Two women arguing, with one gesturing emotionally and the other looking away—highlighting relationship tension.
Two women arguing, with one gesturing emotionally and the other looking away—highlighting relationship tension.

summary: प्यार, समझ और संवाद से संवारे मां-बेटी अपने रिश्ते

माँ-बेटी का रिश्ता भावनाओं और विश्वास से भरा होता है, लेकिन पीढ़ियों का अंतर और संवाद की कमी इसमें दरार ला सकती है। समय पर खुलकर बातचीत, एक-दूसरे को समझना और साथ समय बिताना इस रिश्ते को फिर से मधुर बना सकता है।

Mother and Daughter Relationship: माँ-बेटी का रिश्ता जीवन के सबसे प्यारे रिश्तों में से एक होता है। यह रिश्ता प्यार, विश्वास, और भावनात्मक जुड़ाव से मिलकर बनता है। कई बार समय बीतने के साथ इन दोनों पीढ़ियों की सोच में अंतर, आने लगता है। इस वजह से कई बार माँ-बेटी के रिश्ते में कई गलतफहमियाँ होने लगती हैं। कई बार अपनी भावनाएँ खुलकर ना साझा करने के कारण या बातचीत की कमी के कारण यह दरार और मजबूत होने लगती  है। ऐसे में ज़रूरी है कि इस खूबसूरत रिश्ते को समय रहते सहेज लिया जाए। माँ और बेटी दोनों को एक-दूसरे के नजरिए को समझने, खुलकर बात करने और पुराने शिकवे भुलाने की पूरी कोशिश करनी चाहिए।

जरा सी समझदारी, सब्र और अपनेपन की भावना इस रिश्ते को फिर से पहले जैसा मधुर बना देती है।

Mother and Daughter Relationship
Upset young woman and older woman arguing, showing relationship tension.

अगर कई कोशिशों के बावजूद आपके बीच दूरियाँ बनी हुई हैं, तो प्रोफेशनल फैमिली काउंसलिंग भी इस मामले में काफी मददगार साबित होती है। किसी प्रोफेशनल की मदद लेना समझदारी भरा कदम होता है। इस तरह आपके मन में चल रही बातें बाहर निकलेंगी और आप हल्का महसूस कर पाएंगी। किसी अनुभवी फैमिली थेरेपिस्ट से ही सलाह लें। बिना कोई बात छुपाए अपनी समस्या खुलकर उनके सामने रखें।

माँ और बेटी दोनों अलग-अलग पीढ़ियों से हैं, तो जाहिर है उनकी सोच और अनुभव भी एक दुसरे से काफी अलग होंगे। कई बार यही अंतर बेकार के टकराव की वजह बन जाता है। बेटी को चाहिए की वो माँ की परवरिश और उनके समय को समझने की कोशिश करे। तो वहीं माँ को बेटी की आज़ादी, करियर और फैसलों को सम्मान देने की आदत अपनानी चाहिए ।

strained relationship
Young woman stressed as older woman argues—strained relationship.

अक्सर माँ-बेटी के रिश्तों में ग़लतफ़हमी ही नाराजगी का कारण बनती हैं। बातचीत ना होना , या किसी बात को बीच में ही अधूरा छोड़ देना भी इसका एक बड़ा कारण हैं। मात-बेटी किसी शांत वातावरण में बैठकर खुलकर आपस में बात करें और अपनी भावनाएं बिना एक दुसरे के ऊपर आरोप लगाए साझा करें। एक दुसरे की बात को अच्छी तरह सुनें।

जब भावनाएं अपने चरम पर होती हैं, तो अक्सर हम ऐसे शब्द बोल जाते हैं जो दिल को चोट पहुँचा सकते हैं। माँ-बेटी दोनों को चाहिए कि गुस्से में बात करने से बचें। जब भी मन अशांत हो, तो बात करने से पहले थोड़ा समय लें। जो बात बुरी लग गई है, उसे बाद में शांति से एक दुसरे के सामने रखें। माफ़ी मांगने और माफ़ करने की भावना बनाये रखें।

रिश्ते में पहले सी मिठास वापस लाने के लिए साथ में क्वालिटी टाइम बिताना बहुत फायदेमंद साबित होता है। इससे भावनात्मक जुड़ाव फिर से पनपने लगता है। माँ-बेटी साथ में खाना बनाएं, एक दूसरे की पसंद ध्यान में रखते हुए कोई फिल्म देखें या साथ में टहलने निकल जाएं। घर में रखे पुराने फोटो एल्बम देखें और साथ बिताए पलों को याद करें। छोटे से छोटा त्योहार बच्चों की छुट्टियाँ या खास दिन साथ में सेलिब्रेट करें।

Back-to-back women with crossed arms, showing relationship conflict.
Back-to-back women with crossed arms, showing relationship conflict.

कई बार रिश्तों में किसी तीसरे व्यक्ति की राय या उसका बार-बार दखल देना भी आपके रिश्ते को और उलझा देता है। खासकर परिवार के किसी सदस्य या रिश्तेदार का अनजाने में कुछ कह देना भी आपके रिश्ते को ख़राब कर सकता हैं। ऐसे में दोनों को चाहिए कि किसी भी बात की सच्चाई आपस में जरूर जांचें। किसी भी तरह की अफवाहों या किसी की राय के आधार पर अपने मधुर संबंध न बिगाड़ें।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...