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ऐसी होती है पत्नी-गृहलक्ष्मी की कविता

Hindi Poem: थोड़ा नल खुला रह गयातो ऐसा बतायेंगीसारा नल का पानीऐसे ही बर्बाद हो जाता हैआज समझ आईटंकी का पानी खालीकैसे हो जाता हैमैं तो इतना उपयोग नहीं लातीपानी बचाने का काम करतीपर तुम से कुछ नहीं होगाइतने सालों से हमनेतुम्हारी इन्हीं हरकतों सेक्या क्या नहीं होगाऔर भइया उनको कितनी भी दो सफाईपर नहीं ये सुन पातीन जाने पूरे हमारे खानदान कोक्या क्या […]

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पत्र लिखा है तुम्हें-गृहलक्ष्मी की कविता

पत्र नहीं मेरे मन की भड़ास है।अब तो भइया संदेश ही देनाअब क्यों उदास है।।फोटो भी नहीं भेजी तुमनेमन नहीं लग पाता है।वीडियो कॉल में देख लो जीसभी कुछ तो दिख जाता है।।पत्र लिखा है तुम्हेपत्र नहीं मेरे मन की भड़ास है।अब तो भइया संदेश ही देनाअब क्यों उदास है।। सभी कुछ पास होताफिर भी […]

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