Controversy Arises as Ganpati Bappa is Shown as Premanand Ji

Summary: गणपति बप्पा को प्रेमानंद जी जैसा दिखाने पर मचा विवाद, लोगों ने कहा- इंसान भगवान नहीं हो सकता

भारत में गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जा रही है। इस बार चर्चा में एक मूर्तिकार की वह प्रतिमा रही, जिसमें भगवान गणेश को आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद जी के रूप में दिखाया गया।

Premanand Maharaj Ganesh Idol: भारत में इन दिनों गणेश चतुर्थी का त्यौहार मनाया जा रहा है, जिसे भगवान गणेश के जन्म उत्सव के रूप में पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान गणेश को नई शुरुआत और विघ्नहर्ता माना जाता है, और इस मौके पर भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ उनका स्वागत करते हैं। हर साल की तरह इस बार भी कलाकारों ने अपनी क्रिएटिविटी दिखाते हुए अलग-अलग तरह की गणेश प्रतिमाएं बनाई हैं। हालांकि, इस बार एक प्रतिमा सबसे ज्यादा चर्चा में रही क्योंकि एक मूर्तिकार ने भगवान गणेश की प्रतिमा को प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद जी महाराज का स्वरूप दे दिया। इसको लेकर इंटरनेट पर लोगों की मिली-जुली रिएक्शन सामने आईं कुछ ने कलाकार की सराहना की, तो कुछ ने आपत्ति जताई और इसे धार्मिक आस्था के खिलाफ बताया।

Controversy Erupts as Ganpati Bappa Depicted in the Form of Premanand Ji
Premanand Ji Maharaj Inspired Ganesh Bhagwan idol

पहला मामला मध्य प्रदेश का है जहां एक कलाकार ने गणपति की मूर्ति को प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज से प्रेरित होकर बनाया। प्रतिमा में गणेश जी को प्रेमानंद महाराज की तरह दिखाया गय। पीले रंग की धोती, माथे पर चंदन का तिलक और आँखें बंद कर ध्यान की मुद्रा में। वहीं, ऐसी ही एक प्रतिमा महाराष्ट्र के उल्हासनगर में भी देखी गई, जहां गणपति की प्रतिमा को प्रेमानंद महाराज जैसा रूप दिया गया था। अब इस पर लोगों की राय बंटी हुई है। कलाकार की इस क्रिएटिविटी को देखकर सोशल मीडिया पर लोग बिल्कुल खुश नज़र नहीं आ रहे हैं। उनका मानना है कि प्रेमानंद जी महाराज के नाम पर पैसे कमाने की कोशिश की जा रही है। कई लोगों का कहना है कि इंसान और भगवान में फर्क होता है, चाहे वह व्यक्ति कितना ही बड़ा ज्ञानी क्यों न हो।

इस मामले पर रिएक्शन देते हुए एक ही यूज़र ने लिखा,  “पूरे सम्मान के साथ कहता हूं कि मैं प्रेमानंद जी की बहुत इज़्ज़त करता हूं, लेकिन गणेश जी की मूर्ति को उनकी शक्ल में बनाना सही नहीं है। भगवान गणेश हमारी आस्था में बहुत पवित्र स्थान रखते हैं, इसलिए उनकी पवित्रता बनी रहनी चाहिए।” दूसरे यूज़र का कहना था, “यह बिल्कुल सही है। हर किसी को अपने तरीके से भगवान की पूजा करने का अधिकार है। प्रेमानंद महाराज वैसे भी इंसानियत की राह दिखाने वाले गुरु हैं।” तीसरे यूज़र ने तो यहां तक कह दिया कि उन्हें यकीन है कि खुद प्रेमानंद जी महाराज अगर ऐसी मूर्तियां देखेंगे, तो उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं आएंगी।

आपको बता दें कि वृंदावन के प्रेमानंद जी महाराज के भक्तों की कोई कमी नहीं है। बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज भी उनके आश्रम में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अभी कुछ दिन पहले ही शिल्पा शेट्टी अपने पति राज कुंद्रा के साथ उनके आश्रम पहुँची थीं, जहाँ शिल्पा के पति ने प्रेमानंद जी महाराज को अपनी किडनी दान करने की इच्छा जताई, क्योंकि वे पिछले 25 सालों से डायलिसिस पर ज़िंदगी बिता रहे हैं।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...