जन्मदिन पर फैन्स, फ्रेंड्स से मिलना
जन्म दिन तो हर एक इंसान के लिए ख़ास दिन होता है चाहे वो बच्चा हो या बूढ़ा । उस दिन की एक अलग ख़ुशी और इंतज़ार होता है । बचपन में भी मेरा बर्थ डे मनाया जाता था आज भी मनाता हूँ। तब भी गिफ़्ट मिलते थे आज भी मिलते है और मुझे हमेशा से गिफ़्ट मिलने पर बड़ी ख़ुशी होती थी । तब बचपन में बर्थ डे घरवालों के साथ मनाता था, आज मुझे लगता है कि ये मेरी एक मोरल डूटी है कि अपनी ज़िंदगी का कोई भी ख़ुशी का दिन या जन्म दिन मैं अपनी फ़ैमिली के अलावा अपने फ़ैंज़ और मीडिया के साथ भी सेलब्रेट करूँ क्यूँकि हम लोग ने हमेशा साथ साथ काम किया है हम सब एक ही फ़ैमिली के हो गए है।
बच्चों के लिए यही है विश
पहले कभी मैं विश करता था कि ख़ूब अच्छा काम करूँ पैसे कमाने की विश थी नाम कमाने की विश थी लेकिन अब बच्चों के लिए विश करता हूँ कि बस मेरे बच्चे हेल्थी रहे वे अच्छे से रहे । वो नाम कमाए या पैसा कमाए एसी विश नहीं है ।
My three vices in pictures: Grace, Style & Playfulness. pic.twitter.com/reXQAxT5q1
— Shah Rukh Khan (@iamsrk) November 8, 2017
स्टारडम
स्टारडम क्या होता है या कैसे आती है ये सब बातें मैंने पहले कभी भी नहीं सोची। अपने ऐक्टिंग के शुरुआती दौर में तो बस हम काम करने पर विश्वास करते थे। “बाज़ीगर ” कम्प्लीट होने के क़रीब डेढ़ साल बाद रिलीज़ हुई थी। आज तो फ़िल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही स्टारडम आ जाता है। शायद तब का दौर ज़्यादा अच्छा था हम सिर्फ़ महनेत करते थे। स्टारडम सिर्फ़ एक ऐक्टर की महनेत का रिज़ल्ट नहीं है, इसके पीछे बहुत सारे लोगों का हाथ होता है हम तो ऐक्टिंग कर देते है फिर उस फ़िल्म में कई काम होते है फिर फ़िल्म परदे पर दिखाई जाती है तो स्टार डम आपकी अकेले की नहीं होती है उसके साथ आपका स्टाफ़ की महनेत भी होती है ।
बच्चों से सीख —
यह सच है कि जब हमारे बच्चे बड़े हो जाते है तो हम उनसे कुछ ना कुछ सीखने लगते है और आजकल के बच्चे तो बहुत स्मार्ट व फोकसड होते है वे अप फ़्रंट और आनेस्ट ज़्यादा है ।मैं भी अपने दोनो बड़े बच्चों आर्यन और सुहाना से स्ट्रेट फ़ॉर्वर्ड बात करना सीख रहा हूं। मेरा छोटा बेटा तो अभी बहुत छोटा है ।मैंने देखा है ये बच्चे आपस में एकदम साफ़ बात करते हैं। किसी चीज़ के लिए माना करने में भी बिलकुल हिचकिचाते नहीं हैं, मुझे तो किसी को माना करने में दो दिन लग जाते है किंतु इन बच्चों में बहुत कॉन्फ़िडेन्स है। अगर कोई मुझ से कह दे कि आज आपकी हैएर स्टाइल अच्छी नहीं लग रही तो मैं डिस्टर्ब हो जाऊँगा। उसे ठीक करने की कोशिश करूँगा। लेकिन ये लोग छोटी छोटी बातों का बुरा भी नहीं मानते । मुझे लगता है कि आने वाली जनरेशान में ईमानदारी ज़्यादा होगी ।
पॉज़िटिव एनर्जी और बैलेन्स इन लाइफ़
मुझे लगता है कि जब आपको इतना प्यार मिलता है, इतने लोग आपसे मिलने के लिए आते है, आपको अच्छी अच्छी बातें कहते है तो पॉज़िटिव एनर्जी अपने आप आ जाती है ।जब इंसान को उसके हक़ से ज़्यादा मिल जाए तब खुदा का शुक्रगुज़ार होना चाहिए और अपने आप को ज़मीन से जुड़ा रखना चाहिए क्यूँकि इंसान का दिमाग़ ख़राब होने में या सक्सेस सिर पर चढ़ने में समय नहीं लगता । आपकी फ़ैमिली और अच्छी परवरिश भी ज़रूरी है जैसा कि आप सब जानते है मैं एक मिडल क्लास बैक ग्राउंड से हूँ इसलिए मेरे लिए फ़ैमिली वैल्यूज़ बहुत मायने रखता है ।मैं अपने बच्चों से भी कहता हूँ कि ज़िंदगी में सिम्पल रहो, जितना तुम सिम्पल रहोगे ज़िंदगी उतनी ही आसान होगी ।
A madly happily childly dance for Aryan & Suhana by lil AbRam on this day for children. pic.twitter.com/nCl9Iw8GtP
— Shah Rukh Khan (@iamsrk) November 14, 2017
हार्ड वर्क
मैं हमेशा से हार्ड वर्क पर बिलिव किया है। मुझे तो हमेशा से यही सिखाया गया है कि महनेत करो तो अच्छा फल मिलेगा। मुझे इस लगता है कि काम हर परेशानी का हल है । कई लोग कहते है कि बहुत काम कर लिया नाम पैसा काम लिया अब क्यूँ इतनी महनेत करना ?लेकिन मेरे लिए काम करना बहुत ज़रूरी है, अगर मैं काम ना करूँ तो बीमार हो जाऊँगा । मुझे काम करना अच्छा लगता है । मुझे काम करने की आदत है ।मैं अपने बच्चों से भी हार्ड वर्क करने को कहता हूँ । मैं जहाँ भी हूँ अपने हार्ड वर्क की वजह से हूँ और अब मैं जहाँ भी लेक्चर देने जाता हूँ चाहे ओवर सीज़ हो मैं हार्ड वर्क की बात ज़रूर करता हूँ ।
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