Cleansing for oily skin: महिलाएं तैलीय त्वचा से अकसर परेशान रहती हैं, खासकर गॢमयों में इन्हें ज्यादा दिक्कत होती है। ऐसे में जरूरी है कि अपने चेहरे का ख्याल रखा जाए। आइए जानते हैं कैसे-
त्वचा की नियमित देखभाल करने के लिए आपको अपनी स्किन टाइप के बारे में जानना बेहद जरूरी है। ताकि आप अपनी त्वचा की जरूरत के हिसाब से सौंदर्य उत्पादों का चयन कर सकें और त्वचा का ध्यान रख सकें। वरना संभव है कि आपको त्वचा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मसलन ऑयली स्किन में वैसे ही तेल बनाने वाली गं्रथियां काफी सक्रिय होती हैं। गर्मी और उमस भरे मौसम में तो ये और ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, जिसके कारण त्वचा पर ब्लैकहेड्स, पिंपल्स, एक्नेे और दाग-धब्बे होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए तैलीय त्वचा की नियमित साफ-सफाई और देखभाल करना जरूरी हो जाता है।
क्लींजिंग
तैलीय त्वचा की देखभाल करने में क्लींजिंग की अहम् भूमिका है। क्लींजिंग से न केवल त्वचा के रोमछिद्रों से तेल साफ हो जाता है, बल्कि धूल-मिट्टी और प्रदूषक तत्व हट जाते हैं। क्लींजिंग लोशन से धोने के बाद रूई में एस्ट्रिजेंट लोशन लगाकर चेहरा साफ करें। अगर एस्ट्रिजेंट लोशन बहुत तेज लगे, तो इसमें बराबर मात्रा में गुलाबजल मिलाकर भी लगा सकते हैं। इसके अलावा गुलाबजल और खीरे के जूस को बराबर मात्रा में मिलाकर भी चेहरे पर लगा सकते हैं। यह तैलीय त्वचा की चिपचिपाहट को कम करने और निखारने में मदद करता है। औषधीय साबुन या क्लींजर इस्तेमाल करें।
एक्सफोलिएशन

यह तैलीय त्वचा की देखरेख का अहम् हिस्सा है। इसमें त्वचा के रोमछिद्रों की डीप क्लींजिंग के लिए रसोई में मौजूद अनाज या स्क्रब का इस्तेमाल किया जाता है। तैलीय त्वचा के लिए स्क्रब आप घर पर भी तैयार कर सकते हैं। इसके लिए चावल के पाउडर में थोड़ा-सा गुलाबजल मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। तैयार पेस्ट को हल्के हाथों से चेहरे पर लगाएं। 3-4 मिनट तक क्लॉक-वाइज और एंटी क्लॉक-वाइज मसाज करें। फिर पानी से धो लें। ध्यान रखें कि अगर चेहरे पर पिंपल्स या एक्ने हों, तो स्क्रब को न लगाएं। इन्हें त्वचा पर हल्के हाथों से धीरे-धीरे मसाज करते हुए लगाएं, फिर चेहरा पानी से धो लें। एक्सफोलिशन त्वचा की बनावट में सुधार लाता है।
विभिन्न क्लींजिंग उत्पाद
तैलीय त्वचा की क्लींजिंग के लिए चंदनयुक्त क्लींजिंग मिल्क या तुलसी-नीम युक्त फेसवॉश का इस्तेमाल कर सकते हैं। एंटीसेप्टिक औषधीय साबुन भी कारगर हैं। यह साबुन चंदन, नारियल का तेल और अरिष्टक जैसे प्राकृतिक क्लींजर के साथ आंवला, हल्दी और तुलसी के अर्क को मिलाकर बनाया गया है। ये दाद-खाज-खुजली, घमौरियों, फोड़े-फुंसियों जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करते हैं। साथ ही एंटिसेप्टिक गुणों की बदौलत त्वचा को कोमल और युवा बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
नेचुरल क्लींजर
तैलीय त्वचा को साफ करने के लिए घर में ऐसे कई प्राकृतिक चीजें मिल जाती हैं, जिन्हें नेचुरल क्लींजर के रूप में आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं-
खीरा-नींबू-गुलाबजल क्लींजर

सामग्री: खीरे का रस 1 छोटा चम्मच, नींबू का रस आधा छोटा चम्मच, गुलाबजल आधा छोटा चम्मच।
विधि: एक कटोरी में तीनो चीजें डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
कैसे लगाएं: तैयार मिश्रण को रूई के फाहे से चेहरे पर लगाएं। दस मिनट बाद पानी में भिगोई रूई से चेहरा साफ करें। चेहरा पानी से अच्छी तरह धो लें।
नींबू-खीरे का रस-दूध क्लींजर

सामग्री: खीरे का रस 1 छोटा चम्मच, नींबू का रस एक चौथाई छोटा चम्मच, ठंडा दूध 1 छोटा चम्मच।
विधि: एक कटोरी में तीनो चीजें डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
कैसे लगाएं: तैयार मिश्रण को रूई के फाहे से चेहरे पर लगाएं। पंद्रह मिनट बाद चेहरा पानी से अच्छी तरह धो लें।
अंडा-नींबू का रस क्लींजर

सामग्री: अंडे का सफेद हिस्सा 1-2 छोटे चम्मच, नींबू का रस एक-चौथाई छोटा चम्मच।
विधि: एक कटोरी में दोनों चीजें डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
कैसे लगाएं: रूई के फाहे की मदद से तैयार मिश्रण चेहरे पर लगाएं। पंद्रह मिनट सूखने दें। फिर चेहरा पानी से अच्छी तरह धो लें।
