आगे बढ़ता है। मगर हर रोज़ दुश्वारियों का सामना करते हुए जो लोग आगे बढ़ जाते हैं, उन्हीं में से एक हैं रचना कंवर। मेहनत के दम पर जिदंगी में कोई भी मकाम हासिल करना नामुमकिन नहीं है और यह रचना कंवर ने अपनी उपलब्धियों से साबित कर दिखाया है। चाहे रेडियो हो, टीवी हो या फिर प्रिंट मीडिया रचना कंवर ने अपने जुनून और जदीद हौंसलें से हर क्षेत्र में खुद को साबित कर दिखाया और आगे बढ़ती चली गई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर मुख्य परिचालन अधिकारी यानि चीफ आपरेटिंग ऑफिसर के तौर पर काम कर रहीं रचना कंवर ने मीडिया और मनोरंजन उद्योग में रेडियो, टीवी, डाक्यूमेंटरी फिल्मों और इंटरनेट में बहुआयामी अनुभव के साथ दो दशक से अधिक समय बिताया है, जिसमें से 10 साल रेडियो सिटी 91.1 एफएम के साथ रहे हैं। उन्होंने रेडियो सिटी में डिजिटल मीडिया और न्यू बिजनेस डिवीजन की स्थापना की है। उनके बुलंद हौंसलों और कुछ कर गुज़रने के जज्बे ने रेडियो सिटी डिजिटल को देश के सबसे बड़े वेब रेडियो नेटवर्क और सोशल मीडिया पर सबसे लोकप्रिय रेडियो ब्रांड के साथ एक महत्वपूर्ण स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया है। रचना रेडियो सिटी 91.1 एफएम के साथ जुड़ने से पहले बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (टाइम्स एफएम, टाइम्स इंटरनेट) के साथ भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने अतीत में मीडिया प्रोडक्टडवेलपमेंट और मैनेजमेंट के क्षेत्रों में नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। बतौर मीडिया प्रोफेशनल उन्होंने अपने करियर में, न्यू मीडिया कंटेट क्रिएटर, ऑनलाइन जर्नलिस्ट, रेडियो कंटेट और कर्मशल प्रोडयूसर के तौर पर खुद को हर पायदान पर साबित किया है। रचना ने अपने जीवन में कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया, मगर बावजूद इसके वो एक मज़बूत स्तंभ की तरह डटी रहीं। रचना बतातीं है कि उन्हें अपने काम में अपने पति और अपनी सास का पूरा समर्थन हासिल हुआ, जिनकी बदौलत वो आज इस मकाम पर हैं। इसके अलावा रचना अपनी बहन के भी बेहद करीब हैं, जिन्होंने जीवन के हर मोड़ पर इनका साथ दिया। काम के प्रति उनकी उत्सुकता, ईमानदारी और अखंडता उन्हें औरों से अलग बनाती हैं। रचना बताती हैं कि बचपन से ही उनके माता-पिता ने उन पर पूरा विश्वास किया है और मौका मिलने पर उनकी क्षमताओं की सराहना भी की है, जिसके चलते उनके अंदर आत्मविश्वास पैदा हुआ और वो अपने रास्ते पर आगे बढ़ती च ली गईं। इनका जन्म और पालन-पोषण शिमला में हुआ था। इनकी शुरुआती स्कूली तालीम सेंट थॉमस और सेंट बेड्स में पूरी हुई है। इसके बाद रचना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बॉटनी (ऑनर्स) की डिग्री हासिल कर मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा हासिल किया। अपने प्रोफेशनल जिंदगी के अलावा रचना अपने परिवार को पूरा वक्त देती हैं और प्रोफेशनल लेवल पर कामयाबी हासिल करने के साथ-साथ रचना ने अपने बेटे की भी बखूबी परवरिश की। रचना कंवर मानती हैं कि असफलता हर शख्स के जीवन का एक बड़ा हिस्सा है। जितनी जल्दी आप इसे स्वीकार कर लेंगे और गले लगा लेंगें उतनी ही तेज़ी से आप आगे बढ़ते चले जाएंगे।

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