Posted inहिंदी कहानियाँ

सर आँखों पर – 21 श्रेष्ठ नारीमन की कहानियां गुजरात

उस दिन की वह सुबह… आज से करीब तीन-चार शतक पूर्व की बात है। गाँव माधुपुर- उसके दरबारगढ़ की छत के झरोखे में समरथ दादा माची (नीची बैठकवाली कुर्सी) पर बैठे थे। सामने थोड़ी-सी दूरी पर स्थित बावड़ी को वे आँख-भर कर देख रहे थे। बावड़ी पर पानी भरने आ रही गाँव की बहुओं के […]

Gift this article