A family shares a warm moment in a cozy, mountain-side living room featuring a lit fireplace and a Christmas tree
A Journey of Emotions

summary : सुनसान रास्ता, अनजाना डर और एक भरोसे की कहानी

सर्द रात में सुनसान रास्ते पर फंसी अंशिका डर और शक के बीच जूझती है, लेकिन एक अनजान ड्राइवर की सच्चाई उसका भरोसा लौटा देती है।
यह कहानी डर, भरोसे और इंसानियत की उस भावना को दर्शाती है जो आज भी जिंदा है।

Hindi Kahani: दिसंबर की सर्द हवा में ऐसी सिहरन लिपटी थी। 26 साल की साल की अंशिका अपने शहर से बाहर एक ज़रूरी काम निपटा कर कैब में बैठी घर लौट रही थी। उसके दिल और दिमाग में बार-बार अपने दो साल के बेटे समीर का ख्याल आ रहा था। लेकिन मन में कहीं न कहीं तसल्ली थी की वो उसकी नानी के पास है।  रात के 9 बज रहे थे वो थक कर बेहाल हो गयी थी । घर से बाहर ऐसी थकान में बेटे की फोटोज़ देखना ही उसे राहत देता था। मोबाइल में समीर की मस्ती भरी वीडियो और फोटोज देखते देखते उसके चहरे पर मुस्कान की लहर दौड़ गयी। आँख कब लग गयी पता ही नहीं चला , कुछ देर बाद जब नींद टूटी तो उसने ध्यान दिया रास्ता थोड़ा अनजान है।

A woman in a red jacket uses her phone in the backseat while a man drives through a foggy night.
The Safe Journey Home

पल भर में उसे घबराहट होने लगी, कंपकपाने वाली सर्दी में भी उसके चेहरे से पसीने की बूँदें टपकने लगी। धीमे से उसने ड्राइवर से कहा ,हम तो आगे निकल गए शायद। हाँ मैडम, थोड़ा आगे तो निकल गए हैं। हाईवे पे एक कट मिस हो गया था। उसकी आवाज़ में अजीब सी शांति थी । सुनसान सड़क, गहराता अँधेरा और बर्फीली हवा की डराने वाली आवाज़ के साथ अंशिका का मन  ठंडा पड़ने लगा था ।

अचानक ड्राइवर ने गाड़ी एक बिल्कुल सुनसान जगह पर रोक दी। चारों तरफ सन्नाटा छाया था। रोशनी का कोई नामो-निशान नहीं था । अंशिका के ज़ेहन में आये दिन आने वाली अटपटी खबरें  घूमने लगीं। न्यूज़ चैनलों पर दिखाए गए दर्दनाक हादसे। अगर कुछ गलत हो गया तो, सोचकर उसके हाथ  काँपने लगे।

A worried woman sits in a car while a man drives through a dark, foggy forest.
Fear on a Silent Road

मोबाइल में नेटवर्क नहीं था , पर फिर भी उसने जल्दी-जल्दी एक मैसेज टाइप किया, मेरी कैब का नंबर ये है ,अगर कुछ हो जाए…और भेज दिया, उम्मीद में कि जैसे ही नेटवर्क आएगा, ये मेसेज पहुँच जाएगा। ना चाहते हुए भी उसके चेहरे पर उतर आया डर अब  साफ़ नज़र आ रहा था । तभी ड्राइवर वापस आ कर बोला , आप घबराइए मत, आगे से एक शॉर्टकट है। जल्दी ही आपको घर पंहुचा दूँगा । आप फ़ोन को देख कर परेशान हो रहीं थी अगर नेटवर्क नहीं है तो मेरे फ़ोन से घर पर फ़ोन कर के लोकेशन भी एक्टिव कर दीजिए ।

अंशिका उसे देखती रह गई। ड्राइवर की आँखों में सच्चाई और सादगी साफ़ नज़र आ रही थी। उसने धीरे से फोन लिया और घर पर कॉल किया। माँ की आवाज़ सुनते ही उसका गला भर आया।

A woman in a shawl greets a man outside a mountain home at twilight next to a parked car.
A Stranger’s Kindness

माँ, मैं बस थोड़ी देर में पहुँच जाऊँगी, आप चिंता मत करना। रास्ते में दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। अंशिका ने पूछा, आप आसपास ही रहते हैं भईया , ड्राइवर ने मुस्कुरा कर कहा जी मैडम , उसने रुकते-रुकते कहा ,आज आपकी घबराहट देख कर मैं समझ गया था आप परेशान हो गयीं हैं। उसकी बात सुनकर अंशिका को अपने बेकार ख्यालों पर शर्म महसूस हुई ।  कुछ ही देर में शहर की रोशनी दिखने लगी। गाड़ी अंशिका के घर के ठीक सामने खड़ी थी । उतरते समय उसने ड्राइवर की तरफ देखा और हल्की मुस्कान के साथ कहा, थैंक-यू  भईया मुझे अच्छी तरह घर पहुंचाने के लिए।

ड्राइवर ने सिर झुकाकर बस इतना कहा, घर में मेरी भी चार बहनें हैं मैडम , मैं हर लड़की में अपनी बहन देखता हूँ । साधारण से शब्दों में उसने बहुत बड़ी बात कह दी थी।

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उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...