Posted inकविता-शायरी, हिंदी कहानियाँ

मुस्कान-गृहलक्ष्मी की कविता

Hindi Poem: हर मुस्कान कुछ तो कहती है,. यूं ही नहीं सबके होठों पर रहती है ..!! जीवन जीने की कला है मुस्कान, अपनों से किया वादा है मुस्कान, प्रेम की अति अधीरता है मुस्कान, कवि की अनंत कल्पना है मुस्कान, प्रेमी के दिल की थाह है मुस्कान, प्रेमिका की बलखाती अदा है मुस्कान, बच्चों […]

Posted inकविता-शायरी, हिंदी कहानियाँ

बच्चे खुश तो जग खुश है-गृहलक्ष्मी की कविता

Childhood Hindi Poem: बाल रूप धर धरती पर ईश्वर होते हैं अवतरित, मासूम सा बचपन निश़्छल हंसी करते हैं रचित, इक नारी को मॉं का सम्मान देता है नन्हा सा बचपन, उस पल पिता के कॉंधे बन जाते हैं मजबूती का सम्बल, सम्पूर्ण करते इक परिवार की धुरी बन जाते हैं बच्चे, अपने पिता माता […]

Gift this article