Hindi Poem: घर के छुपे हुए कोने,जहाँ नजर ठहरती नहीं,जहाँ ठहरती है आहत सिसकियां,कभी सुकून के मौन क्षण,और कभी छूटी हुई सहेलियाँ,वो बिछड़ी हुई प्रेम कहानियाँ,ख्यालों में हुई वो मुलाकातें,अनछुए सलोने से सपने,बे रोनक दिन को सजाते हाथ,और खुद से खुद की सहलाती बात,इन्ही छुपे हुए कोनों में,रखें होते हैं उसने औरत होने के अहसास,अजनबी […]
