Hindi Story: आज पहली दृष्टि में ही गुरमीत सिंह की नजर किरनदीप के चेहरे पर अटक कर रह गई थी। वह किरनदीप को देखता ही रह गया था। बहुत ही उदास थी वह। किन्हीं सोचों में खोई हुई-सी। हैरान! परेशान। जैसे किसी उलझन में फंसी हो। आज पहले जैसा तो कुछ भी नहीं था। ना […]
Author Archives: भोला सिंह संघेड़ा
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उम्र से लंबे दु:ख-21 श्रेष्ठ नारीमन की कहानियां पंजाब
Hindi Story: जिन्दगी के वो दिन मुझे कभी नहीं भूलेंगे। जब मैं पल-पल मरती रही और पल-पल जीती रही। मेरे नाजुक पैर अंगारों पर चलने के लिए तैयार हुए। जिन्दगी के वीरान रास्ते पर मैं टूटती रही, जुड़ती रही। हर रोज दुआ करती हूं, ऐसी मुश्किल घड़ी किसी बेगाने पर भी ना आए। ऐसे गमगीन […]
