Avoid Sharing Makeup Kit: मेकअप हम सबकी रोजाना की रूटीन का है हम हिस्सा है लेकिन एक आदत ऐसी है जिसमें हम अपना मेकअप दूसरों के साथ शेयर कर लेते हैं। अपनी किसी सहेली का लिपस्टिक या मस्कारा लेकर खुद लगा लेना आसान और जोखिम रहित लगता है जबकि सच इसके ठीक विपरीत है। सच तो यह है कि हमें ना तो अपने मेकअप से जुड़ी चीजें शेयर करनी चाहिए और न ही किसी और से मेकअप का सामान खुद पर लगाने के लिए लेना चाहिए।
बैक्टीरिया और वायरल इन्फेक्शन का खतरा

हमारी त्वचा में प्राकृतिक रूप से बैक्टीरिया पनपते हैं और जब मेकअप प्रोडक्ट्स हमारी त्वचा के संपर्क में आते हैं तो ये आसानी से इन बैक्टीरिया को ग्रहण कर लेते हैं। मेकअप शेयर करने से खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस के ट्रांसफर होने का जोखिम अपने आप बढ़ जाता है। इससे कंजंक्टिवाइटिस, स्टाइ, सर्दी जुकाम और स्टाफ इन्फेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है।
त्वचा रोगों का फैलना
यदि किसी को एक्ने, एक्जिमा या सर्दी जुकाम जैसी त्वचा संबंधी समस्या है, तो मेकअप शेयर करने से ये परेशनी दूसरों तक फैल सकती हैं। उदाहरण के लिए, हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस (जो सर्दी-जुकाम का कारण है) लिपस्टिक या लिप बाम जैसे प्रोडक्ट्स शेयर करने से आसानी से फैल सकता है।
संक्रमित हो जाना

एक बार आपका मेकअप प्रोडक्ट संक्रमित हो गया, तो इसमें बैक्टीरिया और फंगी पनपते रहते हैं। फाउंडेशन, कनसीलर और मस्कारा जैसे लिक्विड बेस्ड प्रोडक्ट्स आसानी से कॉन्टामिनेट हो जाते हैं क्योंकि ये गीले होते हैं और यहां बैक्टीरिया को पनपने और रहने में आसानी रहती है।
एलर्जिक रीएक्शन और स्किन सेंसिटिविटी
हर व्यक्ति की त्वचा अलग तरह से संवेदनशील और एलर्जी वाली होती है। किसी और का मेकअप प्रोडक्ट इस्तेमाल में लाने से खासकर फाउंडेशन या आई शैडो के इस्तेमाल से आप एलर्जन या ऐसे इंग्रेडिएंट्स से एक्सपोज होते हैं, जो आपकी त्वचा को नकारात्मक रूप से रीएक्ट करते हैं। इससे ही इरिटेशन, लालिमा या रैश होने का जोखिम होता है।
मेकअप प्रोडक्ट की प्रभावशीलता में कमी

जब एक ही मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल बार बार कई लोगों द्वारा किया जाता है, तो इसका फॉर्मूलेशन समय के साथ विभिन्न त्वचा टाइप और पर्यावरणीय कारकों के एक्सपोजर से बदल जाता है। इससे मेकअप प्रोडक्ट की प्रभावशीलता कम हो जाती है और टेक्सचर में भी बदलाव आ जाता है।
हाइजीन का मामला
बात जब मेकअप प्रोडक्ट्स की आती है, तो गुड हाइजीन बहुत जरूरी है। ब्रश, स्पन्ज और एप्लिकेटर जैसे पर्सनल मेकअप टूल्स को नियमित रूटीन से साफ करना जरूरी है। लेकिन जब आप इन्हें शेयर करती हैं तो संभव है कि ये अच्छी तरह से सैनिटाइज नहीं होते हैं, जिससे इनमें तेल, गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं और इसकी वजह से त्वचा में ब्रेकआउट और इन्फेक्शन होने का खतरा हो जाता है।
कैसे बनाए रखें मेकअप हाइजीन
मेकअप लगाते समय हमेशा साफ हाथों का इस्तेमाल करें।
मेकअप ब्रश और स्पन्ज को नियमित रूप से साफ करते रहें।
मेकअप कंटेनर में सीधे उंगली डालने से बचें।
लिप, आई या फेस मेकअप प्रोडक्ट्स को कभी भी शेयर न करें।
समय रहते मेकअप प्रोडक्ट्स को बदलते रहें ताकि इनमें बैक्टीरिया न पनपे।
