1. सनबर्न
तपती धूप में जब हम ऑफिस या आउटिंग के लिए जाते हैं तो हमारी स्किन को बहुत कुछ झेलना पड़ता है। सूर्य की किरणों का सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। त्वचा झुलस जाती है और उसका रंग काला पड़ जाता है। इससे त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। इसके अलावा धूप में ज्यादा देर रहने का नतीजा होता है स्किन डैमेज, सनबर्न रैशेज और टैनिंग जैसी परेशानिया।
उपाय
  • आलू को छिलके के साथ पीसकर सनबर्न पर लगाने से टैनिंग खत्म हो जाती है।
  • दही में प्रोबायोटिक्स और एंजाइम चेहरे की लालिमा को कम कर त्वचा को साफ करते हैं। दही को चेहरे पर लगाने से त्वचा के रोमछिद्र खुलते हैं और चेहरा साफ हो जाता है।
  • खीरा अपनी कूलिंग बल्कि हीलिंग प्रोपर्टी और इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की वजह से स्किन के लिए फायदेमंद हैं।
  • चेहरे पर बर्फ का उपयोग करके अपनी त्वचा को सही किया जा सकता है, यह ठंडक देने के साथ ही चेहरे की सूजन को कम करता है तथा त्वचा की जलन भी कम होती है।
  • पुदीने में एंटी बैक्टीरियल होता है जो त्वचा को पोषित कर पिग्मेंटेशन की समस्या से छुटकारा दिलाते हैं। इससे ठंडक मिलती है और सनबर्न के समय त्वचा को मॉश्चर देने का काम करती है जिससे चेहरे के रोम छिद्र खुलते हैं और त्वचा को साफ कर उन्हें ताजगी और नमी प्रदान करता है।
2. डिहाइड्रेशन
डिहाइड्रेशन का असर सिर्फ आपकी बॉडी को नहीं बल्कि त्वचा को भी झेलना पड़ता है। लगातार पसीना आने से हमारे शीर में पानी की कमी हो जाती हैं इसकी पूर्ति के लिए अगर पर्याप्त मात्रा में पानी न पीया जाए तो त्वचा रूखी, बेजान, इरिटेडिट और सनबर्न की चपेट में आने के अनुकूल बन जाएगी। इस तरह जब त्वचा डिहाइड्रेशन का शिकार होती है तो इसका असर गर्दन पर भी दिखने लगता है। त्वचा शुष्क और बेजान होकर ढीली हो जाती है, जो बाद में झुर्रियों का कारण बनती है।
 
उपाय
  • रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पिएं। आधे घंटे में एक बार पानी जरूर पीएं।
  • फलों का ताजा रस भी पी सकते हैं।
  • आप कुछ डीप हाइड्रेटिंग ट्रीटमेंट भी ले सकते हैं जैसे कि हाइड्रेटिंग इलेक्टोपोरेशन थेरेपी, ऑक्सीजन थेरेपी और जुवेडर्म रिफाइन।
  • डिहाइड्रेशन की वजह से हमारे शरीर में पोटेशियम की कमी हो जाती है, इसके लिए केला अच्छा रहता है। दिन में दो केले खाने से यह समस्या दूर हो जाती है।
  • नारियल पानी पीने से भी डीहाइड्रेशन की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • छाछ पीना बहुत अच्छा रहता है। इसलिए दिन में दो बार पतला सा छाछ बनाकर पीएं।
  • नींबूपानी पीने से शरीर को ताजगी मिलती है।
3. एनीमिया
वैसे तो एनीमिया कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है। एनीमिया हाने पर शरीर में आयरन की कमी हो जाती है और इसके चलते हीमोग्लोबीन बनना भी कम हो जाता है। इससे शरीर में खून की कमी हो जाती है। इसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है और त्वचा से संबंधी कई तरह के रोग भी हो जाते हैं, जैसे कि झाइयां, त्वचा होंठ, नाखुनों और हथेलियों का पीला पडऩा इत्यादि, जिससे चेहरे की खूबसूरती खत्म हो जाती है।
 
उपाय
  • अगर एनीमिया से होने वाले रोगों से बचना है तो अपने आहार में कुछ बदलाव लाने होंगे जैसे कि आयरन की जरूरत को पूरा करने के लिए खाने में चुकंदर, गाजर, टमाटर और हरी पतेदार सब्जियों को शामिल करें और-
  • लोहे की कढ़ाई में बनी सब्जियां खाएं।
  • मूंग, तिल, बाजरा और फलों का सेवन करें।
  • मटर, बादाम, खुबानी, फलियां, किशमिश और खजूर खाएं।
  • टमाटर व सेब का जूस पीएं, एक केला रोज खाएं। पपीता, अंगूर, अमरूद, केला, सेब, चीकू और नींबू का सेवन करें। अनार का जूस भी बहुत अच्छा रहता है। दस मुनक्का रात भर भिगोएं और सुबह बीज निकालकर खा लें।

 

4. त्वचा पर चकत्ते
गर्म मौसम में प्रदूषण और धूल मिट्टी हमारे रोमछिद्रो में घुसकर उन्हें बंद कर देती हैं जिससे पसीना पूरी तरह से बाहर नहीं आ पाता है और त्वचा पर लाल चकत्ते बन जाते हैं। यह रैश त्वचा का सामान्य टोन बदल देते हैं।
 
उपाय
  • इससे बचाव के लिए दिन में दो बार नहाएं।
  • सेब का सिरका भी फायदेमंद होता है। कॉटन में सिरके की कुछ बूंदे लेकर चकते वाले स्थान पर लगाएं। धीरे-धीरे चकते कम होने लगेंगे।
  • नहाने के पानी में फिटकरी पीसकर इस पानी से नहाने से भी चकत्ते दूर हो जाते हैं।
  • आधा चम्मच चंदन का बुरादा और आधा चम्मच गिलोय का चूरन मिलाकर शहद के साथ लेने से भी आराम मिलता है।
  • तुलसी की कुछ पत्तियां मसलें और चकते वाले स्थान पर लगाएं इससे लाभ होगा।
  • एलोवेरा जेल लगाने से चकत्ते दूर हो जाएंगे।
  • रैशेज को कैमोमाइल टी से धोएं। इसके लिए टी बैग्स का प्रयोग करें।
  • रैशेज वाली जगह में एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल लगाएं।
  • दो तीन दाना काली मिर्च, एक चम्मच हल्दी, थोड़ा सा मेथी दाने को पीस लें और
  • उसे मिश्री में मिलाकर चूरन बना लें। सुबह आधा चम्मच चूरन शहद या दूध के साथ ले, आराम मिलेगा।
5. मुहांसे
धूल मिट्टी और प्रदूषण भरे वातावरण में त्वचा खासकर चेहरे पर मुंहासे निकल आना आम समस्या है। तैलीय त्वचा होने पर भी मुंहासे हो जाते हैं। लेकिन अगर कुछ उपाय किए जाएं तो इसे समस्या से बचा जा सकता है।
 
उपाय
  • दिन में कई बार चेहरे को साफ पानी से धोएं, डाक्टर का बताया हुआ फेसवॉश दिन में एक बार इस्तेमाल करें और बाकी समय सादे पानी से फेसवॉश करें।
  • खूब पानी पीएं, इससे त्वचा के रोमछिद्र खुलेंगे और गंदगी साफ होगी।
  • भोजन में कार्बोहाइटेट और डेयरी उत्पादों का सेवन करने से भी मुंहासों की समस्या हो जाती है। इसलिए यह ना लें।
  • आटे के बजाए साबुत अनाज खाएं।
  • रोजाना चार से पांच लीटर पानी पीएं।
  • अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फलों और दही को शामिल करें। जंक फूड और साफ्ट ड्रिंक से बचें।
  • ग्रीन टी का सेवन करें। इसमें एंटी आक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा को साफ और बेदाग बनाते हैं।
  • गंदे हाथों को बार-बार चेहरे पर लगाने और फुंसियों को फोडऩे से भी मुंहासे और ज्यादा हो जाते हैं इसलिए ऐसा ना करें।
  • नीम की पत्तियों और हल्दी पाउडर को मुंहासों पर लगाने से भी आराम मिलता है
  • इलाइची पाउडर और शहद को मिलाकर पेस्ट बनाएं और रात में सोने से पहले फेस पर लगाएं और सुबह धो लें। इससे मुंहासे दूर होंगे।
  • चेहरे को किसी गंदे कपड़े से न पोंछें।
6. फंगल इंफेक्शन
मानसून में कई लोगों को खुजली, मुहांसे, त्वचा के तैलीय होने की समस्या हो जाती हैं। इससे फंगल इंफेक्शन भी हो जाता है, जिससे त्वचा का लाल या सूजन होना भी गंभीर रूप ले लेता है।
 
उपाय
  • फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल पाउडर इस्तेमाल करें।
  • खानपान और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • एल्कोहल युक्त क्लींजर्स से बचना चाहिए क्योंकि ये त्वचा में खुजली पैदा कर सकते हैं।
  • हर्बल क्लींजर्स से आपकी त्वचा अत्यधिक तेल, धूल और बैक्टीरियल संक्रमण से बच सकती है।
  • चेहरे पर धूल व मैल ना चिपकने दें, इसके लिए थोड़ी-थोड़ी देर बाद साफ पानी से चेहरे को धोते रहें।
  • एल्कोहल मुक्त टोनर त्वचा पर दिन में दो बार लगाएं। यह त्वचा को अच्छे से साफ करता है।
  •  त्वचा के रोम कूपों को खोलने के लिए हर दो दिन में एक बार भाप लें। भाप त्वचा की गहराई तक जाकर चेहरे से मैल निकालती हैं। भाप लेने के कुछ मिनटों तक इंतजार करें और फिर रोम कूपों को बंद करने के लिए चेहरे पर बर्फ मलें।
  • कैस्टर ऑयल में एंटी इंफलेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा को बाहरी संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं।

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