अगर मानसून के मौसम में आपको भी आ रहा है आलस तो यह करें ट्राई: Monsoon Laziness
Monsoon Laziness

Monsoon Laziness: अभी मानसून का मौसम चल रहा है तो क्या आपको सुबह बिस्तर से उठने के लिए प्रयास करना पड़ता है। अगर ऐसा है तो इसमें आपका कोई दोष नहीं क्योंकि इस मौसम में ऐसा हो सकता है लेकिन इसका आपके आहार पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। आप रोजाना जो खाते हैं उससे आपके शरीर की ऊर्जा प्रभावित होती है जिससे आप पूरा दिन एक्टिव रह सकते हैं। गलत आहार के कारण आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं। मानसून के मौसम में हम तला हुआ खाना पसंद करते हैं जैसे पकोड़े, समोसे और भाजी। इस मौसम में आप समझते हैं कि बारिश और पकोड़े साथ-साथ चलते हैं लेकिन आप यह नहीं समझ पाते कि यह आपके लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है। तले हुए खाद्य पदार्थों में वसा और कार्ब्स की मात्रा अधिक होती है। इसका सेवन करने से आपका पेट अत्यधिक भरा हुआ हो सकता है जिससे शरीर में ऊर्जा की कमी हो सकती है। इसलिए आप आलस और थका हुआ महसूस कर सकते हैं। इसलिए यहां हम आपको मानसून के मौसम में खाने की कुछ चीजें बताएंगे जो आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में-

  • मसाला चाय– लोगों को मसाला चाय सर्दियों में बेहद पसंद होती है। यह इसके मसालों के लिए प्रसिद्ध होती है मसाला चाय में लौंग, दालचीनी, इलायची और अदरक शामिल होते हैं। जो कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और ये हमें मौसमी बीमारियों के जोखिम से बचाते हैं और इम्यूनिटी बनाए रखने में मदद कर सकते है। इसके अलावा मसाला चाय आपको एनर्जेटिक महसूस कराती है।
  • सूप– ऐसे मौसम में सूप से बेहतर और क्या हो सकता है। सूप से ना केवल भूख मिटती है बल्कि यह आप को मजबूत बनाए रखने के लिए भी अच्छा खाद्य पदार्थ है। इससे आपको आवश्यक पोषक तत्व भी मिलते हैं और यह आपको आलस से भी बचाए रखता है।
  • खिचड़ी– खिचड़ी में चावल और दाल को सही मात्रा में मिला लिया जाए तो यह पावर हाउस की तरह काम करती है । इसमें पोषक तत्व भरपूर होते है और इससे आप एनर्जेटिक महसूस करते हैं। खिचड़ी को बनाना बेहद आसान होता है।
  • काढ़ा और हर्बल ड्रिंक्स– काढ़ा को प्राचीन काल से ही चिकित्सा के लिए उपयोग किया जा रहा है। कई प्रकार की जड़ी बूटियों और मसालों के मिश्रण से बना काढ़ा आपकी इम्यूनिटी को स्ट्रांग करने और आपको पूरा दिन एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करता है। यह आपको मौसमी फ्लू को रोकने में भी मदद कर सकता है।
  • प्रोबायोटिक्स– हमारी बॉडी की एनर्जी का हमारे पेट के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। पाचन तंत्र ठीक रहने से हम स्वस्थ और सक्रिय महसूस करते हैं इसलिए मानसून के मौसम में गैस एसिडिटी और आंत संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए आपको अपनी डाइट में पर्याप्त मात्रा में प्रोबायोटिक्स शामिल करना चाहिए।

मेरा नाम सुनेना है और मैं बीते पाँच वर्षों से हिंदी कंटेंट लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हूं। विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य, मानसिक सेहत, पारिवारिक रिश्ते, बच्चों की परवरिश और सामाजिक चेतना से जुड़े विषयों पर काम किया है। वर्तमान में मैं...