Overview: योगाभ्यास से पाएं गर्मी में ठंडक, शरीर और मन दोनों रहें संतुलित
तेज गर्मी के मौसम में योगाभ्यास शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक देने में मदद करता है। शीतली और शीतकारी प्राणायाम, चंद्रभेदी श्वास और हल्के योगासन शरीर का तापमान संतुलित रखते हैं, पसीने की अधिकता और थकान को कम करते हैं। नियमित योग से न केवल गर्मी से राहत मिलती है, बल्कि तनाव घटता है, ऊर्जा बनी रहती है और मन शांत रहता है।
Yoga To Cool Body: गर्मियों की तपिश न केवल हमारे शरीर को थका देती है, बल्कि मानसिक रूप से भी हमें थका सकती है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका शरीर भीतर से ठंडा और मन शांत बना रहे, तो रोजाना केवल 10 मिनट का योग आपके लिए बहुत मददगार हो सकता है। यहां हम ऐसे 6 योगाभ्यास साझा कर रहे हैं जो शरीर की गर्मी को शांत करते हैं, पाचन को दुरुस्त रखते हैं और दिमाग को भी ठंडक प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं इन योग मुद्राओं के बारे में विस्तार से।
शीतली प्राणायाम

शीतली प्राणायाम गर्मियों के लिए बेहद लाभकारी है। इसमें जीभ को मोड़कर नली की तरह बनाकर मुंह से सांस अंदर ली जाती है और नाक से बाहर छोड़ी जाती है। यह अभ्यास शरीर की भीतरी गर्मी को शांत करता है और पाचन क्रिया को संतुलित रखता है। यह योगासन सांसों से शरीर को ठंडा करता है।
कैसे करें:
आरामदायक स्थिति में बैठें।
जीभ को स्ट्रॉ की तरह बाहर निकालें और मुंह से गहरी सांस लें।
फिर नाक से धीरे-धीरे सांस बाहर निकालें।
8–10 बार दोहराएं।
शीतकारी प्राणायाम
शीतकारी भी एक शीतल प्राणायाम है, जो गर्मियों में खासतौर पर फायदेमंद होता है। इसमें दांतों के बीच से सांस खींची जाती है और नाक से छोड़ी जाती है। यह दांतों से शरीर को ठंडक पहुंचाता है।
कैसे करें:
दांतों को आपस में जोड़ लें और होंठ खोलें।
धीरे-धीरे दांतों के बीच से सांस अंदर लें।
नाक से धीरे-धीरे सांस बाहर निकालें।
यह प्रक्रिया भी 8–10 बार दोहराएं।
चंद्रभेदी प्राणायाम
चंद्र भेदी प्राणायाम शरीर के बाएं भाग यानी चंद्र नाड़ी को सक्रिय करता है, जो ठंडक पहुंचाने का कार्य करता है।
कैसे करें:
दाएं नथुने को अंगूठे से बंद करें।
बाएं नथुने से गहरी सांस लें।
दाएं नथुने से सांस बाहर निकालें।
यह क्रिया 10 बार दोहराएं।
बालासन
बालासन न केवल शरीर को आराम देता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है। यह मुद्रा शरीर को भीतर से ठंडक प्रदान करती है और गर्मियों के लिए बहुत उपयोगी है।इस आसन को करने से विश्राम और ठंडक दोनों का अनुभव होता है।
कैसे करें:
वज्रासन में बैठें और धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें।
माथा ज़मीन पर रखें और हाथ सामने फैलाएं।
आंखें बंद कर लें और सामान्य सांस लेते रहें।
1–2 मिनट इस स्थिति में रहें।
सेतुबंधासन
सेतुबंधासन, जिसे ब्रिज पोज भी कहते हैं, न केवल रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है बल्कि पाचन, थायरॉइड और नर्वस सिस्टम को ठंडक पहुंचाता है। यह शरीर को संतुलित ठंडक देने वाली मुद्रा है।
कैसे करें:
पीठ के बल लेट जाएं।
घुटनों को मोड़ें और पैरों को ज़मीन पर रखें।
हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को ऊपर उठाएं।
30 सेकंड से 1 मिनट तक इस स्थिति में रहें।
शवासन
योगाभ्यास के अंत में शवासन करना अत्यंत आवश्यक है। यह पूरे शरीर को रिलैक्स करता है और गर्मी से थके शरीर को नई ऊर्जा देता है।
कैसे करें:
पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
हाथ शरीर से थोड़ा दूरी पर रखें, हथेलियाँ ऊपर की ओर।
आंखें बंद कर गहरी सांस लें और छोड़ें।
5 मिनट शवासन में रहकर पूरा योग सत्र समाप्त करें।
