Summary: दुलकर सलमान को हिन्दी फिल्म सेट पर झेलनी पड़ती थी धक्का-मुक्की
दुलकर सलमान ने मलयालम, तमिल, तेलुगू और हिंदी फिल्मों में अपनी एक्टिंग का जादू बिखेरा है। हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि बॉलीवुड में शुरुआती दिनों में उन्हें सेट पर धक्का-मुक्की झेलनी पड़ती थी और बैठने की जगह पाने के लिए ‘स्टार’ बनने का दिखावा करना पड़ता था।
दुलकर सलमान ने मलयालम, तमिल, तेलुगू और हिंदी फिल्मों में काम किया है। लेकिन 2018 की फिल्म ‘कारवां’ से बॉलीवुड में कदम रखने वाले इस एक्टर के बॉलीवुड में शुरुआती अनुभव कुछ अलग थे। हाल ही में ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ के एक राउंडटेबल में दुलकर ने बताया कि शुरुआत में उन्हें हिंदी फिल्म सेट पर धक्का-मुक्की झेलनी पड़ती थी। एक समय ऐसा भी था जब उन्हें सिर्फ एक कुर्सी पाने और मॉनिटर देखने के लिए सेट पर ‘स्टार’ होने का दिखावा करना पड़ता था।
दुलकर सलमान को सेट पर झेलनी पड़ी धक्का-मुक्की
मलयालम और तमिल सिनेमा में एक स्थापित नाम होने के बावजूद दुलकर सलमान ने 2018 की फिल्म “कारवां” से हिन्दी फिल्मों में एंट्री ली। उन्होंने हाल में ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ के एक राउंडटेबल को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि हिंदी फिल्म सेट पर उन्हें कोई खास अहमियत नहीं दी जाती थी। उनके शब्दों में, “मैं और मेरी टीम के दो लोग सेट पर इधर-उधर धकेले जाते थे। हमें तो बैठने की जगह तक नहीं मिलती थी। तब मुझे समझ आया कि यहां अगर ‘स्टार’ जैसा दिखोगे नहीं, तो कोई ध्यान भी नहीं देगा।”
स्टारडम का एक बड़ा हिस्सा है लोगों की धारणा
दुलकर ने आगे कहा कि उन्हें धीरे-धीरे समझ आया कि यहां स्टारडम का एक बड़ा हिस्सा यह धारणा है कि लोग आपको कैसे देखते हैं। अगर आप बड़ी गाड़ी से आ रहे हैं, आपके साथ बहुत सारे लोग हैं और आपकी एंट्री में ‘धाक’ दिखाई दे, तो लोग आपको अपने आप ही सम्मान देने लगते हैं। जबकि यह रवैया बिल्कुल भी ठीक नहीं है, क्योंकि आपकी पहचान आपके काम से होनी चाहिए न कि लोगों की भीड़ से।
मलयालम सिनेमा है सबसे अलग
दुलकर ने यह भी बताया कि वह एक ऐसी फिल्म इंडस्ट्री से आते हैं, जहां कम से कम सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन काम के प्रति सम्मान बहुत ज्यादा मिलता है। उन्होंने कहा, “हम पूरे राज्य में शूट करते, किसी घर से अनुमति लेते और वही हमारा चेंजिंग रूम, वही हमारा वॉशरूम होता, बस उन्हें पे कर देते हैं। हमने कभी लग्जरी का नाम नहीं सुना है।” उन्होंने साफ कहा कि हिंदी और दक्षिण भारतीय इंडस्ट्री के काम करने में यह अंतर शायद उनकी साइज की वजह से भी है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री बड़ी है, उसका मार्केट बड़ा है, थिएटर बहुत सारे हैं, कई राज्य हैं जहां हिन्दी बोली जाती है, दर्शक बहुत सारे हैं।”
दुलकर का आसान नियम
दुलकर ने बातचीत में अपने काम को लेकर एक अच्छी बात कही। उनका कहना है कि यदि किसी एक्टर को अपने ऑन्टूराज, लक्जरी वैनिटी या अन्य सुविधाएं चाहिए, तो उसे उनकी कीमत खुद उठाने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। अगर मुझे X राशि मिलती है, तो X में से जो मेरी जरूरत है, मैं खुद उठा लेता हूं,”।
दुलकर सलमान का करियर
काम की बात करें तो, दुलकर सलमान को हाल ही में तमिल पीरियड ड्रामा “कांथा” में देखा गया था। इस मिस्ट्री थ्रिलर फिल्मको सेल्वामनी सेल्वराज ने निर्देशित किया है, जो 12 दिसंबर को नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर होने वाली है। इसके बाद दुलकर मलयालम फिल्म “I’m Game” में नजर आने वाले हैं।

