Kamal Haasan News: जाने-माने अभिनेता और अपनी पार्टी मक्कल निधि मय्यम (MNM) के मुखिया कमल हासन अब संसद के उच्च सदन, राज्यसभा में कदम रखने वाले हैं। तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने उन्हें राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। यह कदम तमिलनाडु की सियासत में एक बड़ी खबर मानी जा रही है।
डीएमके ने दिया टिकट, पर तरीका थोड़ा अलग
दिलचस्प बात यह है कि डीएमके ने सीधे तौर पर कमल हासन को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया। दरअसल, डीएमके के पास राज्यसभा की जो चार सीटें खाली हुई हैं, उनमें से एक सीट उन्होंने कमल हासन की पार्टी एमएनएम को अलॉट की है। इसके बाद एमएनएम ने खुद कमल हासन को अपना राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया। यह डीएमके और एमएनएम के बीच हुए एक गठबंधन समझौते का नतीजा है।
लोकसभा चुनाव की डील का नतीजा
यह फैसला कोई अचानक नहीं हुआ है। इसकी जड़ें 2024 के लोकसभा चुनाव में हैं। मक्कल निधि मय्यम ने पिछले लोकसभा चुनाव में खुद चुनाव नहीं लड़ा था। इसके बजाय, कमल हासन की पार्टी ने डीएमके के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ गठबंधन का खुलकर समर्थन किया था और उनके लिए प्रचार किया था। उस वक्त ही डीएमके ने एमएनएम को बदले में राज्यसभा की एक सीट देने का वादा किया था, और अब उस वादे को पूरा किया जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव और अन्य उम्मीदवार
तमिलनाडु में अगले महीने, यानी 19 जून को राज्यसभा के लिए चुनाव होने हैं। डीएमके ने बुधवार को अपने बाकी उम्मीदवारों के नाम भी घोषित कर दिए हैं। चार सीटों में से तीन पर डीएमके ने अपने वरिष्ठ नेता पी. विल्सन (वरिष्ठ अधिवक्ता), सलमा (कवि और लेखिका), और एसआर शिवलिंगम (पूर्व मंत्री) को मैदान में उतारा है। चौथी सीट पर कमल हासन एमएनएम के प्रत्याशी के तौर पर डीएमके के समर्थन से राज्यसभा जाएंगे।
कन्नड़ भाषा विवाद और राज्यसभा का मौका
कमल हासन के राज्यसभा में जाने की खबर ऐसे वक्त में आई है जब वह एक कन्नड़ भाषा विवाद को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। हाल ही में उनकी फिल्म ‘ठग लाइफ’ के एक इवेंट में उन्होंने कह दिया था, “आपकी भाषा (कन्नड़) भी तमिल से उत्पन्न हुई है।” इस बयान से कन्नड़ भाषी लोग काफी नाराज हैं और उनसे माफी मांगने की मांग कर रहे हैं। इस विवाद के बावजूद उन्हें राज्यसभा का टिकट मिलना, उनकी राजनीतिक हैसियत को दर्शाता है।
राजनीतिक सफर और आगे की राह
कमल हासन ने 2018 में मदुरै से अपनी पार्टी मक्कल निधि मय्यम (MNM) बनाई थी। 2021 के विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी को 2.62% वोट मिले थे, लेकिन वे कोई सीट नहीं जीत पाए थे। राज्यसभा में एंट्री से कमल हासन को अब राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा मंच मिलेगा और यह उनके राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में कमल हासन के राज्यसभा में जाने का राज्य की राजनीति पर क्या असर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
