एक छोटे से गांव में रहती लाजवंती जिसे प्यार से लोग लाजू कहकर बुलाते थे। मां के पल्लू और पिता की छत्रछाया में 16 साल की वह कब हो गई, उसे पता भी नहीं चला। खाते-पीते घर की तंदुरुस्त लाजो का अंग-अंग यौवन से खिल उठा था। इसका उसे कोई अंदाजा ही नहीं था। मन […]
