Overview:केला-सेब नहीं ये खट्टा फल है सेहत के लिए खजाना, नई स्टडी में मिले सबूत, वेट, ब्लड शुगर, बीपी मरीज सबके लिए जबरदस्त
नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि नींबू, मौसंबी और अन्य खट्टे फल वज़न घटाने, ब्लड शुगर कंट्रोल और ब्लड प्रेशर कम करने में सेब और केले से भी ज़्यादा असरदार हो सकते हैं। इन फलों में मौजूद हेस्परिडिन, विटामिन C और फ्लेवोनॉयड्स शरीर की सूजन को कम कर हेल्थ को बेहतर बनाते हैं। डायबिटीज़, मोटापा और हाई बीपी से जूझ रहे लोगों को इनका रोज़ सेवन करना चाहिए।
Health benefits of citrus fruits : सेब और केला को हेल्दी फल की कैटेगरी में सबसे ऊपर रखा जाता है, लेकिन एक नई साइंटिफिक स्टडी में चौंकाने वाला सच सामने आया है। रिसर्च में पाया गया है कि नींबू (Lemon) और दूसरे खट्टे फल जैसे संतरा, कीनू और मौसंबी कुछ मामलों में सेब-केले से भी ज़्यादा फायदेमंद हो सकते हैं। खासकर वज़न घटाने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने और हाई ब्लड प्रेशर जैसे मामलों में इनका असर बेहद पॉजिटिव देखा गया है।
ऑस्ट्रेलिया की University of Southern Queensland की एक हालिया स्टडी में बताया गया है कि खट्टे फलों में मौजूद हेस्परिडिन, विटामिन C और फ्लेवोनॉयड्स शरीर में सूजन (inflammation) को कम करते हैं, ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करते हैं और इन्सुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाते हैं। इससे डायबिटीज, मोटापा और हाई बीपी जैसे रोगों में राहत मिलती है।
इस स्टडी के अनुसार, रोज़ाना एक नींबू का सेवन या मौसंबी-जैसे खट्टे फल खाने से कई हेल्थ रिस्क कम हो सकते हैं। आइए जानते हैं इस चमत्कारी खट्टे फल के पांच ऐसे साइंटिफिक फायदे जो आपकी सेहत को बदल सकते हैं।
वज़न घटाने में करते हैं मदद
खट्टे फलों में कैलोरी कम और फाइबर ज़्यादा होता है, जो वज़न घटाने में कारगर माना जाता है। Nutrition & Metabolism Journal में छपी एक रिसर्च के अनुसार, नींबू में मौजूद पॉलीफेनॉल्स फैट सेल्स के बनने की प्रक्रिया को रोकते हैं। इसके साथ ही ये भूख को कंट्रोल करते हैं और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं। अगर आप वज़न घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीना या मौसंबी का जूस पीना असरदार हो सकता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल में असरदार
Journal of Clinical Biochemistry में छपी एक स्टडी बताती है कि नींबू में पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड्स, खासतौर पर हेस्परिडिन और नारींगिन, ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर बनाए रखने में मदद करते हैं। ये कंपाउंड शरीर में इन्सुलिन की एक्टिविटी को सुधारते हैं और टाइप 2 डायबिटीज़ के खतरे को कम करते हैं। खाली पेट नींबू पानी पीना या खट्टे फल खाने से डायबिटीज़ पेशेंट को काफी राहत मिल सकती है।
बीपी के मरीजों के लिए फायदेमंद
नींबू और अन्य खट्टे फल हाई बीपी के मरीजों के लिए भी फायदेमंद हैं। American Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, हेस्परिडिन और पोटैशियम से भरपूर नींबू रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करता है जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो हाई सॉल्ट डाइट लेते हैं या तनाव में रहते हैं।
सूजन और इम्यून सिस्टम में फायदेमंद

नींबू और मौसंबी जैसे खट्टे फल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। ये शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। Frontiers in Immunology जर्नल की एक स्टडी के अनुसार, खट्टे फलों के नियमित सेवन से शरीर की सूजन कम होती है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। यह कैंसर, हृदय रोग और त्वचा की समस्याओं से बचाने में मदद करता है।
पेट और पाचन तंत्र को करता है दुरुस्त
खट्टे फलों में मौजूद सिट्रिक एसिड और सॉल्युबल फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं। ये न केवल गैस, अपच और एसिडिटी से राहत देते हैं, बल्कि कब्ज को भी दूर करते हैं। Harvard Health की एक रिपोर्ट के अनुसार, खट्टे फल जैसे नींबू और मौसंबी में मौजूद फाइबर आंत की सफाई में मदद करता है और गुड बैक्टीरिया को बढ़ाता है।
