1. पपीता- हालांकि पपीता में पोषक तत्वों की अधिकता होती है, लेकिन फिर भी ये उन फलों में शामिल है जिसे प्रेगनेन्ट वुमन को खाने की सलाह कोई नहीं देता। पपीता शरीर को तापमान को बढ़ाने की क्षमता रखता है जो कि प्रेगनेन्सी के लिए घातक हो सकते हैं।इस फल में लेटेक्स मौजूद होता है जो कि ब्लीडिंग, मिसकैरिज करवा सकता है।
2. अनानास- अनानास को भी डॉक्टर्स पहले तीन महीने खाने से मना करते हैं। आनानास में मौजूद एंजाइम ब्रोमलेन गर्भाशय के नीचे ग्रीवा में संकुचन उत्पन्न कर देता है, जिसकी वजह से बिलीडिंग या मिसकैरिज की संभावना बढ़ जाती है।
3. अंगूर- जी हां, अंगूर भी इस लिस्ट में शामिल है क्योंकि अंगूर के छिलके आसानी से पचते नहीं है और ये कभी-कभी डायरिया का कारण बन जाते हैं। इतना ही नहीं अंगूर कभी भी बिना धोएं न खाएं। मॉर्निंग सिकनेस होने का एक कारण अंगूर खाना भी होता है।
4. इमली- इमली में विटामिन सी की प्रचूरता होती है और यही वजह है कि इसे प्रेगनेन्सी के दौरान संभलकर खाने की सलाह दी जाती है। अत्यधिक विटामिन सी शरीर में मौजूद प्रोजेस्टरोन नामक हारमोन के निर्माण को बाधित करती है जिसकी वजह से भी मिसकैरेज. ब्लीडिंग आदि होने की संभावना रहती है।
5. केला- यूं तो केला प्रेगनेन्सी में खाना अच्छा होता है, लेकिन डायबिटिक और जेस्टेशलन डायबिटिक मॉम्स केला से खुद को बिलकुल दूर रखें।
6. तरबूज़- ऐेसे तो तरबूज़ खाने से शरीर में मौजूद सभी टॉक्सिन फ्लश आउट हो जाते हैं, लेकिन इसे प्रेगनेन्सी के दौरान खाने से कभी-कभी मुमकिन है कि आप बेबी को उन टॉक्सिन्स से एक्सपोज़ कर रहे हैं। तरबूज का सेवन कभी-कभी डायरिया का कारण भी बनते हैं।
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