Summary : सेवंती के फूलों की सबसे ख़ास बात
सेवंती को गमले में उगाना मुश्किल नहीं, बस सही समय, मिट्टी और नियमित देखभाल की जरूरत होती है। यह फूल ठंड में अच्छी तरह पनपता है
Grow Chrysanthemum in Pots: सर्दियों में बगीचे की खूबसूरती बढ़ाने वाले फूलों में अगर कोई नाम सबसे ऊपर आता है तो वह है सेवंती। पीला, सफेद, गुलाबी, नारंगी, बैंगनी और दो-तीन मिश्रित रंगों में खिले इसके फूल किसी भी बालकनी या छोटे बगीचे को खुशी से भर देते हैं। अच्छी बात यह है कि सेवंती को गमले में उगाना मुश्किल नहीं, बस सही समय, मिट्टी और नियमित देखभाल की जरूरत होती है। यह फूल ठंड में अच्छी तरह पनपता है इसलिए शुरुआती बागवानी करने वालों के लिए यह आसान और संतोषजनक विकल्प है।
सबसे पहले गमला और मिट्टी तैयार करें

सेवंती को गहरा गमला नहीं चाहिए बल्कि चौड़ाई वाला गमला बेहतर होता है ताकि पौधा फैलकर बढ़ सके। मिट्टी हल्की, दानेदार और अच्छी ड्रेनेज वाली होनी चाहिए। बगीचे की मिट्टी, रेत और कम्पोस्ट समान अनुपात में मिलाकर मिश्रण तैयार करने से पौधे की जड़ें आसानी से सांस ले पाती हैं। अगर मिट्टी भारी हो या पानी रुके तो जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा कमजोर होता है। शुरुआत में गमले के तले में छोटे पत्थर बिछा दें ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाए।
अच्छी कटिंग चुनें और सही समय पर लगाएं
सेवंती को बीज नहीं बल्कि कटिंग से लगाना आसान होता है। पांच से छह इंच लंबी, हरी और स्वस्थ शाखा चुनें जो फूलों के बादली भाग से निकली हो। नीचे के पत्ते हटाकर शाखा को आधे हिस्से तक मिट्टी में दबा दें। अक्टूबर से दिसंबर तक यह काम करने का सबसे अच्छा समय माना जाता है क्योंकि इस मौसम में तापमान पौधे की जड़ों को तेजी से विकसित होने में मदद करता है। ध्यान रखें कि कटिंग को बहुत गहरे न लगाएं अन्यथा वह सड़ सकती है या जड़ नहीं पकड़ पाएगी।
धूप, पानी और हवा का सही संतुलन बनाए रखें

सेवंती को सुबह की धूप सबसे अच्छी लगती है। रोजाना 3-4 घंटे हल्की धूप मिले तो पौधा मजबूत होगा और फूलों का रंग भी बेहतर दिखेगा। पानी कम लेकिन नियमित दें। मिट्टी में हल्की नमी रहे, भीगना नहीं चाहिए। एक जरूरी बात यह है कि पौधे को खुली हवा मिले लेकिन ठंडी तेज हवा से बचाएं, क्योंकि इससे कलियाँ झड़ सकती हैं। गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ धूप आए लेकिन रात के समय ठंडी हवा सीधी न लगे।
नियमित पिंचिंग और सही मात्रा में खाद
सेवंती की शाखाएं तेजी से बढ़ती हैं और अगर उन्हें नियंत्रित न किया जाए तो पौधा लंबा होकर कमजोर हो सकता है। पिंचिंग यानी ऊपर की नई कोपलों को तोड़ना। यह तरीका पौधे को चौड़ा बनाता है और ज्यादा शाखाएं पैदा करता है, जिससे फूलों की संख्या बढ़ती है। महीने में एक बार गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट देना पर्याप्त है। सर्दियों में रासायनिक खाद से बचें क्योंकि यह नाजुक पौधे को जला सकती है।
रंग-बिरंगे फूलों का मौसम और कटाई

दिसंबर से फरवरी तक सेवंती का फूल खिलने का समय होता है। अच्छे रख-रखाव के साथ पौधे में 7-8 रंगों के फूल आते हैं। कुछ तो दो रंगों का मिश्रण भी देते हैं जो देखने में शानदार लगते हैं। मुरझाए फूल नियमित हटाते रहें ताकि पौधा नई कली बनाने में ऊर्जा लगा सके। यदि आप फूल काटकर गुलदस्ता बनाना चाहें तो सुबह के समय कटाई करें क्योंकि उस समय फूल ज्यादा ताजगी से भरे होते हैं।
