A woman holding her lower abdomen with an illustrated uterus and ovaries glowing at the center, symbolizing female reproductive and menstrual health.
A visual representation of the uterus and ovaries highlighting women’s reproductive health and the importance of hormonal balance during the menstrual cycle.

Summary:प्री-मेनोपॉज या तनाव से बिगड़े पीरियड को नेचुरली करें ठीक

अनियमित पीरियड, सूजन और वेट गेन हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकते हैं। घर पर बने इस नेचुरल पाउडर से पीरियड्स को फिर से रेगुलर बनाया जा सकता है।

Hormone Balance Power: पीरियड्स को लेकर महिलाओं के अपने एक अलग ही संघर्ष रहते हैं। कुछ महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग की परेशानी होती हैं। वहीं कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं जिन्हें एक दो दिन भी पीरियड एक दो दिन भी खुलकर नहीं आ पाते। इस वजह से उन्हें बैचेनी, मूड स्विंग और सूजन की समस्या रहती है। उनके हार्मोंस भी डिसबैलेंस होते हैं। ऐसे में वेट गेन की समस्या का भी सामना करती हैं। अगर आप भी कुछ ऐसी ही समस्या से दो चार हैं तो आप घर पर आसानी से एक मैजिक पाउडर बना सकती है।

यह होता क्यों है?

अक्सर यह समस्या 40 साल की उम्र की महिलाओं में देखने को मिलती है। इसे हम प्री मेनोपॉज की शुरुआत के तौर पर देख सकते हैं। इसकी प्रमुख वजह है हार्मोनल फ्लक्चुएशन। वहीं बहुत बार 30 साल की उम्र की महिलाओं में भी यह समस्या देखने को मिलती है। जिसकी वजह अक्सर तनाव होता है।

तो कैसे बनाएं पाउडर

इस पाउडर को बनाने के लिए आप बराबर मात्रा में अलसी, कद्दू के बीज, काली किशमिश, जीरा, अजवाइन, दाना मेथी को एक कढ़ाही में ले लें। जब यह सभी चीजें अच्छे से सिक जाएं तो इसमें जरा सा केसर और थोड़ा सा अखरोट भी मिला लें। सभी चीजों को ठंडा होने दें। अब मिक्सी में इसका एक पाउडर बनाकर रख लें। इसे नियमित तौर से सुबह खाली पेट पिएं। दो से तीन महीने के अंदर आपके पीरियड खुलकर आने लगेंगे। यह रेगुलर भी होंगे। इसके साथ ही आपको सूजन में भी आराम मिलेगा।

कैसे करेगा फायदा

A young woman sitting on a sofa, holding her lower abdomen in discomfort, indicating period pain or cramps.
A woman experiencing abdominal cramps and discomfort commonly associated with menstrual pain.

इस पाउडर में ऐसी सभी चीजें हैं जो कि आपके यूट्रस को सेहतमंद बनाने के लिए काफी है। दानामेथी से जहां पीरियड को रेगुलर होने में मदद मिलती है। वहीं अलसी के बीज हार्मोंस का दुरुस्त करते हैं। इसके अलावा कद्द़ु के बीज लेने से जिंक की कमी पूरी होती है। वहीं केसर यूट्रस की हेल्दी रखने में महती भूमिका निभाता है। इसके इतर अखरोट में एंटीइंफ्लेमेशन गुण मौजूद होते हैं। जो कि सूजन को कम करने में सहायक हैं। इसका सेवन करने से पीरियड में होने वाले दर्द में भी कमी आती है।

यह भी करें

A woman sitting on a cliff, watching the sunset over the sea, with golden sunlight reflecting on the water.
A peaceful moment of a woman enjoying the calming view of the sun setting over the ocean, symbolizing relaxation and mental well-being.

आजकल पीरियड से संबंधित बहुत सी समस्याएं महिलाओं में देखने को मिल रही है। यह पाउडर तो आपके लिए मददगार होगा ही वहीं कुछ छोटी लेकिन अहम बातों का भी आप ख्याल रख सकती हैं। जैसे कि आप अपनी नींद को लेकर कोई समझौता ना करें। कोशिश करें कि आप तनाव में ना रहें। अपनी दिनचर्या में थोड़ा सा समय अपने लिए भी निकालें।

इसके अलावा कुछ समय धूप में जरुर बैठें। धूप में अगर आप दस मिनिट भी बैठती हैं या वॉक करती हैं तो आपके हैप्पी हार्मोन सैरोटोनिन रिलीज होते हैं। यह हार्मोन जब शरीर में सक्रिय होते हैं ते आप तनाव को मैनेज कर पाती हैं। आप आशावान बनी रहती हैं। यह चीजें कहीं ना कहीं आपकी मेंटल हेल्थ और पीरियड हेल्थ पर भी प्रभाव डालती हैं। ऐेसे में कोशिश करें कि आप अपने पीरियड को लेकर सतर्क रहें। अगर आप पीरियड सही रहते हैं तो आपका मेटाबॉलिक रेट भी अच्छा रहता है। आप सही से अपने वजन को मैनेज कर पाती हैं।