Antidepressants Side Effects: एंटी डिप्रेसेंट का प्रयोग करने से होने वाले साइड इफेक्ट्स में सबसे मुख्य वजन बढ़ना है। ऐसा एंटी डिप्रेसेंट प्रयोग करने वाले 25 प्रतिशत लोगों में देखने को मिला है। हालांकि हर एक व्यक्ति पर इसका प्रभाव अलग अलग हो सकता है क्योंकि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। एंटी डिप्रेसेंट का सेवन करने से वजन क्यों बढ़ता है इस बारे में डॉक्टर स्पष्ट तरह से जानते नहीं हैं लेकिन कुछ निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं। एंटी डिप्रेसेंट के अलग अलग प्रकार होते हैं। कुछ प्रकार वजन बढ़ा सकते हैं तो कुछ को खाने से शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। एंटी डिप्रेसेंट का सेवन करने से होने वाले वेट गैन को कुछ टिप्स की मदद से रोका भी जा सकता है। आइए जानते हैं इसके पीछे के कारण और इलाज के बारे में।
एंटी डिप्रेसेंट का सेवन करने से वजन क्यों बढ़ता है?

- एक्सपर्ट्स इसके पीछे के कारण और इन दोनों चीजों के लिंक को अभी ढंग से नहीं पकड़ पाए है। एक थ्योरी यह कहती है कि एंटी डिप्रेसेंट का सेवन करने से भूख और मेटाबॉलिज्म प्रभावित होते हैं, यह कारण भी वजन बढ़ने का संभव है।
- डिप्रेशन भी सबसे मुख्य कारण होता है। इसकी वजह से कुछ लोगों का वजन काफी ज्यादा बढ़ जाता है और कुछ लोगों का कम हो जाता है।
- डिप्रेशन और स्ट्रेस की स्थिति में बहुत सारे लोग अपनी मानसिक स्थिति को भुलाने के लिए ईटिंग का सहारा लेते हैं और वह इस समय काफी सारी ओवर ईटिंग कर लेते है जिस वजह से वजन बढ़ना काफी संभव है।
- सेरोटोनिन जोकि एक ऐसा न्यूरो ट्रांसमीटर है जो एंजाइटी को रेगूलेट करता है। एंटी डिप्रेसेंट इसके साथ हस्तक्षेप करते है। यह हार्मोन हमारी भूख और मूड को भी कंट्रोल करता है। इन बदलावों के कारण आपको ज्यादा कार्ब्स वाली चीजें खाने का मन कर सकता है। यही कारण है कि आप ब्रेड, पेस्ट जैसे बाहर के फूड को ज्यादा क्रेव करते हैं।
- कुछ लोगों को इस स्थिति में ज्यादा भूख लगने लगती है। कई बार एंटी डिप्रेसेंट से आपकी भूख पर भी उल्टा असर होता है। इसलिए भी आपका वजन बढ़ सकता है। अगर आपको डिप्रेशन के कारण भूख नहीं लगती थी तो यह आपकी पुरानी भूख को वापिस ला सकता है।
एंटी डिप्रेसेंट के कारण बढ़ने वाले वजन को किस तरह कम करें?
- अपनी डाइट में पोटेशियम एड करें : दवाइयों के कारण बढ़ने वाले वजन को कम करने के लिए आपको पोटैशियम से भरपूर चीजों का सेवन करना होगा। जब भी आपको बाहर की चीजों की क्रेविंग होती है तो आप उनकी बजाए हेल्दी ऑप्शन का चुनाव कर सकते हैं जिसमें पोटेशियम मौजूद हो जैसे केले, एवोकाडो और नारियल का पानी आदि।
- नमक का सेवन कम कर दें : अगर आप हर चीज में कम नमक प्रयोग करेंगे तो आपको खाना इतना ज्यादा स्वादिष्ट नहीं लगेगा जिस वजह से आप काफी कम खाना शुरू कर देंगे। इससे आपकी भूख भी कंट्रोल होगी और कम नमक का सेवन करना आपकी सेहत के लिए भी अच्छा होता है।
- थोड़ी मात्रा में खाएं : अगर आपकी भूख बढ़ गई है तो आपको कम कम पोर्शन में खाना खाना चाहिए। आप मील को छोटे छोटे टुकड़ों में थोड़े थोड़े समय के अंतराल के बाद खाने के आधार पर बांट सकते हैं।
- आपको इस समय एक्टिव रहने की कोशिश करनी होगी और जितना हो सके आप सोशलाइज करने की कोशिश करें। इससे आपका मन खाने से हट कर बाहर की चीजों में लगेगा जिससे आपकी मानसिक सेहत भी सुधरेगी।
