ब्लड प्रेशर बढ़ने से शरीर को घेर लेती हैं ये बीमारियां
World Hypertension Day : हाइपरटेंशन काफी गंभीर समस्या उत्पन्न कर सकता है। आइए जानते हैं हाई ब्लड प्रेशर बढ़ने पर कौन सी बीमारियां होने का खतरा रहता है?
World Hypertension Day: हाइपरटेंशन या फिर हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी बहुत ही खतरनाक होती है। अगर समय पर इसका इलाज न कराया जाए, तो यह काफी गंभीर रूप धारण कर लेता है। हाइपरटेंशन की परेशानी होने पर स्ट्रोक, हार्ट फेलियर, किडनी फेलियर जैसी अन्य चिकित्सा समस्याओं का खतरा रहता है। आज विश्व हाइपरटेंशन दिवस के मौके पर हम आपको ब्लड प्रेशर बढ़ने से होने वाली कुछ गंभीर बीमारियों के बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं ब्लड प्रेशर बढ़ने पर होने वाली कुछ गंभीर बीमारियां?
स्ट्रोक का खतरा

हाइपरटेंशन की स्थिति गंभीर होने पर स्ट्रोक का खतरा रहता है। स्ट्रोक को ब्रेन अटैक भी कहा जाता है। यह परेशानी मरीजों को तब होती है, जब ब्रेन के किसी हिस्से में ब्लड सही तरीके से पहुंच नहीं पाता है या फिर ब्लड वेसेल्स किसी कारण से फट जाती हैं। ब्रेन स्ट्रोक गंभीर होने पर मरीज की जान भी चली जाती है। इसके अलावा मरीज कोमा में भी जा सकता है। यह काफी ज्यादा गंभीर स्थिति है।
हार्ट अटैक
हाई ब्लड प्रेशर का अगर समय पर इलाज न कराया जाए, तो मरीज को हार्ट अटैक आने की संभावना भी अधिक हो जाती है। हार्ट अटैक की स्थिति मरीज में तब बनती है, जब हार्ट में ब्लड सर्कुलेशन में किसी भी तरह की अवरुद्ध उत्पन्न हो जाती है। हार्ट अटैक की स्थिति में मरीजों को बेचैनी, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, मिचली आना, चक्कर आना जैसे लक्षण महसूस होते हैं।

किडनी डिसीज़
हाई ब्लड प्रेशर किडनी को कैसे प्रभावित करता है। दरअसल, हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में रक्त वाहिकाओं में संकुचन और संकीर्ण की परेशानी होने लगती है, जिसकी वजह से गुर्दे सहित शरीर के अन्य अंगों में नुकसान पहुंचने लगता है। रक्त वेसेल्स में संकुचन की वजह से ब्लड सर्कुलेशन कम होने लगता है, जो किडनी की बीमारियों या फिर किडनी की विफलता का कारण बन सकता है।

प्रेग्नेंसी में परेशानी
हाइपरटेंशन न सिर्फ बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि यह प्रेग्नेंसी में भी कई तरह की परेशानियों को उत्पन्न कर सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर प्रेग्नेंट महिलाओं को हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी गोती है, तो उन्हें प्रीक्लेम्पसिया, एक्लम्पसिया, स्ट्रोक, लेबर इंडक्शन और प्लेसेंटल एबॉर्शन की परेशानी होने की संभावना बढ़ जाती है।

आंखों का डैमेज होना
हाइपरटेंशन का अगर समय पर इलाज न कराया जाए, तो यह रेटिना में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। रेटिना आंख के पिछले हिस्से में ऊतक की परत होती है। यह प्रकाश और इमेज को बदलता है जो मस्तिष्क को भेजे जाने वाले तंत्रिका संकेतों के जरिए आंख में प्रवेश करते हैं। हाई ब्लड प्रेशर से रेटिना को होने वाले नुकसान को हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी कहा जाता है। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क की जरूरत होती है।

हाई ब्लड प्रेशर की गंभीर स्थितियों से बचाव के लिए आपको तुरंत डॉक्टर से मदद की जरूरत होती है, ताकि आपका समय पर इलाज किया जा सके। साथ ही स्थिति की गंभीरता को रोका जा सके।
