Summary: किशोरों में पॉर्न एडिक्शन: लक्षण पहचानें और इसे कंट्रोल करने के असरदार टिप्स
पॉर्न एडिक्शन किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अकेलेपन से बचना, खुद को व्यस्त रखना और भरोसेमंद लोगों से बात करना इस आदत से बाहर आने में मददगार हो सकता है।
Tips to Control Porn Addiction: आज जहां हमारे बच्चे डिजिटल स्मार्ट बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसी गलत आदतों में भी फसते जा रहे हैं जो उनके स्वस्थ विकास को प्रभावित कर रहा है। इन्हीं गलत आदतों में से एक है, पॉर्न एडिक्शन। आज बहुत तेजी से किशोर में पॉर्न देखना एक एडिक्शन की तरह बढ़ता जा रहा है तथा उनके जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। पॉर्न एडिक्शन किशोरी के जीवन के हर पक्ष जैसे; कैरियर, सोच-विचार की क्षमता, सामाजिक दायित्व तथा मानसिक विकार जैसी कई समस्या उत्पन्न कर रहा है।
कैसे जानें, यह पॉर्न एडिक्शन है

किशोरावस्था में बच्चों के अंदर चीजों को जानने की बहुत ज्यादा इच्छा होती है, चाहे वह बाहरी हो या शारीरिक। इस समय किशोरों में बहुत से हार्मोनल और शारीरिक बदलाव भी होते हैं जो उन्हें अपने शरीर तथा अपने से उलट लिंग के शरीर के बारे में जानने के लिए उत्साहित करते हैं। ऐसी दशा में जब उन्हें अपने सवालों के जवाब नहीं मिलते तो वह पॉर्न देखने की तरफ कदम उठा लेते हैं और वह इस बात से अनजान रहते हैं कि कब उन्हें इसकी लत लग गई है। आईए जानते हैं; किन लक्षणों के साथ जान सकते हैं कि आप पॉर्न एडिक्टेड हैं या नहीं;
अगर आप हर वक्त एकांत की तलाश सिर्फ पॉर्न देखने के लिए करते हैं।
आपके मस्तिष्क में हर समय अस्वस्थ यौन संबंधित बातें चलती रहे या हर वक्त यौन का मन करें।
पॉर्न देखने की आदत की वजह से पढ़ाई में मन ना लगाना तथा चिंता और डिप्रेशन जैसी स्थिति बनाना।
अगर आप पॉर्न एडिक्शन से गुजर रहे हैं तो यह लेख आपकी मदद कर सकता है इस परेशानी से बाहर आने में। आइए जानते हैं किस तरह आप इस एडिक्शन से बाहर आ सकते हैं।
खुद को अकेला ना करें
अगर आपको पॉर्न एडिक्शन है तो खुद को अकेला रहने से बचें। अकेले रहने की स्थिति में बार-बार फोन देखने की इच्छा बढ़ती है, यही कारण है कि खुद को अकेला न रखें।
खुद को अकेलेपन से बचने के लिए अपने पसंद के कार्य करें तथा अपने पसंदीदा लोगों के साथ अपना समय बिताएं। ऐसा करने से आपको मानसिक संतुष्टि और खुशी का एहसास होगा तथा आपके पॉर्न देखने की इच्छा में कमी आएगी।
खुद को व्यस्त रखें
यहां खुद को व्यस्त रखने से मतलब है कि आप हर वक्त कुछ नया करने या सीखने के लिए तैयार रहें या फिर आपका कोई पसंदीदा कार्य है जो आपको करना पसंद है या जिसे आप सीखना चाहते हैं तो उसे करने या सीखने में अपने आप को समय दें।
यहां व्यस्तता का यह मतलब बिल्कुल नहीं कि आप अपना स्क्रीन टाइम या इंटरनेट का उपयोग बढ़ा लें। अगर किसी चीज को सीखने के लिए या जानने के लिए आपको इंटरनेट की सहायता चाहिए तो लें, पर अकेले बंद कमरे में इसका उपयोग करने से बचें। खुले हॉल या अपने स्टडी रूम में इसका उपयोग करें।
भरोसेमंद लोगों से बात करें
अगर आपको ऊपर बताए गए उपयोग के बाद भी इस परेशानी से निजात नहीं मिलता तो अपने भरोसेमंद लोगों से बात कर सकते हैं। इसमें आपका दोस्त, माता-पिता, अध्यापक या काउंसलर शामिल हो सकते हैं। आप इनमें से जिनके साथ भी बात करने में सहज महसूस करें, उनके साथ बात करें। अगर आपको लगता है आपकी परेशानी अधिक मुश्किल अवस्था में है तो प्रोफेशनल जैसे; साइकोलॉजिस्ट या मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट की मदद लें।
इसके अलावा आप योग तथा मेडिटेशन की मदद ले सकते हैं, अपने मन को शांत तथा कंट्रोल करने के लिए।
