Silent Treatment in Relationship
Silent treatment in relationship

रिश्ते में साइलेंट ट्रीटमेंट है नुकसानदायक

अगर समय रहते रिश्ते में से साइलेंट ट्रीटमेंट को ना निकाला जाए तो रिश्ता बिना कारण के भी टूट जाता है।

Silent Treatment in Relationship: कभी-कभी प्यार भरे रिश्ते में ऐसी स्थिति आ जाती है, जिसमें कपल एकदूसरे से बात करना ही बंद कर देते हैं। वे समस्या का समाधान निकालने के बजाए साइलेंट हो जाते हैं। वे ना ही अपने पार्टनर से कुछ कहते हैं और ना ही उनकी कोई बात सुनते हैं। वे एक ही छत के नीचे रहते हुए भी एकदूसरे से बात नहीं करते हैं, एक तरह से अपने पार्टनर से भावनात्मक दूरी बना लेते हैं। इसकी वजह से रिश्ते में निरासा और चिंता की स्थिति पैदा हो जाती है। अगर समय रहते रिश्ते में से साइलेंट ट्रीटमेंट को ना निकाला जाए तो रिश्ता बिना कारण के भी टूट जाता है।

Silent Treatment in Relationship
What is silent treatment in a relationship?

किसी भी रिश्ते में साइलेंट ट्रीटमेंट एक ऐसा व्यवहार होता है जिसमें व्यक्ति अपनी समस्या या किसी मुद्दे को पार्टनर के साथ सुलझाने के बजाय बात करना ही बंद कर देता है। एक तरह से दूरी बना लेता है, जिसमें अपनी भावनाओं को जाहिर करना कठिन हो जाता है।

 silent treatment
These are the disadvantages of silent treatment

रिश्ते में साइलेंट ट्रीटमेंट का गहरा असर पड़ता है। इसकी वजह से दरार तो पैदा होती ही है, साथ ही एकदूसरे के प्रति विश्वास भी कमजोर हो जाता है।

साइलेंट ट्रीटमेंट में एकदूसरे से बात नहीं हो पाने के कारण रिश्ते में चुप्पी आ जाती है और इसी वजह से दूरियां काफी ज्यादा बढ़ जाती है, जिसे एक समय के बाद दूर करना काफी मुश्किल हो जाता है।

Emotional distress
Emotional distress occurs

रिश्ते में साइलेंट ट्रीटमेंट से पार्टनर को भावनात्मक रूप से काफी तकलीफ होती है। साथ होते हुए भी उसे अकेलापन महसूस होता है और पार्टनर की कमी खलती है।

अगर किसी रिश्ते में लम्बे समय तक साइलेंट ट्रीटमेंट लगातार जारी रहता है, तो रिश्ते को संभलाना मुश्किल हो जाता है और एक समय के बाद रिश्ता अपने आप ही टूट जाता है।

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How to deal with silent treatment in a relationship

अगर आपका पार्टनर रिश्ते में साइलेंट ट्रीटमेंट दे रहा है, तो आप भी चुप ना रहें, बल्कि अपनी तरफ से प्रयास करके अपने पार्टनर से खुलकर बात करें और उन्हें बताएं कि आप कैसा महसूस कर रही हैं। आप ऐसा बिलकुल ना सोचें कि आपकी कोई गलती नहीं है तो आप क्यों शुरुआत करें।

जब आपके रिश्ते में प्यार के बजाए साइलेंट ट्रीटमेंट आ जाए, तो आप अपने पार्टनर की भावनाओं को समझने की कोशिश करें कि आखिर आपके पार्टनर को क्या हुआ है, जिसकी वजह से वे ऐसा व्यवहार कर रहे हैं।

counselor
Do not hesitate to take the help of a counselor

अगर आपके रिश्ते में साइलेंट ट्रीटमेंट आ गया है तो आप चुप रहने के बजाए इस समस्या का समाधान निकालें। अगर आप खुद से इस समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, तो किसी काउंसलर या थेरेपिस्ट की मदद लेने में भी हिचके नहीं, ताकि आपका रिश्ता पहले जैसा खुशहाल बन जाए।

ए अंकिता को मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और खास तौर पर लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट बीट में रुचि रखती हैं। लेखन के अलावा वेब सीरीज़ देखना, घूमना, संगीत सुनना और फोटोग्राफी...