Sex communication gap why partners avoid sex talk
Sex communication gap why partners avoid sex talk Credit: Istock

Summary: Sex Communication Gap समझें

सेक्सुअल नीड्स पर बात करना क्यों मुश्किल होता है, इसके मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारणों को समझें, और Sex Communication Gap को दूर करने के प्रभावी तरीके जानें।

Partner avoids Sex Talk: जिस प्रकार कपल्स के बीच रिश्ते में प्यार जरूरी है, उसी प्रकार सेक्स का भी अहम रोल है। रिश्ते में कपल के सेक्सुअल नीड्स पूरी न होने पर रिश्ते में असंतुष्टि भावनात्मक, दूरी यहां तक की रिश्ता टूटने के कगार पर पहुंच जाता है और इन सब के पीछे एक साधारण कारण है कपल्स के बीच सेक्स कम्युनिकेशन गैप का होना। रिश्ते में कपल्स के बीच यह एक ऐसी खाई है जिसे कई कपल्स समझ नहीं पाते और इसके कारण उनका रिश्ता और वह खुद भी प्रभावित होते हैं। आईए जानते हैं इस लेख में कपल्स किस तरह इस गैप को समझें और दूर करें।

Sex communication gap why partners avoid sex talk
Sex communication gap why partners avoid sex talk

कपल्स जब एक दूसरे से अपने यौन जरूरत को अपनी पसंद या ना पसंद को अपने साथी से नहीं बता पाते हैं या सेक्स के दौरान उन्हें कैसा महसूस होता है, अपने साथी के काम से वह संतुष्ट हैं या नहीं, वह सेक्स के दौरान क्या नया ट्राई करना चाहते हैं। जब कपल से एक दूसरे को इस तरह की बातें ना बात पाएं या पता लगने पर झिझक या शर्मिंदा महसूस करें तो कपल्स के बीच इस स्थिति को सेक्स कम्युनिकेशन गैप कहेंगे।
रिश्ते में इस गैप का होना अर्थात कपल्स का एक दूसरे की भावनाओं को ना समझ पाना और रिश्ते में इमोशनल और फिजिकल जुड़वा की कमी आना होता है।

भारत में सामाजिक और पारिवारिक संस्कार के कारण यहां बचपन से ही सिखाया जाता है या गंदी बात है, इस पर बात नहीं करनी चाहिए और यही मानसिकता बड़े होकर भी बनी रहती हैं।

बहुत से लोग डरते हैं, अगर हमने सेक्स पर बात करी या अपनी जरूरत बताई तो हमें चरित्रहीन समझा जा सकता है। यह भी हो सकता है कि सामने वाला कहे, इसे दिन रात सेक्स की ही बात करनी होती है।

पार्टनर का मना करने का डर, अधिकतर समय कपल्स अपने साथी से अपनी जरूरत नहीं कहते, उन्हें लगता है सामने वाला मना कर देगा जो की भावनात्मक रूप से आहत करता है।

अगर रिश्ते में जरूरत पर बात नहीं होती है तो रिश्ते में गलतफहमियां बढ़ जाती है। कपल्स के बीच एक दूसरे के प्रति नकारात्मक सोच और मन-मुटाव बढ़ता है। सेक्स सिर्फ शारीरिक जरूरत नहीं बल्कि यह रिश्ते को भावनात्मक मजबूती भी प्रदान करता है। जब इन जरूरतों पर बात खत्म हो जाती है तो रिश्ता भावनात्मक रूप से भी कमजोर होने लगता है।

सेक्स की जरूरत पर बात ना कर पाना, सेक्स की इच्छा को दबाना, रिश्ते में सेक्स की कमी आपके अंदर फ्रस्ट्रेशन, चिड़चिड़ापन, गुस्सा और तनाव को बढ़ाता है। कई बार परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति भटक जाता है वह कोई गलत कदम भी उठा सकता है। लगातार यौन असंतुष्टि आपके आत्मसम्मान को भी कम करता है।

अपने साथी से यह उम्मीद ना करें कि वह आपके बिना कहे सब कुछ समझ जाए बल्कि अपनी जरूरत के बारे में उससे खुलकर बात करें।

बात करते समय ध्यान रहे आपकी कोशिश अपने पार्टनर को अपनी परेशानी बताना हो ना कि दोषारोपण करना।

रिश्ते में शर्म को कम करने के लिए हर रोज पार्टनर को किस, हग जैसी छोटी-छोटी चीज जरूर करें। यह छोटी-छोटी चीजें आपके रिश्ते में सिर्फ शर्म को खत्म नहीं करता बल्कि भावनात्मक जुड़ाव को भी बढ़ाता है।

सेक्स करते समय फोरप्ले करें। इससे आप अधिक समय तक एक दूसरे को अच्छा महसूस करवा पाते हैं और आपको संतुष्टि भी मिलती है। साथ ही फिजिकल के साथ इमोशनली भी आपको अच्छा महसूस होता है।

अगर परेशानी अधिक है तो प्रोफेशनल से मिलकर बात करें और अपने रिश्ते को सुधारे।

निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...