Overview:करीना की न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर के देसी डाइट मंत्र, खासतौर पर महिलाओं के लिए फायदेमंद
करीना कपूर की न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने महिलाओं के लिए खास देसी डाइट टिप्स साझा किए हैं, जो पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़ के समय बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं। वह फैंसी फूड्स के बजाय घर के बने साधारण खाने को प्राथमिकता देती हैं, जैसे मूंगफली, दाल-चावल और छाछ। उनका मानना है कि सादा, देसी और समय पर खाना मानसिक शांति, पाचन और हार्मोन संतुलन के लिए जरूरी है।
Rujuta Diwekar Diet: आजकल जब सोशल मीडिया और हेल्थ ऐप्स पर हजारों डाइट टिप्स मिलते हैं, तब यह समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि असली हेल्दी खाना क्या है। करीना कपूर की न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर इस उलझन को आसान बनाती हैं। वह हमेशा देसी और घर का बना खाना खाने की सलाह देती हैं, खासकर महिलाओं के लिए जो पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़ की स्टेज से गुजर रही हैं।
रुजुता दिवेकर का मानना है कि डाइटिंग सिर्फ वजन कम करने के लिए नहीं होती, बल्कि यह शरीर की मानसिक शांति, पाचन तंत्र, नींद और हार्मोन संतुलन के लिए भी जरूरी है। वह ‘वोकल फॉर लोकल’ डाइट की समर्थक हैं, जो सीधे हमारी जड़ों और हमारी परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
महिलाओं के लिए यह समय शरीर के बदलावों से भरा होता है। मूड स्विंग्स, हॉट फ्लैशेस, थकान और नींद की कमी जैसी समस्याएं आम होती हैं। ऐसे में डाइट को आसान, देसी और संतुलित रखना ही सबसे ज्यादा असर करता है। चलिए जानते हैं उनकी बताई कुछ खास देसी टिप्स जो महिलाओं की सेहत के लिए वरदान साबित हो सकती हैं।
सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें
रुजुता दिवेकर का पहला और सबसे जरूरी सुझाव है – “नाश्ता कभी न छोड़ें।” दिन की पहली मील शरीर को ऊर्जा देती है और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। महिलाएं खासकर पेरिमेनोपॉज़ या मेनोपॉज़ के समय अगर सुबह बिना खाए रहती हैं तो इससे चिड़चिड़ापन, थकान और ग्लूकोज लेवल में उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसके बजाय घर का बना हुआ पारंपरिक खाना जैसे पोहा, उपमा, पराठा या दाल-चावल जैसा साधारण नाश्ता बेहतर होता है। fancy ब्लेंडर से बने स्मूदी के बजाय तवे या कड़ाही में बना देसी खाना शरीर को ज्यादा सूट करता है। ये न केवल पचाने में आसान होता है बल्कि अंदर से ऊर्जा भी देता है।
मूंगफली को बनाएं अपनी रोज की साथी
रुजुता मूंगफली को “गरीबों का बादाम” कहती हैं, जो सस्ता, पोषक और शरीर के लिए काफी फायदेमंद है। चाय या कॉफी के साथ मूंगफली खाना न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह आपके पाचन, बालों और त्वचा की सेहत को भी बेहतर बनाता है। पेरिमेनोपॉज़ के समय महिलाओं में हार्मोनल बदलाव बहुत होते हैं, और ऐसे में मूंगफली जैसे देसी नट्स ग्लूकोज लेवल को संतुलित रखते हैं। मूंगफली में फाइबर, हेल्दी फैट और प्रोटीन पाया जाता है जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। साथ ही यह आपके गट हेल्थ को भी सुधारता है। रोजाना एक मुठ्ठी मूंगफली खाने की आदत डालें।
रात का खाना हल्का और जल्दी
रुजुता दिवेकर का मानना है कि रात का खाना जल्दी और हल्का होना चाहिए। वह दाल-चावल, लोबिया या चना जैसी देसी चीजों के साथ खाना खाने की सलाह देती हैं। ये चीजें पचाने में आसान होती हैं और रात के समय गैस, अपच, एसिडिटी और हॉट फ्लैशेस से राहत देती हैं। इसके साथ छाछ यानी बटरमिल्क लेना एक बेहतरीन विकल्प है। यह न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है बल्कि यह एक नेचुरल प्रोबायोटिक भी है जो कैल्शियम से भरपूर होता है। रात को सोने से पहले अगर हल्का खाना खाएं और साथ में एक गिलास छाछ लें, तो नींद भी अच्छी आती है और पेट भी शांत रहता है।
देसी खाना ही असली सुपरफूड
फैंसी डाइट प्लान्स और विदेशों से आए सुपरफूड्स आजकल ट्रेंड में हैं, लेकिन रुजुता दिवेकर का मानना है कि हमारे घर का बना खाना ही असली सुपरफूड होता है। महिलाएं जब बॉडी में बदलाव महसूस करती हैं, तब जरूरी है कि वह ऐसी चीजें खाएं जो उनके शरीर की रिदम को समझे। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी और की डाइट कॉपी करना हमेशा सही नहीं होता। देसी मसाले, पारंपरिक खाना, और मौसम के अनुसार भोजन ही आपकी सेहत का असली साथी बनता है। इसलिए अपने रूट्स से जुड़ें और उन चीजों को खाएं जो आपकी दादी-नानी ने खाई हों।
सिर्फ डाइटिंग नही, नींद का भी ख्याल रखे
रुजुता कहती हैं कि डाइटिंग का मतलब सिर्फ पतला होना नहीं है। खासतौर पर पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़ के समय महिलाओं को मानसिक शांति, अच्छी नींद और भावनात्मक संतुलन की ज्यादा जरूरत होती है। खाना ऐसा होना चाहिए जो पेट के साथ मन को भी सुकून दे। नींद खराब होना, बार-बार मूड बदलना और चिड़चिड़ापन – ये सब आम समस्याएं हैं। ऐसे में देसी खानपान, घर के बने घी, दालें, फल और छाछ जैसी चीजें शरीर को अंदर से मजबूती देती हैं। इसलिए ऐसे वक्त में वजन कम करने की बजाय शरीर और मन को संतुलित रखने की कोशिश करें। यही असली हेल्दी डाइट है।
