Baahubali The Epic Review
Baahubali The Epic Review

Summery- बाहुबली: द एपिक रीमास्टर्ड

‘बाहुबली: द एपिक’ फिर लौटी नए रीमास्टर्ड रूप में—शानदार विजुअल्स, दमदार साउंड और वही रोमांचक महिष्मती की गाथा।

Baahubali The Epic Review:  देशभर में जब-जब किसी फिल्म ने सिनेमा की दिशा और सोच को बदलने की ठानी है, तब ‘बाहुबली: द एपिक’ जैसा नाम सबसे आगे आता है। निर्देशक एस.एस. राजामौली ने अपनी प्रतिष्ठित दो-भाग वाली गाथा ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ (2015) और ‘बाहुबली: द कन्क्लूज़न’ (2017) को अब एक नए रूप में जोड़कर प्रस्तुत किया है। यह फिल्म ‘बाहुबली: द एपिक’ नाम से 31 अक्टूबर 2025 को बड़े पर्दे पर रिलीज हुई है। यह सिर्फ एक पुनः रिलीज नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से नए अनुभव वाली सिनेमाई यात्रा है जिसने भारतीय सिनेमा में फिर से जोश भर दिया है।

फिल्म के निर्माता शोभू यारलागड्डा ने बताया कि यह सिर्फ दो फिल्मों को जोड़कर बनाई गई प्रस्तुति नहीं है, बल्कि इसमें पूरी तरह से री-एडिटेड किया गया है। इस बार दर्शकों को पहले से कहीं अधिक भव्य दृश्य और दमदार ध्वनि प्रभाव देखने-सुनने को मिलेंगे। इसमें डॉल्बी एटमॉस साउंड और आईमैक्स तकनीक जैसी आधुनिक सुविधाओं का इस्तेमाल किया गया है। राजामौली ने कहा कि “हम दर्शकों को वही पुरानी फिल्म नहीं दिखाना चाहते थे, बल्कि एक ऐसा अनुभव देना था जो उन्हें फिर से बाहुबली की दुनिया में ले जाए, लेकिन एक नए नजरिए से।”

फिल्म में वही प्रिय किरदार हैं जिन्हें दर्शकों ने दिल से अपनाया था। अमरेन्द्र और महेन्द्र बाहुबली के रूप में प्रभास एक बार फिर पूरे वैभव के साथ लौटे हैं। राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, राम्या कृष्णन, सत्यराज और नासर जैसे दिग्गज कलाकारों ने इस बार भी अपने अभिनय से फिल्म में जान डाल दी है। पहले भाग की तरह यह संस्करण भी शक्ति, प्रेम, निष्ठा और प्रतिशोध की कहानी को एक भव्य पृष्ठभूमि में पेश करता है, परंतु इस बार इसका प्रवाह अधिक सघन और आकर्षक बना दिया गया है।

महेश बाबू के बेटे गौतम घट्टामनेनी ने ‘बाहुबली: द एपिक’ के अमेरिकी प्रीमियर को “अविश्वसनीय अनुभव” बताया। उन्होंने कहा कि एक तेलुगु फिल्म को वैश्विक स्तर पर सराहना मिलते देखना गर्व की बात है। गौतम ने शानदार विजुअल्स और कहानी की सहजता की तारीफ करते हुए कहा कि बड़े पर्दे पर इसे देखना “रोंगटे खड़े कर देने” जैसा था। मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा, “अब कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा, ये जानने को दो साल नहीं लगे!”

‘बाहुबली: द एपिक’ इसलिए विशेष है क्योंकि यह सिर्फ दो फिल्मों को मिलाकर बनाई गई प्रस्तुति नहीं है, बल्कि इसे नए सिरे से गढ़ा गया है। इस संस्करण को पहली फिल्म की दसवीं वर्षगांठ के अवसर पर दर्शकों के लिए खास तोहफे के रूप में तैयार किया गया है। इसमें अनावश्यक दृश्यों को हटाकर कहानी को अधिक प्रभावशाली बनाया गया है। फिल्म अब एक ही सफर में दर्शकों को महिष्मती के आरंभ से लेकर अंत तक ले जाती है। इसके अलावा, इसे देशभर में कई भाषाओं में और बड़े फॉर्मेट जैसे आईमैक्स व 4डीएक्स में रिलीज किया गया है, ताकि दर्शक इसे पूरी भव्यता के साथ महसूस कर सकें।

रिलीज के साथ ही फिल्म ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। सिनेमाघरों में एडवांस बुकिंग के रिकॉर्ड टूट गए हैं और सोशल मीडिया पर लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। कई दर्शक भावुक होकर लिख रहे हैं कि प्रभास का वही शाही और शक्तिशाली रूप देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए।  

प्रतिमा 'गृहलक्ष्मी’ टीम में लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। डिजिटल मीडिया में 10 सालों से अधिक का अनुभव है, जिसने 2013 में काशी विद्यापीठ, वाराणसी से MJMC (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की। बीते वर्षों...