when to start kids sleeping separately
when to start kids sleeping separately Credit: Istock

How to Stop Breastfeeding Habit: मां का दूध 6 महीने तक के बच्‍चे के लिए बेहद जरूरी और फायदेमंद होता है। इसके बाद बच्‍चा ठोस आहार लेने लगता है जिसके बाद बच्‍चे की दूध पर निर्भरता कम होती चली जाती है। लेकिन कुछ बच्‍चे 2 साल या उससे अधिक समय तक मां का दूध यानी ब्रेस्‍टफीडिंग करते हैं। एक्‍सपर्ट के अनुसार एक साल तक के बच्‍चे को मां को ब्रेस्‍टफीड कराना चाहिए लेकिन मां अपनी संतुष्‍टी के लिए बच्‍चे को दूध पिलाना जारी रखती हैं। डब्‍ल्‍यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार 25 फीसदी महिलाएं अपने बच्‍चे को 24 महीने या उससे अधिक तक ब्रेस्‍ट फीड कराती हैं। मां का ऐसा व्‍यवहार न केवल बच्‍चे के लिए बल्कि मां के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए समय रहते बच्‍चे को ठोस आहार दें और धीरे-धीरे बच्‍चे की ब्रेस्‍टफीड की आदत को छुड़ाएं।

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लंबे समय तक ब्रेस्‍टफीडि़ग करवाने से मां को नुकसान

How to Stop Breastfeeding Habit-अधिक ब्रेस्‍टफीडिंग से भी हो सकता है नुकसान
Harm to the mother due to breastfeeding for a long time

पीरियड्स पर असर: जो मां बच्‍चे को लगातार ब्रेस्‍टफीड कराती है उसकी मेंस्‍ट्रुअल साइकिल बिगड़ सकती है। ऐसा सामान्‍यता प्रोलैक्टिन हार्मोन के बढ़ने के कारण होता है जिससे लेक्‍टेशन होता है।
ऐंठन: लंबे समय तक फीड करने से महिला को ब्रेस्‍ट में ऐंठन की समस्‍या हो सकती है। कई बार ब्रेस्‍ट में झुनझुनी और सुन्‍नपन भी महसूस हो सकता है।
निप्‍पल में दर्द: बच्‍चा जब बड़ा हो जाता है तो वह तेजी से निप्‍पल को दबाता है। जिस वजह से निप्‍पल में दर्द हो सकता है। कई मामलों में निप्‍पल से खून भी आने लगता है।
ब्रेस्‍ट का लटकना: अधिक समय तक ब्रेस्‍टफीड करवाने से महिला के ब्रेस्‍ट टिशू ढीले पड़ जाते हैं। परिणामस्‍वरूप ब्रेस्‍ट लटक जाते हैं जो दिखने में भद्दे लगने लगते हैं।

लंबे समय तक ब्रेस्‍टफीडि़ंग करवाने से बच्‍चे को नुकसान

पेट न भरना: जिन बच्चों को ब्रेस्‍टफीड की आदत होती है उनका पेट हमेशा खाली रहता है। ऐसे बच्‍चे न ढंग से खाना खाते हैं और न ही उनका पेट मां के दूध से भरता है।

विकास में कमी: दो साल से अधिक उम्र के बच्‍चे यदि ब्रेस्‍टफीड करते हैं उनके मानसिक विकास में कमी आ सकती है। ऐसे बच्‍चे सही ढंग से खाना नहीं खाते और मां के दूध पर आश्रित रहते हैं।

बच्‍चे में चिड़चिड़ापन: ब्रेस्‍टफीडिंग करने वाले बच्‍चे चिड़चिड़े स्‍वभाव के हो सकते हैं। एक समय के बाद मां का दूध पर्याप्‍त मात्रा में नहीं आता जिससे बच्‍चे का पेट नहीं भरता। यही वजह है कि बच्‍चा भूखा रहता है और चिड़चिड़ाता है।

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ऐसे छुडाएं ब्रेस्‍टफीडिंग की आदत

अधिक ब्रेस्‍टफीडिंग से भी हो सकता है नुकसान
How to break the habit of breastfeeding

दे सॉलिड आहार: उम्र के साथ बच्‍चे की भूख में भी इजाफा होता है। ब्रेस्‍टफीड से बच्‍चे का पर्याप्‍त मात्रा में पेट नहीं भरता, इसलिए बच्‍चे को सॉलिड डाइट देना शुरू करें। बच्‍चे को दाल, रोटी और चावल दें ताकि उसका पेट लंबे समय तक भरा रहे।
प्‍यार से समझाएं: जिन बच्‍चों को ब्रेस्‍टफीड की आदत होती है उन्‍हें हर हाल में फीड करना होता है। ऐसे में बच्‍चे को प्‍यार से समझाएं। अपनी तकलीफ बच्‍चे के साथ शेयर करें।
स्‍नैकिंग दें: बच्‍चे को थोड़ी-थोड़ी देर में भूख लगने लगती है। यही वजह है कि वह मां से दूध की डिमांड करता है। यदि आपका बच्‍चा बार-बार भूखा हो जाता है तो उसे स्‍नैकिंग की आदत डालें। यानी कुछ अंतराल के बाद बच्‍चे को हेल्‍दी स्‍नैक्‍स दें ताकि उनका ध्‍यान ब्रेस्‍टमिल्‍क से भटक सके।