Summary: 21 की उम्र में शादी और बच्चे के साथ यूपीएएसी क्रैक कर रचा इतिहास, जानिए कैसे हुआ ये कमाल!
यह कहानी है एक ऐसी महिला की, जिसने सिर्फ 21 साल की उम्र में शादी की, मां बनी और फिर पिता के सपने को पूरा करने के लिए यूपीएएसी परीक्षा क्रैक कर इतिहास रच दिया। अपने घर की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने कभी हार नहीं मानी और कठिन मेहनत से सफलता हासिल की।
Success Story of IAS Minnu PM Joshy: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC को पास करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। लेकिन जब कोई महिला, जो 21 साल की उम्र में शादी करके परिवार की जिम्मेदारियों में उलझ चुकी हो, बिना किसी कोचिंग के खुद पर भरोसा करके IAS अधिकारी बन जाती है, तो उसकी कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा बन जाती है। मिन्नू पीएम जोशी ने अपनी इस मुश्किल राह को पार करते हुए ना सिर्फ अपने सपनों को सच किया, बल्कि अपने पिता के सपने को भी जीवित रखा। शादी, मां बनने और घर की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने जो मेहनत दिखाई, वह हर चुनौती से ऊपर थी। आइए, जानते हैं मिन्नू की इस संघर्ष और सफलता से भरी कहानी।
पिता के अधूरे सपने को किया साकार

मननू पीएम जोशी केरल के एक छोटे से गांव से आती हैं। उनके पिता राज्य पुलिस में अधिकारी थे और उनका सपना था कि उनकी बेटी सिविल सेवा में सफल होकर परिवार का नाम ऊँचा करे। लेकिन किस्मत ने ऐसा मोड़ दिया कि पिता का निधन ड्यूटी के दौरान हो गया। यह हादसा मननू के लिए एक बड़ा झटका था, लेकिन उसी दर्द ने उन्हें मजबूती दी और उन्होंने ठाना कि वे अपने पिता के अधूरे सपने को पूरा करके उन्हें गर्वित करेंगी।
21 की उम्र में शादी और फिर बच्चा
मिननू की शादी 21 की उम्र में हो गई थी और फिर वो एक बच्चे की मां भी बनीं। हालांकि, 2012 में उन्हें अपने पिता की जगह पुलिस विभाग में क्लर्क की नौकरी मिल गई थी। नौकरी के साथ-साथ वह घर भी देखती थीं। उन्होंने केरल विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स की पढ़ाई भी है।
बगैर कोचिंग UPSC किया क्रैक
मिननू ने नौकरी परिवार के साथ-साथ मां की जिम्मेदारी निभा रही थीं लेकिन अपने पिता का सपना नहीं भूली थीं। परिवार और बच्चे की जिम्मेदारियों के बीच यूपीएससी की तैयारी में चुनौतियां थीं लेकिन उनके हाथों ने किताबें उठाकर यूपीएससी का लक्ष्य साध लिया था। यूपीएससी परीक्षा को पास करने के लिए जहां लोग महंगी कोचिंग ज्वाइन करते तो वहीं मिननू ने कोचिंग को न कह दिया। 2015 से खूब मेहनत से अपनी तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू बगैर कोचिंग के पास किए। 32 की उम्र में 150वीं रैंक लाने के बाद उन्हें IAS की पोस्टिंग मिली। बता दें कि उन्होंने 6 साल तक यूपीएससी की तैयारी की थी।
ISRO अधिकारी पति का साथ मिला
मिननू के पति भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में अधिकारी हैं और उन्होंने उनके इस सफर में हर कदम पर पूरा साथ दिया। मिननू ने खुद भी बताया है कि उनकी सफलता के सफर में उनके पति का पूरा साथ रहा है, और उनकी मदद के बिना वह यह सब कभी हासिल नहीं कर पातीं। IAS मिननू पीएम जोशी की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो परिवार और जिम्मेदारियों के चलते अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं।
