Loan Interest
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कार या घर लेने का बना रहे हैं प्लान तो ये समय है परफ़ेक्ट, अगले महीने से हो रही ईएमआई कम: Loan EMI

अगर आप भी घर या कार ख़रीदने का मन बना रहे हैं तो यह समय आपके लिए परफ़ेक्ट है क्योंकि अब लोन की ईएमआई कम होने वाली है।

Loan EMI: हर व्यक्ति चाहता है कि उसका अपना घर हो। इसके अलावा कार तो आजकल शौक़ से ज्यादा ज़रूरत बन गई है। अगर आपका छोटा परिवार भी है तो साथ जाने के कार की तो ज़रूरत होती ही है। इसलिए घर और कार ख़रीदने का सपना तो सभी देखते हैं, लेकिन, कुछ ही लोग इस सपने को पूरा कर पाते हैं। इस एक कारण यह है कि एक मुश्त पैसा देने की लोगों की स्थिति नहीं होती है। अगर आप भी इसी कारण परेशान हैं तो चलिए अब आपकी यह परेशानी दूर होने का समय आ गया है। दरअसल, इस साल में घर और कार लोन की ईएमआई कम होने वाली है। जानते हैं ईएमआई कम होने की क्या संभावनायें हैं।

रेपो रेट में हो सकती है कटौती

Loan EMI-Applying for home loan
Now you have to pay less on home loan

विशेषज्ञों के मुताबिक़ अगले महीने फरवरी की मॉनिटरी पॉलिसी में आरबीआई रेपो रेट में कटौती कर सकता है। इसके बाद होम, कार और दूसरे सभी लोन की ईएमआई कम होगी। महंगाई के चलते रिज़र्व बैंक ने पिछले दो सालों से ब्याज दरों में कटौती नहीं की है। इसलिए अब अनुमान है कि आरबीआई रेपो रेट में कटौती करेगा। बैंकिंग सिस्टम में आरबीआई ने नकदी की स्थिति सुधारने के लिए कैश रिजर्व रेशियो यानी की सीआरआर को 4.5% से कम करके 4% किया है। अब  बैंकों के पास ज्यादा पैसा रहेगा। इस कारण होम लोन और दूसरे लोन की ब्याज दरें कम होंगी। 

जीडीपी बढ़ने की उम्मीद

भारत की अर्थव्यवस्था में 2025 में सकारात्मक प्रगति की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है। यह सुधार मजबूत त्यौहारी गतिविधि और ग्रामीण मांग में निरंतर वृद्धि से प्रेरित है। हालाँकि, जुलाई-सितंबर में देश की आर्थिक वृद्धि सात तिमाहियों के निचले स्तर 5.4 प्रतिशत पर आ गई थी।

एचडीएफ़सी ने लागू कर दी घटी हुई दर

इस साल अधिकांश बैंक लोन के ऊपर ईएमआई कम करने वाले हैं। प्राइवेट क्षेत्र के बैंक एचडीएफ़सी ने यह घटी हुई लोन दर 7 जनवरी यानी मंगलवार से लागू कर दी हैं। लोन लेने वालों को राहत देते हुए अब होम लोन, पर्सनल लोन और बिजनेस लोन के लिए पहले के मुकाबले कम मासिक ईएमआई देनी होगी। एमसीएलआर  में पांच बेसिस प्वाइंट की कटौती कर इसे 9.20 फीसदी से 9.15 फीसदी कर दिया गया है। एमसीएलआर कम होने का मतलब है अब आपके लोन अमाउंट पर ब्याज कम हो जाएगा। एमसीएलआर किसी भी तरीक़े का लोन देने के लिए मूल न्यूनतम दर होती है। रिजर्व बैंक जब तक इसमें कोई बदलाव नहीं करता, यह ऐसे ही रहता है।

तो, आप भी अगर नये साल में घर लेने या कार लेने या फिर और कोई बड़ी ख़रीददारी का मन बना रहे हैं तो यह समय आपके लिए परफ़ेक्ट है क्योंकि अब ईएमआई का बोझ आपकी पॉकेट पर नहीं पड़ेगा।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...