साल का वो समय आ गया है जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार रहता है ,सोनी Chanel टेलिविज़न पर एक बार फिर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन “कौन बनेगा करोड़पति” का दसवाँ सीज़न लेकर आ रहे है। ये एक ऐसा रियलिटी गेम शो है जिसने आम इंसान को उसके ज्ञान की शक्ति का मूल्याँकन करना सिखाया है और आम इंसान को सपना देखना सिखाया है। दसवे सीज़न का स्लोगन ‘कब तक रोकोगे आपके अंदर के प्रतिरोध की भावना को दर्शाता है। 
“कौन बनेगा करोड़पति “के लाँच के अवसर पर मुंबई ब्यूरो चीफ़ गरिमा चंद्रा को के बी सी के फ़िल्म सिटी में बने सेट पर जाने का और लेजेंडेरी होस्ट मिस्टर अमिताभ बच्चन से बातचीत का मौक़ा मिला, जिसने उन्होंने विभिन विषय पर अपने विचार व्यक्त किए ।

 कौन बनेगा करोड़पति शो की सफलता का सारा श्रेय आपको जाता है ?

आपका यह कहना सही नहीं है। दरअसल कौन बनेगा करोरपति की सफलता का सारा श्रेय पार्टिसिपेंट्स को जाता है, उनकी इस शो में आने के लिए की गई मेहनत व लगन, उनकी ज़िंदगी का संघर्ष, उनका ज़िंदगी के प्रति नज़रिया सभी कुछ इतना प्रभावशाली होता है कि मैं भी आश्चर्यचकित हो जाता हूँ। मैं तो केवल एक होस्ट हूँ ,इसकी सफलता का क्रेडिट सिर्फ़ मुझे देना सही नहीं होगा। मैं तो चाहता हूँ कि यहाँ जो भी कंटेस्टेंट आये उनके सब सपने पूरे हो। इस बार कौन बनेगा करोड़पति में सवाल का स्तर बढ़ाया है जनरल नॉलेज का स्तर भी ऊँचा हुआ है ।

शो की होस्टिंग और ऐक्टिंग में क्या फ़र्क़ है ?

यहाँ जो लोग खेलने आते है उनके साथ हमारा एक अलग तरह का सम्बंध हो जाता है क्यूँकि यहाँ लोगों के साथ जो भी बातचीत होती है वो हमारी अपनी होती है ,जो मन में आया वो बोल देते है फ़िल्मों में तो कोई मेकअप कर देता है ,कोई डायलोग देता है कोई डायरेक्शन देता है कि क्या करना है और बस हम वही कर देते है। यहाँ कोई रुकावट नहीं है सामने वाले की अच्छाई की वजह से हम अच्छे हो जाते है ।

आजकल की नई तकनीक का बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। आपकी ग्रैंड डॉटर कितना टेलिविज़न देखती है ?

यह सही है की आजकल बच्चे मोबाइल फ़ोन और आई पैड बहुत ज़्यादा यूज़ करने लगे है जिसकी वजह से नुक़सान भी हो रहा है। घर में आठ मेम्बर होते है और वे मोबाइल के थ्रो एक दूसरे से बात करते है। हाल ही में मैंने कहीं पढ़ा की बिल गेट्स ने अपनी संतान को मोबाइल फ़ोन नहीं दिया है, उसको टेलिविज़न देखने की भी अनुमति नहीं है लेकिन साथ ही मैं कहूँगा कि आजकल की जनरेशन बहुत स्मार्ट है ,वो एक बार में एक साथ चार काम कर सकती है आपसे बात करते हुए वो वट्सअप पर चैट भी करते जाते है SMS करते है ,गाने भी सुनते रहते है ,टेलिविज़न भी देखते है ,अपना काम भी करते है और खाना पीना भी चलता रहता है और ये सब माडर्न गैजेट्स की वजह से होता है। मेरे घर में आराध्या अभी सिर्फ़ कार्टून फ़िल्म्ज़ देखती है उसे इतना ही पता है कि हम लोग काम करते है हाँ उसे कौन बनेगा करोड़पति की धुन बहुत पसंद है।

आप बहुत सारे सोशल कॉज़ से जुड़े हुए है लेकिन उनके बारे में कभी बात नहीं करते ?

मुझे इस बारे में बात करना अच्छा नहीं लगता है ,बहुत अजीब लगता है लेकिन हाँ मैं बहुत सारे सोशल कोज और बहुत से कैम्पेन के साथ जुड़ा हूँ ,सरकार की तरफ़ से चलाये जा रहे मेडिकल कैम्पेन से जूड़ा हूँ। पोलियो पर हम लोग ने आठ साल काम किया और सौभाग्य से भारत पोलियो मुक्त हो गया है। हेपेटाइटिस बी और टी बी के साथ भी मैं काम कर रहा हूँ ,मुझे कहने में कोई आपत्ति नहीं कि मैं स्वयं टी बी का मरीज़ रहा हूँ और ख़ुद हेपेटाइटिस का शिकार हूँ। 1982 में जब क़ुली  फ़िल्म की शूटिंग के समय मेरा ऐक्सिडेंट हुआ तो मुझे ख़ून की आवशकत थी और उस समय किसी डोनर के ख़ून से मुझे हेपेटाइटिस हो गया ,जो बीस साल बाद पता चला इस कैम्पेन से जुड़ने का मेन रेजन ये है कि मैं चाहता हूँ कि लोगों में अवेरनेसस आये। मुझे अपने द्वारा की गई चैरिटीज़ के बारे में बात करना पसंद नहीं है किंतु देश के किसानो के लिये हमने बैंक ऑफ़ इंडिया के ज़रिये उनका क़र्ज़ भरा है  सैनिकों के परिवार के लिए हम काम कर रहे है ।

आप ऐसे कलाकार है जिसने नई और पुरानी दोनो पीढ़ी के साथ काम किया है?

नूतन, वहीदा रहमान, मीना कुमारी और दिलीप कुमार से मैं हमेशा से प्रभावित रहा हूँ साउथ में सावित्री मेरी पसंदीदा कलाकार है। मैं तो वहीदा रहमान जी का फ़ैन रहा हूँ ,कभी सोचा नहीं था कि वहीदा जी के साथ काम करने का सौभाग्य मिलेगा। नूतन जी के साथ भी सौदागर फ़िल्म में काम करने का अवसर मिला।मीना जी के साथ काम करने का अवसर नहीं मिला उनकी कला शामत की मैं इज़्ज़त करता हूँ और नई पीढ़ी के आलिया, दीपिका, अनुष्का, रणवीर, आर्यन सुशांत सब ऐसे सक्षम कलाकार है कि इनके साथ काम करने में डर लगता है ,ऐसा लगता है कि बस खा ही जाएँगे। हमें तो सालों लग गए इस कला को समझने में और ये लोग तो पहली ही फ़िल्म में ग़ज़ब का काम करते है ,ये वाक़ई मेरा सौभाग्य है कि मुझे दोनो पीढी के साथ काम करने का मौक़ा मिल रहा है ।

 
आजकल हिंदी भाषा का प्रचलन कम हो रहा है । आपके घर में कौन सी बोलचाल की भाषा इस्तेमाल होती है ?
ये सही है कि आजकल हिंदी कम बोली जाती है आजकल स्क्रिप्ट के लिए भी इंग्लिश का उपयोग किया जाता है किंतु मैं हमेशा से देवनागरी लिपि में लिखना और पढ़ना पसंद करता हूँ कोई ग़लती से इंग्लिश में लिख कर भेज दे तो वापस कर देता हूँ ।
जहाँ तक घर की बात है तो आपको ये नहीं भूलना चाहिये कि हमारे घर में कई प्रदेश के लोग है हिंदी इंग्लिश बंगला और साउथ की भाषा सभी का इस्तेमाल होता है।