Hindi Poem: प्रीतमय समां सुहाना उजला आसमांदर्दे दिल रहा पुकार है साजनाहो कहां, हो कहां, हो कहां, ओ…… साजना ढूंढती खोजती हूं रात दिनमन तड़प रहा है पिया तेरे बिनआ भी जाओ अब नहीं आजमांदर्दे दिल रहा पुकार साजनाहो कहां, हो कहां, हो कहां, ओ……. साजना मेघ बूंद आज जलाती मुझेचांदनी भी हाय सताती मुझेशीत […]
Author Archives: डॉ.अलका गुप्ता
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छुअन तेरे की सुख अनुभूति-गृहलक्ष्मी की कविता
Hindi Poem: दे दे मुझको स्पर्श कोई मां तेरे जैसायाद में तेरी तरस रही हूं, प्यार हो ऐसा इस धरती पे आने से पहलेमैंने तेरा ही स्पर्श जानाअंश तेरा बना मेरा जीवनतेरा उदर था मेरा ठिकानामैं ना जानूं इस दुनिया को कौन करें कैसादे दे मुझको स्पर्श कोई मां तेरे जैसा। मृत्यु तुल्य प्रसव पीड़ा […]
