गौरी के आंसू उसके अंदर का दर्द बयां करते थे। वह खुद को बहुत ही बेबस और लाचार पाती थी। उसके माता-पिता भी बहुत दु:खी रहने लगे। मगर उनके ऊपर दु:खों का असली पहाड़ तो अभी टूटना बाकी था। गौरी की शारीरिक संरचना की खबर उड़ते-उड़ते किन्नर समाज तक जा पहुंची। आज शर्माजी के यहां […]
