‘‘मुझे घर की साफ-सफाई करने वाले पदार्थों व मच्छर-मार स्प्रे से कितना ध्यान रखना होगा? क्या गर्भावस्था में नल का पानी पीना सुरक्षित रहेगा?”
गर्भावस्था में तो छोटी-छोटी बातें भी बहुत मायने रखती हैं। आपने भी सुना या पढ़ा होगा कि जब आप खास तौर से दो लोगों के लिए जी रही हों, तो सफाई करनेवाले पदार्थ, मच्छर मारने की दवाएं व पीने का पानी आदि हानिकारक हो सकते हैं।यदि आप थोड़ी-सी सावधानी बरतें तो आपके व आपके शिशु के लिए घर से सुरक्षित स्थान हो ही नहीं सकता। आपको इन तथा कथित घरेलू रुकावटों के बारे में निम्नलिखित जानकारी होनी चाहिएः
घर की सफाई के लिए बने उत्पाद :- रसोईघर का पोंछा लगाना हो या खाने की मेज चमकानी हो, काम तो आपको ही करना है। बस गर्भावस्था में थोड़ी-सी सावधानी बरतें और इन सुझावों पर दें ध्यान :-
- यदि इस उत्पाद की गंध बहुत तेज हो तो उसे नाक के पास ले जाकर न सूंघें। इसे ऐसी जगह इस्तेमाल करें, जो हवादार हो। बेहतर होगा कि आप अपने साथी से टॉयलेट की सफाई करने को कहें।
- अमोनिया व क्लोरीनयुक्त पदार्थ (चाहे गर्भावस्था न भी हो) कभी न मिलाएं। इस मेल से तेज लपटें उठ सकती हैं।
- ऐसे उत्पादों का प्रयोग न ही करें, जिन पर कई जगह जहरीले होने के लेबल हों या जैसे ओवन साफ करने वाले या ड्राईक्लीनिंग के लिए बने द्रव्य।
- कोई भी उत्पाद प्रयोग करने से पहले दस्ताने पहनें। इस तरह हाथों की त्वचा सुरक्षित रहेगी और त्वचा का रसायन से सीधा संपर्क भी नहीं हो पाएगा।
(सीसा) लैड :- हालांकि यह बच्चों के लिए इतना हानिकारक नहीं होता, लेकिन गर्भवती महिलाओं व बच्चों को इससे नुकसान हो सकता है। इससे बचने के लिए:-
- पीने के पानी में लैड पाया जाता है। अपने पानी को इससे बचाएं।
- पुराने पेंट में भी सीसा होता है। अगर आपका घर 50 वर्ष से पहले का हो और पपड़ियों में पेंट उतरता हो तो उसका काम खत्म होने तक कहीं और रहें। अगर घर की किसी दीवार या पुराने फर्नीचर का पेंट उखड़ हो रहा हो तो उसे मरम्मत करवाने में देर न करें।
- मिट्टी, पॉटरी व चीनी मिट्टी के पुराने बर्तनों में भी लैड पाया जाता है। हालांकि इनकी मात्रा स्पष्ट नहीं है, लेकिन आप ऐसी प्लेटों या बर्तन में खट्टे फल, सिरका, टमाटर,शराब या सॉफ्ट ड्रिंक न परोसें।
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नल का पानी :- आमतौर पर नलों से आनेवाला पानी साफ और सुरक्षित होता है। सुरक्षित पानी ही बेबी तक पहुंचे इसके लिए आपको निम्नलिखित उपाय करने चाहिए :-
- आप स्थानीय स्वास्थ्य विभाग से पेय जल या पीने की पानी की शुद्धता की जांच करवाएं। पता लगाएं कि आपके घर, दूसरों के मुकाबले गंदा या दुर्गंध वाला पानी तो नहीं आ रहा क्योंकि कभी-कभी डिसपोज़बल लाइन भी उसमें मिल जाती हैं या पीने के पानी की पाइप लाइन खराब हो सकती है। उनसे पानी को शुद्ध करने का तरीका पूछें और किसी भी तरह की शिकायत आने पर जांच अवश्य कराएं।
- यदि जांच में पानी खराब आए तो फिल्टर लगवाएं या फिर पीने व भोजन पकाने के लिए बोतल बंद पानी इस्तेमाल करें। यह न सोचें कि सभी बोतल बंद पानी की बोतलें सुरक्षित होती हैं। यह भी हो सकता है कि वे भी सादे पानी से ही भरी गई हों। कुछ बोतलों के पानी में फ्लोराइड भी नहीं होता,जो आपके शिशु के दांतों के लिए आवश्यक है। आसवित (डिस्टिल्ड) पानी भी न लें क्योंकि उसमें से भी फायदेमंद खनिज निकाल दिए जाते हैं।
- अगर जांच के बाद पानी में सीसे की मात्रा अधिक निकले तो पाइप लाइन का कनेक्शन कहीं और से ले लें। हालांकि यह हमेशा संभव नहीं होता इसलिए पीने व पकाने के लिए ठंडा पानी ही इस्तेमाल करें। पानी इस्तेमाल करने से पहले नल को पांच मिनट खुला छोड़ दें।
- अगर आपके पानी में क्लोरीन की ज्यादा गंध आए तो उसे उबालें या बिना ढके 24 घंटे पड़ा रहने दें ताकि वह गंध उड़ जाए।
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कीटनाशक उत्पाद (पेस्टीसाइड) :- हमें अक्सर कीड़े-मकोड़ों से सुरक्षा के लिए कीटनाशक उत्पाद इस्तेमाल करने पड़ते हैं। हालांकि गर्भावस्था में भी कुछ सावधानियों के साथ सब ठीक हो सकता है।
- यदि पास-पड़ोस में छिड़काव हुआ हो तो दवा की गंध रहने तक वहां न जाएं। घर की खिड़कियां बंद कर लें।
- अगर अपने ही घर में स्प्रे करवाना पड़े तो ध्यान रहे कि बर्तन व खाने-पीने का सामान उससे सुरक्षित रहे। घर में गंध भगाने के लिए खिड़कियां खुली रखें। सारी जगह धो-पोंछ कर साफ करने के बाद ही उस स्थान पर भोजन पकाएं। वैसे पेस्ट नियंत्रण के लिए कुदरती तरीके अपनाना बेहतर होगा। अपने बाग के बड़े पाइप के पानी की बौछार इस्तेमाल करें। इस काम के लिए खासतौर से बना ‘सोप मिक्स’ आता है, उसे इस्तेमाल करें। कुछ ऐसे कीड़ों को पालतू बना लें, जो आपको परेशान करने वाले कीड़े-मकोड़ों का काम तमामकर सकें।
- कीटनाशक लेने ही पड़ें तो, ऐसे लें जो जहरीले न हों। घर में नेफ्थलीन बॉल्स रखने की बजाय नीम की पत्तियां रखें। इनसे कपड़े ज्यादा सुरक्षित रहेंगे।
- घर में बच्चे या पालतू पशु-पक्षी हों तो उन्हें कीटनाशक उत्पादों से दूर ही रखें। यहां तक कि जहरीले माने जाने वाले कीटनाशकों में भी बोरिक एसिड पाया जाता है, जो निगलने या सूंघने पर जहरीला हो सकता है, आंखों में जलन पैदा कर सकता है। किसी स्थानीय पर्यावरणीय कैंप से कुदरती तरीकों व विधियों के बारे में राय ली जा सकती है।
- हालांकि इन वस्तुओं के थोड़े-बहुत प्रयोग से कोई नुकसान नहीं होता। यदि इन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाए तो -जैसे कि रसायन फैक्ट्री में काम करना तो इनके बुरे प्रभाव सामने आ सकते हैं।
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पेंट की गंध :- सारे पशु जगत में नन्हे के आने से पहले जबरदस्त तैयारियां की जाती हैं। पक्षी घोंसले बनाते हैं, गिलहरियां अपने घर कोटहनियों व पत्तियों से नरम बनाती हैं, पुरुष व स्त्री, ऑनलाइन डिज़ाइन के नमूने देखने में व्यस्त होते हैं। आमतौर पर इसमें शिशु के कमरे का पेंट भी शामिल होता है (जब आप रंग चुन लें) वैसे आजकल पेंट में सीसा या मर्करी नहीं पाया जाता, इसलिए वे गर्भावस्था में भी पूरी तरह सुरक्षित माने जाते हैं। फिर भी ऐसे कई कारक हैं, जिनकी वजह से आपको अपना पेंटिंग ब्रश किसी दूसरे के हाथ में देना पड़ सकता है। गर्भावस्था में भार ज्यादा होता है, लगातार पेंट करने से पीठ की मांसपेशियों पर दबाव पड़ कर, उनमें दर्द हो सकता है। पेंट करते समय सीढ़ी पर चढ़ने से पैर फिसल सकता है और पेंट की गंध से जी मिचला सकता है।जब घर में पेंट हो रहा हो, तो इस दौरान बाहर रहने की कोशिश करें। घर की सभी खिड़कियां खुली हों। पेंट रिमूवर के इस्तेमाल से भी बचें क्योंकि वे काफी जहरीले होते हैं। अगर पुराना पेंट उतारा जा रहा है तो उसमें मर्करी या लैड का इस्तेमाल भी हो सकता है।
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