जानिए भारत के 10 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के बारे में
आइए हनुमान जयंती के खास अवसर पर जानते हैं भारत के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के बारे में। आपको बता दें कि इस साल हनुमान जयंती शनिवार, 12 अप्रैल 2025 को मनाया जाएगा।
Famous Hanuman Temples: भगवान हनुमान, भगवान शिव के अवतार हैं। हनुमानजी ही एकमात्र ऐसे भगवान हैं जिनके सामने तीनों लोकों की कोई भी शक्ति अपनी मनमानी नहीं कर सकती है। वे साधु-संतों के साथ-साथ भगवानों के भी रक्षक हैं। वैसे तो हनुमानजी के भक्त हर दिन इनकी पूजा करते हैं, लेकिन मंगलवार और शनिवार के दिन इनकी पूजा का खास महत्व होता है। पूरे भारत में हनुमानजी की कई प्रसिद्ध मंदिर और खास मूर्तियां हैं। आइए हनुमान जयंती के खास अवसर पर जानते हैं भारत के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के बारे में। आपको बता दें कि इस साल हनुमान जयंती शनिवार, 12 अप्रैल 2025 को मनाया जाएगा।
लेटे हुए हनुमानजी का मंदिर (उत्तर प्रदेश)

लेटे हुए हनुमानजी का मंदिर उत्तर प्रदेश के इलाहबाद किले से सटा हुआ है। यह मंदिर सबसे प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में हनुमानजी की लेटी हुई प्रतिमा है। यह प्रतिमा 20 फीट लम्बी है। जब बारिश के मौसम में यहाँ बाढ़ आती है तो मंदिर परिसर में पानी भर जाता है, तब इस प्रतिमा को कहीं और सुरक्षित स्थान पर ले जाकर रखा जाता है।
हनुमानगढ़ी (अयोध्या)
अयोध्या नगरी भगवान श्रीराम की जन्म भूमि है। यहाँ हनुमानगढ़ी मंदिर सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर की स्थापना 300 साल पहले स्वामी अभयारामदासजी ने की थी। यह मंदिर राजद्वार के सामने ऊंचे टीले पर बना हुआ है। यहाँ हनुमानगढ़ी मंदिर के दक्षिण में सुग्रीव टीला व अंगद टीला भी है।
सालासर हनुमान मंदिर (राजस्थान)

सालासर हनुमान मंदिर राजस्थान के चूरू जिले में है। इस मंदिर के प्रति भक्तों की असीम आस्था है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहाँ हनुमानजी की प्रतिमा दाड़ी व मूंछ वाली है। ऐसा माना जाता है कि यह प्रतिमा एक किसान को खेत में मिली थी, जिसे सालासर में सोने के सिंहासन पर स्थापित किया गया है।
हनुमान धारा (चित्रकूट, उत्तर प्रदेश)
हनुमान धारा मंदिर उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में सीतापुर के पास है। यहाँ हनुमानजी की मूर्ति के ठीक ऊपर दो कुंड बने हुए हैं, जो हमेशा भरे रहते हैं और उनमें से पानी भी बहता रहता है। इसीलिए, इसे हनुमान धारा मंदिर कहा जाता है।
श्री संकटमोचन मंदिर (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)

श्री संकटमोचन मंदिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में स्थित है। इस मंदिर के चारों तरफ एक छोटा सा वन है और मंदिर के प्रांगण में भगवान हनुमानजी की एक बड़ी सी प्रतिमा स्थापित है। ऐसी मान्यता है कि हनुमानजी की यह प्रतिमा गोस्वामी तुलसीदासजी के तप एवं पुण्य से प्रकट हुई है।
बालाजी हनुमान मंदिर (मेहंदीपुर, राजस्थान)
बालाजी हनुमान मंदिर लगभग 1000 साल पुराना है। यह राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडिय़ों के बीच में बसा है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ चट्टान में से हनुमानजी की आकृति स्वयं उभर कर आई थी।
श्रीडुल्या मारुति मंदिर (पुणे, महाराष्ट्र)
श्रीडुल्या मारुति मंदिर पुणे के गणेशपेठ में बना हुआ है। यह मंदिर लगभग 350 वर्ष पुराना है। यहाँ पर डुल्या मारुति की मूर्ति एक काले पत्थर पर अंकित की गई है। इस मूर्ति की स्थापना श्रीसमर्थ रामदास स्वामीजी ने की थी।
श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर (सारंगपुर, गुजरात)

श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर अहमदाबाद-भावनगर के पास स्थित बोटाद जंक्शन से लगभग 12 मील की दूरी पर है। इस मंदिर में स्थापित मूर्ति की प्रतिष्ठा महायोगिराज गोपालानंद स्वामीजी ने की थी। ऐसा माना जाता है कि प्रतिष्ठा के समय यहाँ की मूर्ति में भगवान हनुमानजी का आवेश हुआ था और यह मूर्ति हिलने लगी थी।
हनुमान दंडी मंदिर (बेट द्वारका, गुजरात)
गुजरात के बेट द्वारका में हनुमानजी की यह मकरध्वज मूर्ति स्थापित है। ऐसा कहा जाता है कि पहले मकरध्वज की मूर्ति छोटी थी, लेकिन अब दोनों मूर्तियां एक जैसी ऊंची हो गई हैं। अहिरावण ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को इसी स्थान पर छिपाकर सुरक्षित रखा था।
प्राचीन हनुमान मंदिर (कनॉट प्लेस, नई दिल्ली)

दिल्ली शहर को यमुना नदी के किनारे पांडवों ने महाभारतकाल के दौरान बसाया था। उस समय पांडव इंद्रप्रस्थ और कौरव हस्तिनापुर पर राज्य करते थे। मान्यताओं के अनुसार पांडवों में द्वितीय भीम को हनुमानजी का भाई माना जाता है। दोनों को ही वायुपुत्र कहा जाता है। इंद्रप्रस्थ की स्थापना के समय ही पांडवों ने इस शहर में 5 हनुमान मंदिरों की भी स्थापना की थी और कनॉट प्लेस का यह हनुमान मंदिर उन्हीं 5 में से एक है।
