Posted inहिंदी कहानियाँ

पूर्णिमा – 21 श्रेष्ठ नारीमन की कहानियां छत्तीसगढ़

रात का समय था आकाश में तारे छिटक आये थे चाँद भी अपनी पूरी सुन्दरता को बिखेरते हुए मुस्कुरा रहा था। तभी खलिहान से एक बूढ़े की आवाज आती है। बेटी पूर्णिमा बाहर ठिठुरन है अंदर आ जा अलाव की गर्मी से ठण्ड थोड़ी दूर हो जाएगी। पूर्णिमा न जाने किसकी यादों को लिये हुए […]

Gift this article