Asin Tamil Career: एक्ट्रेस असिन ठोट्टूमकल का फिल्मी करियर सिर्फ दस वर्षों का ही रहा, लेकिन 2000 के दशक में वह भारतीय सिनेमा की सबसे चमकती हुई हस्तियों में से एक थीं। उन्होंने कई भाषाओं में फिल्में कीं और कई फिल्म हिट दीं। उन्होंने साउथ के बड़े सितारों जैसे कमल हासन, नागार्जुन अक्किनेनी, नंदमुरी बालकृष्ण, वेंकटेश, रवि तेजा, विजय, प्रभास, अजीत कुमार, सूर्या, विक्रम और पवन कल्याण के साथ काम किया। बॉलीवुड में भी उन्होंने आमिर खान, सलमान खान, अक्षय कुमार, मिथुन चक्रवर्ती, अजय देवगन और अभिषेक बच्चन जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन साझा की। लेकिन, करियर के चरम पर असिन एक ऐसे विवाद में फंस गईं, जो माना जाता है कि उनके फिल्मी सफर पर असर डालने लगा, खासकर दक्षिण भारत और तमिल फिल्मों में।
2009 में श्रीलंका में गृहयुद्ध समाप्त होने के बाद, साउथ इंडियन फिल्म आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ने सभी भारतीय कलाकारों से अपील की थी कि वे श्रीलंका में किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम या फिल्म की शूटिंग में हिस्सा न लें, क्योंकि वहां तमिलों पर अत्याचार की लंबी इतिहास रहा है। इस अपील के बावजूद, असिन ने 2010 के मध्य में सलमान खान और दूसरे कलाकारों के साथ श्रीलंका की यात्रा की। दरअसल यहीं उनकी फिल्म रेडी (2011) की अधिकतर शूटिंग हुई। कहा जाता है कि असिन ने सलमान की ‘बीइंग ह्यूमन’ संस्था की मदद से जाफना और वावुनिया में तीन दिन के आंखों की जांच के कैंप भी किए।
नाराजगी बढ़ती गई…
इस यात्रा से दक्षिण भारत के फिल्म संगठनों की नाराज़गी बढ़ गई और ऐसा माना गया कि उन पर एक अनौपचारिक बैन (गैर-सरकारी प्रतिबंध) लगा दिया गया। इससे पहले एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी थी कि कोई भी सितारा उस साल के आईफा अवॉर्ड्स में कोलंबो (श्रीलंका) में शामिल न हो। इसके कारण अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय जैसे सितारों ने उस समारोह में भाग नहीं लिया। लेकिन सलमान खान, विवेक ओबेरॉय, सैफ अली खान, ऋतिक रोशन और लारा दत्ता जैसे कई सितारे शामिल हुए और उन्हें बाद में एसोसिएशन की ओर से बैन कर दिया गया। यह हिंदुस्तान टाइम्स के एक रिपोर्ट में दर्ज है।
एंटी तमिल मानने लगे
जब असिन से श्रीलंका में शूटिंग को लेकर सवाल पूछा गया, तो इंडिया टुडे से उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ एक कलाकार के रूप में शामिल हूं। ऐसे मामलों में मुझे फिल्ममेकर्स के फैसलों का पालन करना होता है।” विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। अक्टूबर 2010 में, जब असिन तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के मेट्टुपालयम में कावलन (2011) की शूटिंग कर रही थीं (जिसमें उनके को-स्टार थे ‘थलापति’ विजय) तब एक राजनीतिक पार्टी के सदस्यों ने सेट पर विरोध प्रदर्शन किया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे लेकर असिन के खिलाफ नारेबाज़ी की और उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने तमिलों के विरोधी श्रीलंकाई नेताओं के साथ मेलजोल किया और “एंटी-तमिल स्टैंड” लिया।
ब्रेक भी काम का नहीं रहा
यह स्पष्ट नहीं है कि इस विवाद का सीधा असर उनके तमिल फिल्मों में काम मिलने पर पड़ा या नहीं, लेकिन ‘कावलन’ के बाद उन्होंने किसी तमिल फिल्म में काम नहीं किया। उस समय तक वह बॉलीवुड में अपना करियर फोकस कर चुकी थीं, हालांकि उनकी पहली फिल्म गजनी (2008) के बाद उनका बॉलीवुड करियर ज़्यादा सफर नहीं तय कर सका। 2012 में ‘खिलाड़ी 786’ के बाद उन्होंने तीन साल का ब्रेक लिया और फिर 2015 में ‘आल इज वेल’ (अभिषेक बच्चन और ऋषि कपूर के साथ) में नज़र आईं। यह उनकी आखिरी फिल्म थी। 2016 में राहुल शर्मा से शादी की और इसके बाद उन्होंने फिल्मों को अलविदा कह दिया।
