पिछले साल अपनी गर्ल फ़्रेंड गीता बरसा से शादी के बाद , अब जल्दी ही पिता बनने वाले हरभजन क्रिकेट के अलावा अपने ग़ुस्से के लिए भी सुर्ख़ियों में रहे हैं । इस तरह के शो में जज बनकर आना उनके लिए बेहद आनंददायक अनुभव है । हरभजन से हुई एक मुलाक़ात हमारी मुंबई ब्युरो चीफ़ गरिमा चंद्रा की जिनसे उन्होंने शेयर करी अपनी ज़िंदगी की कुछ दिलचस्प बातें….

 
1- ” मज़ाक़ मज़ाक़ में ” कामडी शो से जुड़ने का क्या कारण है ? 
मैं हमेशा से कामडी का फ़ैन रहा हूँ । मुझे बचपन से कामडी शो देखना पसंद रहा है । पुराने पंजाबी और पाकिस्तानी ड्रामे देख देख कर बड़ा हुआ हूँ । इस शो में वे सब लोग आने वाले है  जिन्हें मैंने टी वी पर देखा है तीज अब उन्हें सामने देखने का मौक़ा मिल रहा है । क्रिकेट मेरी फ़र्स्ट प्रायऑरिटी है और हमेशा रहेगी लेकिन जब भी समय या मौक़ा मिले तो वह दूसरी चीज़ कर लेना चाहिए जो आपको मज़ा दे । में तो यहाँ हंस हंस कर अपना ख़ून बड़ाने आया हूँ ।
 
 
2- कॉमेडी शो का जज होना कितनी जिम्मेदारी का काम है ? 
यहाँ पर मैं कोई टेक्निकल चीज़ जज नहीं कर रहा हूँ । किसी भी अच्छे मज़ाक़ पर हँसी आती है, ज़बरदस्ती हसेंगे तो लोग आप पर हगेंगे । किसी डान्स शो का जज होना अलग बात है उसने टेक्निकल बारीकियों का ज्ञान होना चाहिए। कॉमेडी मैं आपका सेन्स ऑफ हुयूमर अच्छा होना चाहिए।कॉमेडी मैं बात से बात निकलती है उसकी समझ होनी चाहिए। मेरे ख़याल से कॉमेडी जज करना आसान है । 
 
 
3- आप ख़ुद कितने मज़ाक़िया है ? 
हर पंजाबी थोड़ा बहुत फ़नी होता ही है । मैं उस परिवार या जगह से आया हूँ जहाँ सब लोग दिल खोल कर मिलते है । जो लोग मुझे नहीं जानते वो लोग मुझे ग़ुस्से वाला समझते है लेकिन ऐसा नहीं है मैं तो जी ऐसा इंसान हूँ जो सबके बीच रहना चाहता है ,मस्ती करता हूँ ,हँसता हूँ । ज़िंदगी एक बार मिली है उसे हंस खेल कर गुज़ारना है, सैड बनकर क्यूँ रहना । 
 
4 -आपके क्रिकेट के साथियों में सबसे अच्छा सेन्स ऑफ ह्यू्मर किसका है ?
( हंस कर ) हरभजन सिंह का .. वाक़ई सब कहते है कि मैं मज़ाक़ अच्छा करता हूँ। वैसे विराट कोहली बहुत तगड़ा एक्टर है वो एक बार किसी को देख ले तो उसकी नक़ल कर सकता है। शेखर धवन बहुत फ़नी बंदा है । हम सब आपस में बहुत मज़ाक़ करते है । अक्सर फ़्लाइट में किसी के भी साथ मस्ती करते है जिसकी नींद भयंकर होती है खर्राटे ले रहा हो तो उसका विडियों बना देते हैं ,जूते के तस्मे बाँध देते हैं । मेरे साथ भी एक आध ड्रामा हुआ है लेकिन अब वो मत पूछिएगा बिना मतलब मेरी फिर से बेज़्ज़ती हो जाएगी। 
 
 
5- आपको किस तरह का मज़ाक़ पसंद नहीं है?
मज़ाक़ एक लिमिट में होना चाहिए । दूसरे के सेंटिमेंट्स को ध्यान में रखना चाहिए । वलगर, डबल मीनिंग और बिलो द बेल्ट मज़ाक़ मुझे पसंद नहीं है । कॉमेडी के नाम पर ऐसा कुछ नहीं कहना चाहिए की बाद में ख़ुद को अफ़सोस हो । बार-बार रिपीट किए हुए मज़ाक़ भी बोरिंग हो जाते है ,जब पहली बार शाहरूख खान ने मुझसे पूछा कि ” आप का घर कब बस रहा है I ” ? ( हरभजन की वाइफ़ का नाम गीता बरसा है ) फिर प्रियंका ने सेम सवाल किया । फिर जहाँ भी जाओ बस एक ही सवाल । अब तो मैंने हाथ जोड़ने शुरू कर दिए की  ” भाई मेरा तो बस गया अब तू अपना देख “। 
 
 
7- रिलैक्स होने या स्ट्रेस दूर करने के लिए क्या करते है ? 
 
हम फ़ील्ड का तनाव बाहर नहीं लाते फिर भी फ़ील्ड पर मेहनत और सर खपत करने के बाद शाम को रिलेक्स होना ज़रूरी होता है, कोई दिन परफॉरमेंस अच्छी ना हो तो टीवी चैनल भी हमें गाली देते है ,तब कॉमेडी शो देखकर रिलेक्स हो जाते है। मुझे पर्सनली कपिल शर्मा राजू श्रीवास्तव कृष्णा सुदेश और सुनील ग्रोवर गुत्थी कॉमिडियन पसंद है । 
 
 
8 -ऐसे कौन सी जगह है जहाँ आप बार बार धूमने जाना चाहते है ? 
पर्सनली मुझे न्यूजीलैंड पसंद है वहाँ मैं 2008 की क्रिकेट सिरीज के समय गया था, अब अपनी वाइफ़ और बच्चें के साथ जाना चाहूँगा । वैसे लन्दन और दुबई भी अच्छी जगह है हॉलिडे के लिए ।
 
9- आपको खाने में क्या पसंद है और आप कौन सी डिश बना लेते है ? 
मैं सिर्फ़ अपनी कॉफ़ी बना सकता हूँ । मुझे खाना बनाना नहीं 
आता ,ऐसा नहीं है कि मैं सीख नहीं सकता लेकिन मैंने कभी कोशिश नहीं करी । हाँ खाने के मामले में मैं बिलकुल भी फँसी नहीं हूँ ।सब कुछ जो मिले शौक़ से खाता हूँ ,पहले मैं खाने में नख़रे करता था लेकिन फिर मेरे एक बुज़ुर्ग ने बताया की खाने की इन्सल्ट नहीं करना चाहिए। हम लकी है कि हम को तीन समय खाना मिलता है । तो आप जो भी खिलाएँगीं मैं शौक़ से खाऊँगा देखिए मैं ख़ुद आपके घर दावत माँग रहा हूँ । 
 
10 -भगवान या सुपर पावर पर कितना विश्वास करते है ? 
 
मेरी भगवान पर पूरी आस्था है । इस सृष्टि को कोई ना कोई सुपर पावर ही चला रहा है । जो भी जो रहा है या होता है उसे भगवान ही करते है ।  मैं आज जो भी हूँ भगवान की ब्लेसिंग और विशेज के कारण ही हूँ । कुछ ना कुछ हमारे बुज़ुर्गों ने अच्छे कर्म किए होंगे जिसका फल इस जन्म मे आज हमको मिल रहा है । वरना जहाँ से मैं आया हूँ कभी सोचा नहीं था कि ज़िंदगी मैं इतना कुछ मिलेगा ।और इसका श्रेय भगवान को है । 
 
गृहलक्ष्मी मैगज़ीन के रीडर्स के लिए मेसेज 
ज़िंदगी हमेशा एक सी नहीं रहती जो भी परिस्थिति आये उनका सामना करना चाहिए। उस वक़्त आपको सिर्फ़ स्ट्रॉंग होना चाहिए । जो बंदा हार गया वह फिर बंदा ही नहीं है । जब मुश्किल समय निकल जाता है तो लगता है कि बेकार ही घबरा रहे थे । अब देखिए ना बाहर कितनी तेज़ बारिश है लगता है ये कभी भी नहीं थमेगी लेकिन कल फिर धूप निकल आएगी । 
 
शोएब अख़्तर के साथ आपकी केमिस्ट्री
मुझे कौन सा शोएब के साथ शादी करनी है जो केमिस्ट्री चेक करूँ । हाँ शोएब  को काफ़ी समय से जानता हूँ ,बड़े भाई की तरह है हमारी ज़ुबान एक है । क्रिकेट ग्राउंड पर मिलना और खेलना अलग तरह से होता था। सेट पर वो एकदम अलग है ,उनकी वन लाइन कॉमेडी लाजवाब होती है लेकिन विज समझ में आना चाहिए क्यूँकि वो बहुत जल्दी-जल्दी बोलते  है । मैं अक्सर उनसे कहता हूँ की आपको जज नहीं बनाना था बल्कि कामडी करनी चाहिए।