Summary:सिंगल पेरेंटिंग में बच्चे से मजबूत बॉन्ड कैसे बनाएं
सिंगल पेरेंट होने के नाते बच्चे को सिर्फ सुविधाएं नहीं, बल्कि समय, सच्चाई और भावनात्मक सहारा देना सबसे जरूरी होता है।
जब आप खुलकर बात करती हैं, प्यार जताती हैं और उसे प्राथमिकता देती हैं, तो आपका रिश्ता और भी मजबूत बनता है।
Single Parenting: क्या आप सिंगल पेरेंट हैं और बच्चे को पर्याप्त समय नहीं दे पा रही हैं? अपने बच्चे की परवरिश करना आसान नहीं है। वहीं अगर आप एक सिंगल पेरेंट है तो यह अपने आप में किसी चैलेंज से कम नहीं है। अगर आप वर्किंग हैं तो काम के साथ साथ अपने बच्चे को भी टाइम देना इतना आसान नहीं होता। वहीं अगर हम बच्चे के नजरिए से देखें तो वो खुद एक अकेलेपन का शिकार होता है। उसे भी आपके ज्यादा प्यार और ध्यान की जरुरत होती है। ऐसे में आपको कुछ ऐसा करना होगा जिससे आपकी और बच्चे की बॉन्डिंग हो मजबूत।
उसे सच बताएं
बहुत बार लोग पुराने रिश्ते को लेकर इतनी कड़वाहट में रहते हैं कि वो उस इंसान का जिक्र भी बर्दाशत नहीं कर पाते। लेकिन आप यह बात याद रखिए कि तलाक या अलगाव आपका हुआ है आपके बच्चे का नहीं। उसे अपने पिता के बारे में जानने का पूरा अधिकार है। अगर वो कभी अपने पिता के बारे में कुछ पूछना चाहे तो उसे सच बताएं। उसकी बातों को टालें नहीं। अगर वो उनसे मिलना चाहता है या फोन पर संपर्क करना चाहता है तो उसे ऐसा करने दें। जब आप उसे यह खुलापन देंगी तो उसका और आपका बॉन्ड बहुत खूबसूरत होगा।
लाड़ करें लेकिन बिगाड़े नहीं

बहुत बार देखा गया है कि सिंगल पेरेंट या तो अपने बच्चों के साथ बहुत सख्ती से पेश आते हैं या फिर उनका रवैया बहुत नर्म हो जाता है। आपको बच्चे को लाड़ करना है। आपको लगता होगा कि मुझे माता पिता दोनों का प्यार देना है। लेकिन प्यार करने में और उसकी हर जायज नाजायज बात को पूरा करने में फर्क है। हर बात पूरी करने से बच्चा बिगड़ता है।
उसे टाइम दें

इस दुनिया में हर चीज सस्ती है सिवाए समय के। आप बच्चे को भरपूर समय दें। अगर वो किसी भावनात्मक तनाव से गुजर रहा है या रही है तो उसे संभालें। हो सकता है कि वो अपने दोस्तों या कजिंस के पिताओं को देखकर परेशान हो रहा हो। ऐसे में उसे समझें। जब आप उसके अकेलेपन और आंसुओं के साथ अपना नाता जोड़ लेंगी तो आपके इस बॉन्ड को कोई चाहकर भी नहीं तोड़ पाएगा।
टाइम को मैनेज करें
जाहिर है कि आपके ऊपर दोहरी जिम्मेदारी है लेकिन मैनेज आपको ही करना होगा। अगर आपके पेरेंट्स आपके साथ रहते हैं तो बच्चे के लिए यह बहुत अच्छी चीज होगी। उसे इमोशनल सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा आपको भी आसानी रहेगी। अपने टाइम को मैनेज करके रहें। अपने बच्चे को प्रॉयरिटी दें। उसे प्यार जताना ना भूलें। वीकएंड पर उसके साथ घूमने जाएं। उसे आपके साथ खूब बातचीत करने का मौका दें।
आपको कहना होगा
आप चाहें कितना भी खुश रखने की कोशिश करें लेकिन सिंगल पेरेंट्स के बच्चे कहीं ना कहीं तनाव में रहते हैं। वो अकेलेपन का शिकार होते हैं। ऐसे में आपको अपने घर का माहौल पॉजिटिव रखना है। बच्चे को आप समय समय पर बताएं कि आप उन्हें बहुत प्यार करती हैं। उनके होने से आपकी जिंदगी बहुत खुशगवार है। आपकी जिंदगी में अगर कोई सबसे ज्यादा अहमियत रखता है तो वह आपका बच्चा है। आपको यह बातें उनसे कहनी होंगी। इससे उन्हें अच्छा महसूस होगा। यह उनके विकास के लिए जरुरी है। आपका प्यार और समय ही आपके बच्चे के लिए सबसे बड़ी ताकत है।
