Overview:बिग बी ने साझा किया अपने शुरुआती दिनों का अनुभव
केबीसी 17 में अमिताभ बच्चन का यह खुलासा उनके जीवन के भावुक पलों में से एक है। पहली सैलरी से खरीदी गई घड़ी का चोरी हो जाना उनके लिए दुखद जरूर था, लेकिन पिता की सीख और उस तोहफ़े के पीछे की भावना आज भी उनके दिल में अमिट छाप छोड़ गई है।
Kaun Banega Crorepati 17: कौन बनेगा करोड़पति सीज़न 17 में अक्सर अमिताभ बच्चन अपने जीवन से जुड़ी छोटी-बड़ी कहानियां साझा करते हैं। इस बार उन्होंने एक ऐसा किस्सा सुनाया जिसने दर्शकों को भावुक भी किया और हैरान भी। उन्होंने बताया कि अपनी पहली सैलरी से पिता हरिवंश राय बच्चन के लिए घड़ी खरीदी थी, लेकिन वह घड़ी बाद में घर के ही एक नौकर ने चुरा ली।
पहली सैलरी और पिता के लिए तोहफ़ा
अमिताभ ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार नौकरी करके सैलरी पाई, तो सबसे पहले उनके दिमाग में अपने पिता के लिए कोई खास तोहफ़ा खरीदने का विचार आया। इसके लिए उन्होंने एक सुंदर घड़ी खरीदी।
डिब्बा पिता को भेंट किया
उन्होंने कहा कि उन्होंने घड़ी का डिब्बा पिता को दिया और उनसे कहा कि यह उनकी पहली कमाई से लिया गया तोहफ़ा है। उस पल उनके पिता की आंखों में गर्व और खुशी साफ दिखाई दी।
घड़ी का खास महत्व
यह घड़ी सिर्फ एक एक्सेसरी नहीं थी, बल्कि बेटे का प्यार और परिवार के प्रति जिम्मेदारी की निशानी थी। हरिवंश राय बच्चन ने इसे बड़े सम्मान से संभालकर रखा।
अचानक आई निराशा
कुछ समय बाद यह खुशी झटका बन गई। अमिताभ ने खुलासा किया कि घर के ही एक नौकर ने वह घड़ी चुरा ली थी। इस घटना ने उन्हें अंदर से बहुत दुखी कर दिया।
पिता की सीख
हरिवंश राय बच्चन ने इस घटना को सहजता से लिया। उन्होंने बेटे को समझाया कि भौतिक चीजें खो सकती हैं, लेकिन असली महत्व भावना और नीयत का होता है।
बिग बी की भावुक यादें
अमिताभ ने यह किस्सा साझा करते हुए कहा कि भले ही घड़ी अब उनके पास नहीं है, लेकिन उस पल की यादें और पिता की मुस्कान उनके दिल में हमेशा जीवित हैं।
दर्शकों के लिए संदेश
इस किस्से से यह साफ झलकता है कि जीवन में चीजें आती-जाती रहती हैं, लेकिन रिश्तों और भावनाओं का मूल्य कभी कम नहीं होता। अमिताभ बच्चन की यह कहानी हर किसी को अपने माता-पिता के महत्व की याद दिलाती है।
