Parad Shivling Worship: सावन के महीने में भगवान शिव की भक्ति करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है क्योंकि इस महीने में भोलेनाथ माता पार्वती के साथ धरतीलोक पर विराजमान रहते हैं। इसलिए सावन के पूरे महीने में भक्तगण भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा करते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि सावन के महीने में की जाने वाली शिव पूजा से भोलेनाथ बहुत अधिक प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। भोलेनाथ की पूजा में पारद शिवलिंग को बहुत ही श्रेष्ठ माना जाता है। पारद शिवलिंग पारा धातु और जड़ी बूटियों से मिलकर बना होता है। भक्तगणों का विश्वास है कि पारद शिवलिंग में भगवान शिव अपने वास्तविक रूप में विद्यमान होते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पारद शिवलिंग की पूजा करने से सभी तरह की नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं। आज इस लेख में हम जानेंगे कि पारद शिवलिंग क्या होता है और पारद शिवलिंग पूजा का महत्व क्या है।
शिव परिवार का प्रतीक है पारद शिवलिंग

पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि सावन के महीने में पारद शिवलिंग की पूजा करने से व्यक्ति को भोलेनाथ के साथ साथ भोलेनाथ के पूरे परिवार का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पारद शिवलिंग पर 12 ज्योतिर्लिंगों के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय, शिव जी के नंदी बैल और श्रीयंत्र भी बने हुए हैं। अकेले पारद शिवलिंग की पूजा करने से ही पूरे शिव परिवार की पूजा के समान पुण्य प्राप्त होता है। पारद शिवलिंग में 70 से 75 प्रतिशत पारा धातु और 25 से 30 प्रतिशत शुद्ध जड़ी बूटियां मिलाई जाती हैं।
पारद शिवलिंग की पूजा विधि

सावन के महीने में विधि विधान से पारद और स्फटिक शिवलिंग की पूजा करना कल्याणकारी होता है। पारद शिवलिंग की पूजा के दिन ब्रह्ममुहुर्त में उठकर स्नान आदि कार्य खत्म कर लेने चाहिए। इसके बाद मंदिर की सफाई करनी चाहिए। मंदिर में सफेद कपड़े का आसन बिछाकर पारद शिवलिंग की स्थापना इस प्रकार करें कि पारद शिवलिंग की पूजा करते समय जातक का मुंह उत्तर- पूर्व दिशा की तरफ रहे। पारद शिवलिंग के दाहिनी तरफ घी का दिया जलाएं और ॐ मृत्युभजाय नमः, नीलकंठाय नमः, ॐ रुद्राय नमः और ॐ शिवाय नमः मंत्रों का जाप करें। मंत्र जाप करने के बाद हाथों में कुछ चावल और फूल लेकर पारद शिवलिंग पर अर्पित जरूर करें। ऐसा करने का अर्थ होता हुआ की हमारी पूजा संपन्न हो गई है।
पारद शिवलिंग की पूजा का महत्व और लाभ

ब्रह्मपुराण, वैवर्तपुराण, शिव पुराण और अन्य धर्मग्रंथों में पारद शिवलिंग की महिमा का वर्णन मिलता है। शहरों के अनुसार, पारद शिवलिंग की पूजा से व्यक्ति के जीवन में चल रही सभी तरह की परेशानियां दूर होने लगती है। व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है और उसके घर में सुख समृद्धि का वास होता है। यदि घर में कोई लंबे समय से किसी बीमारी से पीड़ित हो तो उसे पारद शिवलिंग की पूजा जरूर करनी चाहिए। आर्थिक हानि से बचने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए पारद शिवलिंग की पूजा बेहद लाभकारी होती है।
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