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कई बार तो घुटनों और जोड़ों में दर्द इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि अचानक से उठने में एक और एक कदम चलने तक में परेशानी आने लगती है। दूसरी ओर परेशानी ये है कि दर्द दूर करने की दवाएं सेहत पर साइड इफेक्ट कर सकती हैं।
Ayurvedic Treatment for Knee Pain: एक समय था जब 60 की उम्र पार करते ही लोगों के घुटनों और जोड़ों में दर्द होने की शिकायत होने लगती थी। लेकिन आज 40 साल के पार के लोग भी इस परेशानी से जूझने लगे हैं। लगातार बैठकर या खड़े रहकर काम करना, बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, एक्सरसाइज से दूरी जैसे कई कारण इसके पीछे हैं। लेकिन अब इस परेशानी का इलाज मिल गया है।
घर में बनाएं आयुर्वेदिक लेप

कई बार तो घुटनों और जोड़ों में दर्द इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि अचानक से उठने में एक और एक कदम चलने तक में परेशानी आने लगती है। दूसरी ओर परेशानी ये है कि दर्द दूर करने की दवाएं सेहत पर साइड इफेक्ट कर सकती हैं। वहीं क्रीम और जेल भी फेल हो जाते हैं। ऐसे में आयुर्वेद आपके काम आ सकता है। जी हां, घर में बनाया गया एक आयुर्वेदिक लेप आपको घुटनों और जोड़ों के दर्द से काफी हद तक राहत दिला सकता है। खास बात ये है कि इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हैं। इसे बनाने वाली सारी चीजें आसानी से घर में ही मिल जाती हैं।
चार चीजों से बनाएं, राहत पाएं
पिछले दिनों आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस चमत्कारी लेप को बनाने का तरीका बताया।
सामग्री
अरंडी का तेल – 1 टेबलस्पून
शहद- 1 टीस्पून
दालचीनी पाउडर- 1 टीस्पून
चूना – 1 ट्यूब
विधि : इस आयुर्वेदिक लेप को बनाने के लिए सबसे पहले आप एक साफ कटोरा लें। अब इसमें सारी सामग्री डालकर उसे अच्छे से मिला लें। यह लेप न ही बहुत ज्यादा पतला होना चाहिए, न ही ज्यादा गाढ़ा। यह ऐसा होना चाहिए, जो आसानी से आपके घुटनों पर फैल जाए।
ऐसे लगाएं ये लेप
आपके जिस भी घुटने में दर्द है, उसपर रात के समय इस लेप की एक पतली सी परत लगाएं। अब लेप को एक मुलायम कॉटन के कपड़े से ढक दें या पट्टी बांध लें। लेप आपके घुटने पर कम से कम 8 से 10 घंटे तक रहना चाहिए। सुबह उठकर गुनगुने पानी से इसे साफ कर लें। आप राहत महसूस करेंगे।
इसलिए दर्द दूर करता है यह
अपने वीडियो में न्यूट्रिशनिस्ट ने यह भी बताया है कि आखिर इस लेप को लगाने से दर्द क्यों कम होता है। दरअसल अरंडी का तेल और दालचीनी दोनों की तासीर गर्म होती है। ऐसे में जब आप इस लेप को घुटनों पर लगाते हैं तो इससे गर्माहट आती है और रक्त का संचार बेहतर तरीके से हो पाता है। दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं। जिससे गठिया आदि की सूजन कम होने में मदद मिलती है।
घुटनों की टीस होगी शांत
वहीं लेप में शहद भी मिलाया गया है। शहद में भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो घुटनों की सूजन कम करने के साथ ही टीस की परेशानी को कम करता है। शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो जोड़ों में सूजन पैदा करने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मददगार होते हैं। शहद ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द तक को कम करने की ताकत रखता है। लेप में चूना डाला जाता है। चूना घुटनों के दर्द से राहत दिलाने में मददगार होता है। क्योंकि यह कैल्शियम से भरपूर होता है। कई बार कैल्शियम की कमी से भी जोड़ों में दर्द होने लगता है। उस परेशानी में यह लेप कारगर है। साथ ही चूना सूजन को कम करता है।
