64 Yogini Mandir: भारतवर्ष में अनेक मंदिर हैं जो अपने स्थापत्य, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक रहस्यों के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्हीं में से एक है चौसठ योगिनी मंदिर जो मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के मितावली गांव में स्थित है। यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है बल्कि इसका अद्वितीय गोलाकार स्थापत्य और इसके पीछे छुपे ऐतिहासिक रहस्य भी इसे अनोखा बनाते हैं। यह मंदिर भारत के उन चुनिंदा योगिनी मंदिरों में से एक है जो आज भी संरक्षित अवस्था में है।
चौसठ योगिनी मंदिर का इतिहास और महत्व

यह मंदिर लगभग 11वीं शताब्दी में बना था और इसे कच्छपघात वंश के शासकों द्वारा बनवाया गया माना जाता है। यह मंदिर तांत्रिक उपासना का प्रमुख केंद्र रहा है और इसमें देवी काली के 64 रूपों की पूजा की जाती थी जिन्हें योगिनी कहा जाता है। तांत्रिक परंपराओं में योगिनियों की पूजा को अत्यंत रहस्यमयी और शक्तिशाली माना जाता था। यहाँ की पूजा रात्रिकालीन और गोपनीय हुआ करती थी। चौसठ योगिनी मंदिरों का निर्माण भारत में कई स्थानों पर हुआ जैसे कि ओडिशा, जबलपुर और हीरापुर परंतु मितावली का मंदिर अपनी वास्तुकला की वजह से सबसे अलग है।
मंदिर की वास्तुकला: संसद भवन से समानता

इस मंदिर की सबसे विशेष बात इसका गोलाकार ढांचा है। मंदिर एक ऊंचे टीले पर स्थित है और इसे देखने के लिए लगभग 100 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इसका निर्माण पूरी तरह गोलाकार है और अंदर एक वृत्ताकार प्रांगण है जिसके चारों ओर 64 छोटे-छोटे कक्ष बने हुए हैं जिनमें हर एक में एक-एक योगिनी की मूर्ति स्थापित थी। मंदिर के बीचों-बीच एक मंडप है जिसमें शिवलिंग स्थापित है।
ऐसा माना जाता है कि यहां योगिनी और शिव की संयुक्त पूजा होती थी। आश्चर्य की बात यह है कि भारतीय संसद भवन की संरचना भी इसी मंदिर की तरह गोलाकार है। कई इतिहासकार और विशेषज्ञ मानते हैं कि संसद भवन की प्रेरणा इसी मंदिर की वास्तुकला से ली गई थी।
घूमने का सही समय और सुझाव

यहां घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच होता है जब मौसम सुहावना रहता है। गर्मियों में यहां का तापमान काफी बढ़ जाता है और चढ़ाई भी थोड़ी कठिन हो सकती है। यात्रा के दौरान साथ में पानी की बोतल, टोपी और आरामदायक जूते अवश्य रखें, क्योंकि सीढ़ियां चढ़ना थोड़ा थकाने वाला हो सकता है। आसपास बहुत अधिक सुविधाएं नहीं हैं, इसलिए भोजन या स्नैक्स साथ ले जाना उचित रहेगा।
कैसे पहुंचे : यात्रा मार्ग
मितावली गाँव जिला मुरैना मध्य प्रदेश में स्थित है। यह ग्वालियर से लगभग 40 किलोमीटर और मुरैना शहर से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है। मुरैना और ग्वालियर दोनों ही रेलवे नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। यहां से टैक्सी या बस द्वारा मितावली पहुंचा जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के माध्यम से मुरैना और मितावली अच्छे से जुड़े हैं। निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर है, जहाँ से टैक्सी द्वारा मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
चौसठ योगिनी मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है बल्कि यह भारत की प्राचीन वास्तुकला, रहस्यमयी तांत्रिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का एक अनमोल उदाहरण है। इसकी यात्रा न केवल एक आध्यात्मिक अनुभव है बल्कि इतिहास और स्थापत्य प्रेमियों के लिए भी यह एक स्वप्न समान स्थल है। यदि आप मध्य भारत की गहराई से पहचान करना चाहते हैं तो यह मंदिर अवश्य देखने योग्य है।
