Overview: द राजा साब हुई फ्लॉप तो डायरेक्टर ने लोगों को ठहराया जिम्मेदार
पोंगल के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्म को साल की सबसे बड़ी हिट माना जा रहा था। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई।
The Raja Saab Controversy: बॉक्स ऑफिस पर जब बड़े सितारों की फिल्में धराशायी होती हैं, तो अक्सर शोर मचता है, लेकिन प्रभास की फिल्म ‘द राजा साब‘ के साथ जो हुआ, उसने एक अलग ही बहस छेड़ दी है। पोंगल के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्म को साल की सबसे बड़ी हिट माना जा रहा था। वजह साफ थी, सुपरस्टार प्रभास पहली बार हॉरर-कॉमेडी जॉनर में हाथ आजमा रहे थे।
लेकिन हकीकत का पर्दा उठते ही फैंस के अरमान ठंडे पड़ गए। द राजा साब के मेकर्स ने फिल्म के फ्लॉप होने का जिम्मेदार पूरी तरह से लोगों को बता दिया। इससे फैंस काफी नाराज भी नजर आ रहे हैं।
फिल्म से टूटी फैंस की उम्मीदें
फिल्म से जुड़ी सबसे बड़ी नाराजगी इसके कमजोर डायरेक्शन और कहानी को लेकर रही। दर्शकों ने सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर गुस्सा जाहिर किया कि साधारण सीन्स में भी प्रभास के ‘बॉडी डबल’ का इस्तेमाल किया गया। रही-सही कसर खराब पटकथा ने पूरी कर दी। फिल्म देखने वालों का कहना है कि उन्हें मनोरंजन के नाम पर ठगा गया है।
डायरेक्टर मारुति ने लोगों को मढ़ा फ्लॉप का इल्जाम
आमतौर पर फ्लॉप के बाद निर्देशक अपनी गलतियों से सीखते हैं, लेकिन ‘द राजा साब’ के डायरेक्टर मारुति ने एक अलग ही रास्ता चुना। उन्होंने फिल्म की विफलता का दोष सीधे दर्शकों पर मढ़ दिया। मारुति ने एक इमोशनल नोट साझा करते हुए कहा कि दर्शकों ने फिल्म को ‘फेस्टिवल मोड’ में देखा, इसलिए वे कहानी की गहराई और उनके तीन साल के संघर्ष को समझ नहीं पाए।
मेकर्स ने दी ट्रोलर्स को चेतावनी
यही नहीं, उन्होंने ट्रोलर्स को चेतावनी देते हुए कहा, “जो इस फिल्म का मजाक उड़ा रहे हैं, उन्हें कर्मा भुगतना होगा।” उन्होंने इसे कोई श्राप नहीं बल्कि ‘जीवन का नियम’ बताया। मारुति का मानना है कि अगर फिल्म किसी और वक्त रिलीज होती, तो लोग इसके क्लाइमेक्स की तारीफ करते नहीं थकते।
जब जनता ने लिया रिमांड पर
मारुति का यह ‘कर्मा’ वाला तर्क लोगों को रास नहीं आया और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर क्लास लग गई। लोगों ने तंज कसते हुए पूछा कि जब मेकर्स त्योहारों पर फिल्म इसलिए रिलीज करते हैं ताकि ‘फेस्टिवल रस’ का फायदा उठाकर करोड़ों कमा सकें, तो फिल्म पिटने पर दर्शकों के ‘फेस्टिवल मूड’ को दोष देना कहां की समझदारी है?
रेडिट और ट्विटर पर लोग भड़के हुए हैं। एक यूजर ने लिखा, “आपके पास भारी-भरकम बजट था, प्रभास जैसा स्टार था, फिर भी आपने एक घटिया फिल्म बनाई और अब दोष दुनिया को दे रहे हैं।” कुछ फैंस तो प्रभास की चॉइस पर भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे ऐसी कमजोर स्क्रिप्ट्स को हां कैसे कह देते हैं।
बॉक्स ऑफिस का गणित
आंकड़ों की बात करें तो फिल्म ने शुरुआती 6 दिनों में भारत में करीब 124.65 करोड़ रुपये बटोरे हैं। हालांकि पहले दिन 53 करोड़ से ऊपर की शानदार ओपनिंग मिली थी, लेकिन खराब रिव्यूज के कारण कलेक्शन में भारी गिरावट आई। 400 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म के लिए अपनी लागत निकाल पाना भी अब एक चुनौती बन गया है। आलम यह है कि सिनेमाघरों में अब चिरंजीवी और रवि तेजा जैसी अन्य रिलीज फिल्मों ने ‘द राजा साब’ की जगह लेनी शुरू कर दी है।
