Overview: राम गोपाल वर्मा का विवादित बयान
राम गोपाल वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट आदेश पर कुत्ता प्रेमियों की आलोचना की, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए आश्रय और खर्चों पर सवाल उठाए।
Ram gopal varma slams dumb dog lovers: राम गोपाल वर्मा हमेशा बेबाक अंदाज़ में अपनी बात कहते हैं और नतीजों की परवाह नहीं करते। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया कि दिल्ली की सड़कों से आवारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय गृहों में भेजा जाए। इस आदेश के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई आम लोगों के साथ ही कई बॉलीवुड हस्तियों ने भी इसका विरोध किया, लेकिन फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने इस फैसले का समर्थन किया और उन लोगों पर सीधा हमला बोला जो इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने उन्हें “मूर्ख कुत्ता प्रेमी” कहकर पुकारा।
“क्या आप बच्चों की चीखें नहीं सुन सकते?”
To all those DUMB DOG LOVERS out there, who think I am a DOG HATER , I say this..
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) August 21, 2025
Are you so blind, deaf and brain-dead that you can’t see children being bitten , mauled and killed on CCTV videos all over the place ?
Can’t you f…ing read the official reports on exploding…
राम गोपाल वर्मा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि विरोध करने वाले लोग ज़रा सी भी समझदारी नहीं दिखा रहे। उन्होंने कहा, “क्या आप इतने अंधे हैं कि सीसीटीवी में बच्चों को कुत्तों के हमले का शिकार होते हुए नहीं देख पा रहे?” उन्होंने साफ कहा कि बच्चों की जान बचाने की बात जब सामने हो, तो दया की बात करने वाले लोग असल समस्या को इग्नोर कर रहे हैं।
‘मूर्ख कुत्ता प्रेमियों’ के लिए राम गोपाल वर्मा का बयान
Giving a thought to the possible solutions, vaccinating some 8 crore dogs sounds great in your drawing room setting . In reality, try chasing down one street dog with a needle and multiply that by crores.
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) August 21, 2025
And even if vaccinated, the dogs minds won’t suddenly turn into gentle…
उन्होंने यह भी कहा कि केवल आश्रय स्थल बनाना कोई स्थायी समाधान नहीं है। इन जगहों पर बीमारियां और ज़्यादा फैल सकती हैं और संसाधनों का बोझ भी बहुत बढ़ जाएगा। उन्होंने गणना करके बताया कि अगर देश के लगभग 8 करोड़ कुत्तों को रोज़ सिर्फ 20 रुपये का खाना भी दिया जाए तो 1600 करोड़ रुपये प्रतिदिन की लागत आती है। उन्होंने तंज कसा, “क्या यह पैसा ट्विटर पर बहस करने वाले कुत्ता प्रेमी देंगे या फिर बोझ तले दबे आम नागरिक?”
“विदेशों से सीखने की ज़रूरत”
फिल्म निर्माता का मानना है कि भारत को इस समस्या के लिए व्यावहारिक और कठोर कदम उठाने होंगे। उन्होंने चीन और अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए इच्छामृत्यु और सख्त नीतियां अपनाई जाती हैं। भारत को भी इसी तरह की ज़रूरी योजना पर विचार करना होगा, जिससे बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कुत्ता प्रेमियों के लिए चुनौती
The “stray dog menace” is one of those problems where emotions, public safety, law, and animal rights all collide. Solutions have to balance compassion with practicality, and they often they will vary depending on both the existing infrastructure and local attitudes.
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) August 21, 2025
I don’t…
राम गोपाल वर्मा ने उन लोगों को भी चुनौती दी जो सड़कों पर कुत्तों को दया और करुणा दिखाने की बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सच में जानवरों से इतना प्रेम है, तो लोग अपने घरों में पालतू विदेशी नस्लों की जगह इन्हीं सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों को अपनाएं। वर्मा के इस बयान ने बहस को और तेज़ कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली NCR से कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं और रेबीज से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी के बाद 11 अगस्त 2025 को आवारा कुत्तों को आश्रय स्थलों में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा कोर्ट ने इन आश्रय स्थलों में CCTV निगरानी लागू करने और कुत्तों के काटने के केस की सूचना देने के लिए एक हेल्पलाइन शुरू करने के भी निर्देश दिए।
