Ego in Relationship: रिश्ते केवल प्यार और नजदीकियों का नाम नहीं होते। वे विश्वास, सम्मान और समझ पर टिकते हैं। लेकिन कई बार देखा गया है कि कुछ रिश्तों में अहंकार और नियंत्रण इतना बढ़ जाता है कि साथी की भावनाओं की परवाह नहीं की जाती। सीमा अपने साथी रोहन के साथ हमेशा खुलकर अपनी […]
Author Archives: मेघा राठी
पति है या हसबेंड (एक इच्छाधारी प्राणी) -व्यंग्य
Hindi Vyangya: पति नामक जीव को ये दिन रोज के दिनों जैसे सामान्य लगते हैं। पत्नी बेचारी लाख कोशिश कर ले समझाने की, मगर इनके सिर में जूं तो होती नहीं जो कान पर रेंग जाए। आप सोच रहे होंगे कि भला यह क्या बात हुई। पति कहो या हसबेंड कहो, बात तो एक ही […]
डस्टबिन-गृहलक्ष्मी की कहानी
Hindi Kahani: ‘सब सही लग रहा है न, कहीं कुछ कमी तो नहीं दिखाई दे रही?’ कुर्सी पर बैठी अपनी सास से प्रगति ने एक बार फिर से घर का मुआयना करते हुए पूछा।‘प्रगति, यह तीसरी बार पूछ रही हो तुम मुझसे। सब तो अच्छा है। अब तुम तैयार हो जाओ। उसके बाद बाकी काम […]
विकृति-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Story: सर्दी का मौसम था और बहुत देर बाद अब जाकर धूप निकली थी। इस कारण हॉस्पिटल के छोटे से बरामदे में ही कुछ मरीज और उनके परिजन बैठे हुए थे। जिनको धूप में बैठने की जगह नहीं मिल सकी, वे अंदर ही बैंचों पर ऊंघते अलसाते हुए या अपने मोबाइल फोन स्क्रॉल करते […]
